
Virat Kohli student protest fact check: देशभर में परीक्षा प्रणाली की पारदर्शिता और निष्पक्षता को लेकर जारी छात्र आंदोलनों के बीच सोशल मीडिया पर भारतीय क्रिकेटर विराट कोहली के नाम से एक कथित ट्वीट तेजी से वायरल हो गया. इस पोस्ट में दावा किया गया कि विराट कोहली ने छात्रों के आंदोलन का समर्थन करते हुए सरकार से उनकी मांगों पर गंभीरता से विचार करने की अपील की है. हालांकि, जांच में यह दावा पूरी तरह फर्जी साबित हुआ. वायरल पोस्ट विराट कोहली के किसी भी आधिकारिक सोशल मीडिया अकाउंट से साझा नहीं किया गया था, बल्कि एक फर्जी अकाउंट से पोस्ट किया गया था.
क्या था वायरल दावा?
सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X (पूर्व में ट्विटर) पर @Highonchurma नाम के एक अकाउंट से एक पोस्ट शेयर की गई, जिसमें विराट कोहली की प्रोफाइल फोटो और नाम का इस्तेमाल किया गया था. पोस्ट में लिखा था, “Students deserve a fair system, transparent examinations, and a future built on merit. The concerns being raised by students should be heard seriously. I hope the authorities take immediate and meaningful action to address their grievances. The future of our country deserves justice, transparency and accountability.” इस पोस्ट को हजारों लोगों ने शेयर किया और कई यूजर्स ने इसे विराट कोहली का आधिकारिक बयान मान लिया.
फैक्ट चेक: क्या विराट कोहली ने सच में किया समर्थन?
जांच में सामने आया कि विराट कोहली ने अपने किसी भी आधिकारिक सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म (X, इंस्टाग्राम या फेसबुक) पर ऐसा कोई बयान जारी नहीं किया है. वायरल पोस्ट उनके वेरिफाइड अकाउंट से नहीं किया गया था और न ही उनके किसी आधिकारिक प्रतिनिधि ने इस तरह का कोई बयान जारी किया है. इसलिए यह दावा कि विराट कोहली ने छात्र आंदोलन का समर्थन किया है, पूरी तरह गलत और भ्रामक है.
कैसे लोगों को किया गया गुमराह?
वायरल पोस्ट में विराट कोहली का नाम, प्रोफाइल फोटो और ट्वीट का फॉर्मेट बिल्कुल असली जैसा दिखाया गया. इसी वजह से बड़ी संख्या में सोशल मीडिया यूजर्स इसे असली पोस्ट समझ बैठे. हालांकि, ध्यान से देखने पर स्पष्ट होता है कि पोस्ट किसी वेरिफाइड अकाउंट से नहीं था. यह एक ऐसा अकाउंट था जो विराट कोहली की पहचान का इस्तेमाल कर लोगों को भ्रमित कर रहा था.
छात्र आंदोलन के बीच बढ़ी चर्चा
हाल के दिनों में परीक्षा पारदर्शिता और कथित नीट पेपर लीक जैसे मुद्दों को लेकर देशभर में छात्रों का विरोध प्रदर्शन जारी है. दिल्ली के जंतर-मंतर पर बड़ी संख्या में छात्र प्रदर्शन कर रहे हैं. इसी दौरान सोशल मीडिया पर कई सार्वजनिक हस्तियों से प्रतिक्रिया की मांग भी उठी. ऐसे माहौल में विराट कोहली के नाम से वायरल हुआ फर्जी ट्वीट तेजी से फैल गया.
विराट कोहली और अनुष्का शर्मा की चुप्पी पर भी हुई चर्चा
छात्र आंदोलन के दौरान विराट कोहली और उनकी पत्नी अभिनेत्री अनुष्का शर्मा वृंदावन में संत प्रेमानंद जी महाराज के दर्शन करने पहुंचे थे. उनकी यात्रा की तस्वीरें और वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गईं. इसके बाद कुछ सोशल मीडिया यूजर्स ने दोनों की आलोचना करते हुए कहा कि उन्हें छात्र आंदोलन पर अपनी राय रखनी चाहिए थी. खासतौर पर दिल्ली से संबंध होने के कारण कई लोगों ने विराट कोहली से प्रतिक्रिया की उम्मीद जताई. हालांकि, अब तक विराट कोहली या अनुष्का शर्मा ने इस पूरे मुद्दे पर कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया है.
सोशल मीडिया पर फर्जी पोस्ट की पहचान कैसे करें?
विशेषज्ञों का कहना है कि किसी भी वायरल पोस्ट पर विश्वास करने से पहले कुछ बातों की जांच जरूर करनी चाहिए-
- पोस्ट किस अकाउंट से किया गया है.
- क्या अकाउंट वेरिफाइड (ब्लू टिक) है.
- क्या वही पोस्ट संबंधित व्यक्ति के अन्य आधिकारिक सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर भी मौजूद है.
- क्या किसी विश्वसनीय समाचार संस्था ने उस बयान की पुष्टि की है.
फर्जी अकाउंट और पैरोडी प्रोफाइल से रहें सावधान
सोशल मीडिया पर कई फैन पेज, पैरोडी और इम्पर्सोनेशन (फेक) अकाउंट बड़े सेलिब्रिटीज के नाम और तस्वीरों का इस्तेमाल करते हैं. ऐसे अकाउंट अक्सर वायरल और संवेदनशील मुद्दों पर भ्रामक पोस्ट साझा करते हैं, जिससे गलत जानकारी तेजी से फैलती है. इसलिए किसी भी सेलिब्रिटी के नाम से वायरल हो रही पोस्ट को साझा करने से पहले उसके स्रोत की पुष्टि करना बेहद जरूरी









