Ro no D15139/23

मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय के नेतृत्व में जल संरक्षण को नई गति, “मोर गाँव मोर पानी महाभियान” बना ग्रामीण समृद्धि का आधार

 

सेमरदर्री में प्रतिदिन 67 लाख 23 हजार लीटर वर्षा जल का भू-जल में हो रहा रिचार्ज, हजारों मानव दिवस का रोजगार भी सृजित

रायपुर, 23 जुलाई 2026। मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय के नेतृत्व में प्रदेश में जल संरक्षण, प्राकृतिक संसाधनों के संवर्धन और ग्रामीण विकास को नई दिशा देने के उद्देश्य से संचालित वीबी जी राम जी योजना के अंतर्गत “मोर गाँव मोर पानी महाभियान” उल्लेखनीय परिणाम दे रहा है। यह अभियान जल संकट के स्थायी समाधान के साथ-साथ ग्रामीणों के लिए रोजगार सृजन और पर्यावरण संरक्षण का प्रभावी माध्यम बनकर उभर रहा है। गौरेला-पेंड्रा-मरवाही जिले की ग्राम पंचायत सेमरदर्री इसका प्रेरणादायी उदाहरण बन गई है, जहाँ वैज्ञानिक पद्धति से किए गए कार्यों से प्रतिदिन लाखों लीटर वर्षा जल भूमि में समाहित होकर भू-जल स्तर को समृद्ध कर रहा है।

जिले के मरवाही विकासखंड अंतर्गत ग्राम पंचायत सेमरदर्री के भाटा-टिकरा, शीतल गडहा तथा पथरा कोड़ी क्षेत्र में 8300 स्टैगर्ड कंटूर ट्रेंच का निर्माण कराया गया है। वर्षा ऋतु में इन संरचनाओं के माध्यम से प्रतिदिन लगभग 67 लाख 23 हजार लीटर पानी का भू-जल में रिचार्ज हो रहा है। इससे वर्षा जल का अपव्यय रुक रहा है, भू-जल स्तर में निरंतर सुधार हो रहा है तथा मिट्टी की नमी लंबे समय तक सुरक्षित रहने से कृषि और वन क्षेत्र को भी व्यापक लाभ मिल रहा है।

मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय की मंशा के अनुरूप यह अभियान केवल जल संरक्षण तक सीमित नहीं है, बल्कि ग्रामीण अर्थव्यवस्था को भी मजबूत कर रहा है। ट्रेंच निर्माण कार्य में प्रतिदिन लगभग 100 से 120 श्रमिकों को रोजगार मिला है तथा अब तक 8078 मानव दिवस का रोजगार सृजित किया जा चुका है। इससे ग्रामीण परिवारों की आय में वृद्धि हुई है और स्थानीय स्तर पर रोजगार के नए अवसर उपलब्ध हुए हैं।

जिला प्रशासन द्वारा जनभागीदारी को केंद्र में रखकर जल संरक्षण को जनआंदोलन का स्वरूप दिया जा रहा है। विभिन्न ग्राम पंचायतों में जल संरक्षण से जुड़े स्थायी कार्यों को प्राथमिकता दी जा रही है, जिससे आने वाले वर्षों में जल उपलब्धता बढ़ेगी, खेती अधिक टिकाऊ बनेगी और पर्यावरण संतुलन को भी मजबूती मिलेगी।

“मोर गाँव मोर पानी महाभियान” मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय की दूरदर्शी सोच और प्रकृति संरक्षण के प्रति उनकी प्रतिबद्धता का सशक्त उदाहरण बनकर सामने आया है। यह अभियान जल सुरक्षा, भू-जल संवर्धन, पर्यावरण संरक्षण और ग्रामीण विकास के साथ-साथ आत्मनिर्भर गाँवों के निर्माण की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल सिद्ध हो रहा है। आने वाले समय में इस प्रकार के कार्य प्रदेश के अन्य क्षेत्रों के लिए भी प्रेरणा बनेंगे और जल संरक्षण की संस्कृति को और अधिक सशक्त करेंगे।

  • Related Posts

    डिजिटल क्रांति की राह पर सारंगढ़-बिलाईगढ़

      तकनीक से बदली खेती की तस्वीर, डिजिटल क्रॉप सर्वे में रचा इतिहास विष्णु प्रसाद वर्मा, गुलाब डडसेना, सहायक संचालक रायपुर, 07 सितंबर 2026/ छत्तीसगढ़ का नवगठित जिला सारंगढ़-बिलाईगढ़ तकनीक…

    Read more

    धमतरी में रैपिडो की सेवाएं शुरू, आवागमन को मिलेगी नई सुविधा

      स्थानीय नागरिकों एवं जरूरतमंदों के लिए सुविधाजनक और सुलभ परिवहन विकल्प उपलब्ध धमतरी, 07 सितंबर 2026/ जिले में नागरिकों को सुगम एवं सुविधाजनक आवागमन की सुविधा उपलब्ध कराने की…

    Read more

    NATIONAL

    नेटिजन बनने से पहले सिटिजन बनें युवा : प्रो. संजय द्विवेदी

    नेटिजन बनने से पहले सिटिजन बनें युवा : प्रो. संजय द्विवेदी

    समग्र यूरोप को मिला अनूठा आध्यात्मिक उपहार ● फ्रांस में हुआ देश के पहले पारंपरिक हिंदू मंदिर का भव्य प्रतिष्ठा महोत्सव संपन्न

    समग्र यूरोप को मिला अनूठा आध्यात्मिक उपहार ● फ्रांस में हुआ देश के पहले पारंपरिक हिंदू मंदिर का भव्य प्रतिष्ठा महोत्सव संपन्न

    बिहार और केन्द्र सरकार ने बिहार के हितों की बलि चढ़़ा दी : जदयु

    बिहार और केन्द्र सरकार ने बिहार के हितों की बलि चढ़़ा दी : जदयु

    Video news मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी कटाव का निरीक्षण करने पहुंचे नवगछिया, कहां जल्द ही होगा स्थाई समाधान…

    Video news मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी कटाव का निरीक्षण करने पहुंचे नवगछिया, कहां जल्द ही होगा स्थाई समाधान…

    फ्लाइट के पायलट को नौकरी से निकाला गया, हवा में 300 फीट गिरा था विमान

    फ्लाइट के पायलट को नौकरी से निकाला गया, हवा में 300 फीट गिरा था विमान

    मोदी के लिए आया था चॉकलेट का ‘इंडिया गेट’, रास्ते में टूट गया… लेकिन इसके पीछे छिपी है 9,000 भारतीय सैनिकों की कहानी

    मोदी के लिए आया था चॉकलेट का ‘इंडिया गेट’, रास्ते में टूट गया… लेकिन इसके पीछे छिपी है 9,000 भारतीय सैनिकों की कहानी