Ro no D15139/23

बस्तर में 48 घंटे का मिशन रीयूनाइट सफल

 

वन विभाग और ग्रामीणों की सजगता से दो तेंदुआ शावकों को मिला मां का साथ

रायपुर, 25 अगस्त 2026/ बस्तर के घने जंगलों में वन विभाग और ग्रामीणों की संवेदनशीलता से तेंदुए के दो बिछड़े शावकों को सुरक्षित उनकी मां से मिलाने का सफल अभियान पूरा हुआ। करीब 48 घंटे तक चले इस अभियान में वन अमले ने लगातार निगरानी रखी और शावकों को उनकी मां तक पहुंचाने के लिए पूरी सावधानी बरती।

यह अभियान वन मंत्री श्री केदार कश्यप के वन्यजीव संरक्षण और मानव-वन्यजीव सह-अस्तित्व को बढ़ावा देने के संकल्प को धरातल पर साकार करने का उदाहरण है। अभियान में वन विभाग की तत्परता के साथ ग्रामीणों का सहयोग भी महत्वपूर्ण रहा।

सूचना मिलते ही शुरू हुआ रेस्क्यू अभियान

22 अगस्त को चित्रकोट रेंज के पहाड़ी वन क्षेत्र में ग्रामीण बच्चों द्वारा तेंदुए का एक छोटा शावक उठाए जाने की सूचना वन विभाग को मिली। सूचना मिलते ही वन विभाग की टीम सक्रिय हुई। वन मंडलाधिकारी श्री दीपेश कपिल के मार्गदर्शन में वन अमले ने रात करीब 11.20 बजे शावक को सुरक्षित अपने संरक्षण में लिया।

वन विभाग ने शावक को उसकी मां से मिलाने के लिए उसे तड़के करीब 4 बजे घने जंगल में चिन्हित सुरक्षित स्थान पर रखा। टीम को उम्मीद थी कि मादा तेंदुआ अपने शावक को वहां से ले जाएगी। हालांकि, अगले दिन निगरानी के दौरान मां के शावक तक नहीं पहुंचने की जानकारी मिली।

दूसरे शावक की भी हुई तलाश

पहले प्रयास के बाद वन विभाग ने ग्रामीणों के सहयोग से आसपास के क्षेत्र में दूसरे शावक की तलाश शुरू की। जल्द ही दूसरा शावक भी मिल गया। दोनों शावकों को सुरक्षित स्थान पर रखा गया और उनकी गतिविधियों पर नजर रखने के लिए आसपास हाई-रिजोल्यूशन ट्रैप कैमरे लगाए गए।

वन अमले ने करीब 48 घंटे तक लगातार निगरानी की। इस दौरान शावकों की सुरक्षा और उनकी मां तक सुरक्षित पहुंच सुनिश्चित करने के लिए हर गतिविधि पर नजर रखी गई।

कैमरे में कैद हुआ मां का ममता भरा दृश्य

लगातार निगरानी के बाद सोमवार रात ट्रैप कैमरे में वह दृश्य दिखाई दिया, जिसका वन विभाग और ग्रामीणों को इंतजार था। मादा तेंदुआ अपने दोनों शावकों के पास पहुंची और उन्हें सुरक्षित अपने साथ घने जंगल की ओर ले गई।

शावकों के अपनी मां से मिलने के बाद वन विभाग की टीम ने राहत की सांस ली। इस तरह 48 घंटे का ‘मिशन रीयूनाइट’ सफलतापूर्वक पूरा हुआ।

वन्यजीव संरक्षण में संवेदनशीलता की मिसाल

यह अभियान केवल एक रेस्क्यू ऑपरेशन नहीं, बल्कि वन्यजीवों के प्रति संवेदनशीलता और मानव-वन्यजीव सह-अस्तित्व की मिसाल है। वन विभाग ने शावकों को अनावश्यक रूप से अपने पास रखने के बजाय उनकी मां से मिलाने को प्राथमिकता दी।

