
एग्रीस्टैक-डिजिटल क्रॉप सर्वे को गति देने 59,339 खसरों का बटांकन जल्द पूरा करने के निर्देश
धमतरी, 31 अगस्त 2026/ राजस्व प्रकरणों के त्वरित निराकरण के साथ ग्रामीणों को सुगम राजस्व सेवाएं उपलब्ध कराने के लिए कलेक्टर श्री अबिनाश मिश्रा ने सोमवार को कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में राजस्व अधिकारियों की समीक्षा बैठक ली। उन्होंने समय-सीमा से बाहर हो चुके प्रकरणों को प्राथमिकता से निराकृत करने तथा विलंब के कारणों को प्रकरणों में दर्ज करने के निर्देश दिए।
कलेक्टर ने कहा कि अविवादित नामांतरण और बंटवारा के प्रकरण ग्राम पंचायत स्तर पर ही नियमानुसार निराकृत किए जाएं, ताकि ग्रामीणों को छोटे राजस्व कार्यों के लिए तहसीलदार न्यायालय तक आने की आवश्यकता न पड़े। विवादित नामांतरण एवं बंटवारा के प्रकरणों का भी समय-सीमा में निराकरण सुनिश्चित करने कहा।
समीक्षा में 137 बंदोबस्त त्रुटि सुधार, 151 विवादित बंटवारा, 363 विवादित नामांतरण, 235 सामान्य त्रुटि सुधार और 58 अतिक्रमण के प्रकरण लंबित पाए गए। समय पर निराकरण नहीं होने पर कलेक्टर ने नाराजगी जताते हुए आगामी आरओ बैठक से पहले सभी लंबित प्रकरणों का निराकरण करने के निर्देश दिए। उन्होंने लापरवाही बरतने वाले पीठासीन अधिकारियों पर कार्रवाई करने के भी निर्देश दिए।
59 हजार से अधिक खसरों का बटांकन शेष
कलेक्टर ने नक्शा बटांकन को प्राथमिकता देने कहा। उन्होंने कहा कि बटांकन लंबित रहने से एग्रीस्टैक पंजीयन और डिजिटल क्रॉप सर्वे प्रभावित हो रहा है। जिले में अभी 59,339 खसरों का बटांकन शेष है। बारिश के दौरान जिन भूमियों का सीमांकन संभव है, वहां कार्ययोजना बनाकर बटांकन पूरा करने के निर्देश दिए गए।
आधार प्रविष्टि की प्रगति 79.61 प्रतिशत पाए जाने पर कलेक्टर ने समितियों और ग्राम पंचायतों से समन्वय कर आधार सीडिंग में तेजी लाने के निर्देश दिए । वहीं डिजिटल सिग्नेचर के लिए 12,294 खसरे शेष हैं। इनमें मगरलोड के 2,992, नगरी के 2,857 और कुरूद के 2,641 खसरे शामिल हैं। उन्होंने शेष कार्य शीघ्र पूरा करने के निर्देश दिए।
*15 दिन में स्वामित्व योजना के लंबित प्रकरण भेजने के निर्देश*
स्वामित्व योजना की समीक्षा में जिले के 159 गांवों में अंतिम प्रकाशन की कार्रवाई शेष पाई गई। इनमें धमतरी के 56, मगरलोड के 18, कुरूद के 35, नगरी के 13, भखारा के 19, कुकरेल के 12 और बेलरगांव के 6 प्रकरण शामिल हैं। कलेक्टर ने इन प्रकरणों को आगामी 15 दिनों में भेजने के निर्देश दिए।
उन्होंने त्रुटिपूर्ण नक्शों की समस्या का भू-अभिलेख शाखा से निराकरण कराने कहा, ताकि जिले के सभी गांवों में सही अभिलेख तैयार कर उनका वितरण किया जा सके। कलेक्टर ने कहा कि राजस्व अभिलेखों की शुद्धता सीधे आम लोगों के हित से जुड़ी है। रिकॉर्ड में त्रुटि न रहे, इसका विशेष ध्यान रखा जाए, जिससे हितग्राहियों को अनावश्यक परेशानी न हो।
*डिजिटल क्राप सर्वे ..*
जिले के 644 मे से 607 गांव चयनित और 5 लाख 28 हजार 487 खसरे लक्ष्य के विरुद्ध 2 लाख 28 हजार 907 खसरों का सर्वे पूर्ण हो गया है। कलेक्टर ने हल्का पटवारियों से अनूमोदन कराने के निर्देश तहसीलदारों को दिए। उन्होंने हल्कावार समीक्षा कर जिम्मेदारी तय करने भी कहा। कलेक्टर ने कहा कि इस योजना से राजस्व अभिलेख शुद्ध होगा। इसी के आधार पर धान खरीदी हेतु कृषकों का रकबा निर्धारित होगा।
किसान द्वारा बोये गये वास्तविक फसलों की प्रविष्टि साफ्टवेयर मे होने से कृषकों को शासन की योजनाओं का त्वरित लाभ मिलेगा। तहसीलदारों को सर्वेयर द्वारा संपादित कार्यों का निरीक्षण करने के निर्देश कलेक्टर ने दिए।
उन्होंने केंद्र शासन की इस महत्वाकांक्षी योजना का संपादन पूरी पारदर्शिता के साथ संपादित करने कहा।
*कलेक्टर ने यह भी कहा कि विभागीय गलती से कृषको़ का कोई अहित न हो*
धमतरी कृषि प्रधान जिला है ।जिला की खुशहाली और प्रगति कृषि पर निर्भर करता है।इसलिए प्राथमिकता और रूचि लेकर सौंपे गये कार्यों का निर्वहन करायें। इस कार्य में लापरवाही बर्दाश्त नही की जावेगी । शिकायत मिलते ही अविलंब कार्यवाही की जावेगी।शासन की महत्वाकांक्षी योजनाओं का प्रसार अंतिम व्यक्ति तक पहुंचे इस ध्येय पर कार्य करे।
बैठक में अपर कलेक्टर श्रीमती इंदिरा देवहारी, एसडीएम श्री पीयूष तिवारी, सुश्री प्रीति दुर्गम, डिप्टी कलेक्टर श्री मनोज मरकाम, श्रीमती वी. एक्का सहित तहसीलदार और राजस्व निरीक्षक उपस्थित थे।









