
– मातृ एवं शिशु पोषण को मिला संबल*
राजनांदगांव 31 अगस्त 2026। शासन की जनकल्याणकारी योजनाएं जरूरतमंद परिवारों के लिए आर्थिक संबल बनने के साथ ही मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य तथा पोषण को बेहतर बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं। विकासखंड छुरिया के ग्राम चांदो निवासी श्रीमती आरती देवांगन को प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना एवं मिनीमाता महतारी जतन योजना का लाभ मिला। योजनाओं से प्राप्त आर्थिक सहायता का उपयोग उन्होंने अपने एवं बच्चों के पोषण तथा स्वास्थ्य संबंधी जरूरतों को पूरा करने में किया। इससे उनके परिवार को आर्थिक राहत मिली और बच्चे स्वस्थ एवं सुपोषित हैं।
*पहले बच्चे के जन्म पर मिली 25 हजार रूपए की सहायता -*
श्रीमती आरती देवांगन ने बताया कि अपनी प्रथम गर्भावस्था के दौरान उन्होंने प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना एवं मिनीमाता महतारी जतन योजना के लिए आवेदन किया था। प्रथम बच्चे के जन्म पर उन्हें प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना से 5 हजार रूपए तथा मिनीमाता महतारी जतन योजना से 20 हजार रूपए, इस प्रकार कुल 25 हजार रूपए की सहायता राशि प्राप्त हुई। इस राशि का उपयोग उन्होंने अपने एवं बच्चे के पोषण और आवश्यक जरूरतों में किया।
*दूसरी बालिका गुनाक्षी के जन्म पर मिली 26 हजार रूपए की सहायता -*
दूसरी गर्भावस्था के दौरान भी श्रीमती आरती ने योजनाओं के लिए आवेदन किया। दूसरी संतान के रूप में बालिका गुनाक्षी के जन्म पर उन्हें प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना से 6 हजार रूपए तथा मिनीमाता महतारी जतन योजना से 20 हजार रूपए की सहायता राशि प्राप्त हुई। इस प्रकार दूसरी संतान के जन्म पर उन्हें कुल 26 हजार रूपए की सहायता मिली।
*दोनों बच्चों के लिए मिली कुल 51 हजार रूपए की सहायता -*
दोनों गर्भावस्थाओं एवं बच्चों के जन्म के अवसर पर श्रीमती आरती देवांगन को प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना एवं मिनीमाता महतारी जतन योजना के माध्यम से कुल 51 हजार रूपए की आर्थिक सहायता प्राप्त हुई। उन्होंने बताया कि इस राशि से बच्चों के लिए पौष्टिक आहार एवं स्वास्थ्य संबंधी जरूरतों को पूरा करने में काफी मदद मिली।
*पोषण पर खर्च हुई राशि, बच्चे हुए स्वस्थ एवं सुपोषित -*
श्रीमती आरती ने बताया कि शासन से मिली सहायता राशि का उपयोग उन्होंने अपने और बच्चों के पोषण के लिए किया। आर्थिक सहायता मिलने से गर्भावस्था एवं प्रसव के बाद बच्चों की देखभाल में सहूलियत हुई। योजनाओं से मिले सहयोग के परिणामस्वरूप उनके बच्चे स्वस्थ एवं सुपोषित हैं। उन्होंने शासन की योजनाओं को जरूरतमंद माताओं के लिए उपयोगी बताते हुए आभार व्यक्त किया। श्रीमती आरती देवांगन ने कहा कि शासन की योजनाओं से मिलने वाली आर्थिक सहायता जरूरतमंद परिवारों के लिए उपयोगी साबित हो सकती है। प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना और मिनीमाता महतारी जतन योजना से मिली सहायता ने उनके परिवार को आर्थिक मजबूती देने के साथ ही मातृ एवं शिशु पोषण को बेहतर बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।
*मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य को बढ़ावा दे रही प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना*
प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना के अंतर्गत पात्र गर्भवती एवं स्तनपान कराने वाली माताओं को निर्धारित शर्तों के अनुसार वित्तीय सहायता प्रदान की जाती है। प्रथम संतान के लिए 5 हजार रूपए तथा दूसरी संतान बालिका होने पर 6 हजार रूपए की सहायता का प्रावधान है। योजना का उद्देश्य गर्भवती एवं धात्री माताओं के पोषण में सुधार करना तथा गर्भावस्था के दौरान होने वाली आर्थिक कठिनाइयों को कम करना है।
*मिनीमाता महतारी जतन योजना बनी मेहनतकश माताओं का सहारा -*
छत्तीसगढ़ शासन के श्रम विभाग द्वारा संचालित मिनीमाता महतारी जतन योजना के तहत पात्र पंजीकृत निर्माण श्रमिक महिलाओं को प्रसव के बाद 20 हजार रूपए की एकमुश्त आर्थिक सहायता प्रदान की जाती है। योजना का उद्देश्य गर्भवती एवं प्रसूता महिलाओं को आर्थिक सहायता उपलब्ध कराना तथा मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य एवं पोषण को बेहतर बनाना है।









