Ro no D15139/23

ग्राम पंचायत लब्जी के सचिव पदच्युत वित्तीय अनियमितता के आरोप प्रमाणित, विभागीय जांच के बाद कार्रवाई

 

अम्बिकापुर 25 अगस्त 2026/  जनपद पंचायत अम्बिकापुर के मुख्य कार्यपालन अधिकारी से प्राप्त प्रतिवेदन अनुसार ग्राम पंचायत लब्जी में पदस्थ सचिव  अमन सिंह के द्वारा ग्राम पंचायत लब्जी में छापरड़ाड नाला के पास पुलिया निर्माण, सी.सी. रोड निर्माण रामलाल घर से कंवलसाय घर तक, मिडिल स्कूल शौचालय निर्माण, खेल मैदान के विकास हेतु, नाली निर्माण, आंगनबाड़ी भवन में शौचालय निर्माण, बाजार में शेड निर्माण हेतु प्राप्त राशि से कार्य न कराकर वित्तीय अनियमितता किये जाने एवं शिकायत जांच समिति के समक्ष निर्माण कार्यों से संबंधित अभिलेख प्रस्तुत नहीं किये जाने के फलस्वरूप आदेश जारी कर निलंबित कर  आरोप पत्र आरोप विवरण के अनुसार एक सप्ताह के भीतर जवाब प्रस्तुत करने कहा गया। आरोप पत्र का प्रत्युत्तर समयावधि में प्रस्तुत नहीं करने के फलस्वरूप कार्यालयीन आदेश  के तहत विभागीय जांच संस्थित करते हुए उप संचालक पंचायत को जांचकर्ता अधिकारी एवं जिला अंकेक्षक पंचायत को प्रस्तुतकर्ता अधिकारी नियुक्ति किया गया है।

उक्त निर्देशानुसार विभागीय जांचकर्ता अधिकारी उप संचालक पंचायत के द्वारा प्रकरण की तथ्यात्मक जांच कर, निष्कर्ष सह जांच प्रतिवेदन प्रस्तुत किया गया है। जांच प्रतिवेदन में जांच अधिकारी द्वारा उल्लेखित किया गया कि सचिव अमन सिंह द्वारा जांच अधिकारी के समक्ष अपने बचाव हेतु कोई दस्तावेज प्रस्तुत नहीं किया गया। ग्राम पंचायत लब्जी के निर्माण कार्यों को पूर्ण न कराकर राशि रूपये 1658800.00 का वित्तीय अनियमितता किया जाना प्रमाणित पाया गया। अमन सिंह अपने कर्तव्यों के प्रति लापरवाह एवं गैर-जिम्मेदार है।

परीक्षण के बाद विभागीय जांचकर्ता अधिकारी के निष्कर्ष एवं सामान्य प्रशासन समिति के अनुमोदन अनुसार पंचायत सचिव अमन सिंह के ऊपर आरोपित आरोप प्रमाणित पाया गया, जो कि छत्तीसगढ़ पंचायत सेवा आचरण नियम 1998 के नियम-3 एवं छत्तीसगढ़ ग्राम पंचायत (सचिव की शक्तियां तथा कृत्य) नियम, 1999 के विपरीत होने कारण छत्तीसगढ़ पंचायत सेवा (अनुशासन तथा अपील) नियम 1999 के तहत दण्डनीय है।

जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी ने  ग्राम पंचायत लब्जी के तत्कालीन सचिव के विरूद्ध आरोपित आरोप प्रमाणित पाये जाने के फलस्वरूप छत्तीसगढ़ पंचायत सेवा (अनुशासन तथा अपील), नियम 1999 के नियम-5 (ख) (सात) के तहत सेवा से पदच्युत किये जाने के दण्ड से दण्डित करते हुए विभागीय जांच प्रकरण समाप्त किया  है।

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