ग्रामीणों की सजगता, वन अमले की तत्परता और आधुनिक निगरानी तकनीक के समन्वय से दो नन्हे शावकों को उनका प्राकृतिक परिवार वापस मिल सका। यह सफलता बताती है कि वन्यजीव संरक्षण केवल विभाग की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि वन विभाग और स्थानीय समुदाय के साझा प्रयासों से ही अधिक प्रभावी बनाया जा सकता है।

  • Related Posts

    वन्यजीव संरक्षण को बढ़ावा: अंबिकापुर के संजय पार्क में खुलेगा अत्याधुनिक ट्रांजिट ट्रीटमेंट सेंटर

    *वन क्षेत्रों की 18 सड़कों के उन्नयन की अनुशंसा, गोमर्डा अभयारण्य में स्थानांतरित किए जाएंगे 50 काले हिरण*   *’ऑरेंज ओकलीफ’ को छत्तीसगढ़ की पहली राजकीय तितली घोषित करने का…

    Read more

    नगर पालिका अध्यक्ष चंद्रप्रकाश चंद्रवंशी ने कहा-मंदिर क्षेत्र, दुर्गा पंडाल के आसपास नही लगेगें अंडा-बिरयानी की दुकानें

    नगर पालिका अध्यक्ष व व्यापारियों की बीच हुई सार्थक चर्चा*   कवर्धा-नगर पालिका अध्यक्ष चंद्रप्रकाश चंद्रवंशी ने क्वांर नवरात्रि को लेकर शहर के अलग-अलग स्थानों पर अंडा, बिरयानी जैसे दुकानो…

    Read more

    NATIONAL

    भाजपा महिला मोर्चा का राजधानी में जोरदार प्रदर्शन, कांग्रेस सांसद डॉ. बिमोल अकोइजम पर यौन दुर्व्यवहार के आरोपों को लेकर राजीव भवन का किया घेराव

    भाजपा महिला मोर्चा का राजधानी में जोरदार प्रदर्शन, कांग्रेस सांसद डॉ. बिमोल अकोइजम पर यौन दुर्व्यवहार के आरोपों को लेकर राजीव भवन का किया घेराव

    CJP Protest: भारत में आंदोलन के बिना पद क्यों नहीं छोड़ते आरोपी मंत्री-अधिकारी, ब्रिटेन में 5 साल में 4 प्रधानमंत्रियों ने छोड़ी कुर्सी

    CJP Protest: भारत में आंदोलन के बिना पद क्यों नहीं छोड़ते आरोपी मंत्री-अधिकारी, ब्रिटेन में 5 साल में 4 प्रधानमंत्रियों ने छोड़ी कुर्सी

    प्रियंका गांधी ने महिला पुलिसकर्मी को मारी कोहनी? वीडियो में देखें प्रदर्शन के दौरान क्या हुआ

    प्रियंका गांधी ने महिला पुलिसकर्मी को मारी कोहनी? वीडियो में देखें प्रदर्शन के दौरान क्या हुआ

    Explained: CEC के खिलाफ आंदोलन में AAP ने INDIA गठबंधन से क्यों बनाई दूरी?

    Explained: CEC के खिलाफ आंदोलन में AAP ने INDIA गठबंधन से क्यों बनाई दूरी?

    प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सेवा, सुशासन और समर्पण के 25 वर्ष देश को समर्पित – स्मृति इरानी

    प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी  के सेवा, सुशासन और समर्पण के 25 वर्ष देश को समर्पित –  स्मृति इरानी

    चुनाव आयोग के खिलाफ CJP और INDIA गठबंधन का आंदोलन: मुद्दा एक, रास्ता अलग; जानिए दोनों में क्या है समानता और अंतर

    चुनाव आयोग के खिलाफ CJP और INDIA गठबंधन का आंदोलन: मुद्दा एक, रास्ता अलग; जानिए दोनों में क्या है समानता और अंतर