
अम्बिकापुर 04 सितम्बर 2026/ आर्थिक परिस्थितियां चाहे कितनी भी चुनौतीपूर्ण क्यों न हों, यदि सही मार्गदर्शन और शासन की योजनाओं से अवसर मिले तो महिलाएं अपने जीवन की दिशा स्वयं बदल सकती हैं। ऐसी ही प्रेरणादायी कहानी अम्बिकापुर विकासखंड के ग्राम पंचायत मेंड्रा कला की रहने वाली बिंदिया की है। पति के निधन के बाद आर्थिक कठिनाइयों से जूझ रहीं बिंदिया को पर्यवेक्षक दीदी एवं आंगनबाड़ी कार्यकर्ता के माध्यम से महिला बाल विकास विभाग की सक्षम योजना की जानकारी मिली। योजना के तहत ऋण प्राप्त कर उन्होंने अपना छोटा सा किराना दुकान व्यवसाय शुरू किया और आज आत्मनिर्भर होकर अपने परिवार की जिम्मेदारियां संभाल रही हैं।
बिंदिया बताती हैं कि पति के चले जाने के बाद परिवार की आर्थिक स्थिति काफी खराब हो गई थी। ऐसे कठिन समय में पर्यवेक्षक एवं आंगनबाड़ी कार्यकर्ता ने उन्हें महिलाओं के लिए संचालित सक्षम योजना के बारे में जानकारी दी और आवेदन करने के लिए प्रेरित किया। योजना के तहत आवश्यक दस्तावेज तैयार कर उन्होंने आवेदन जमा किया। प्रक्रिया पूर्ण होने के बाद उन्हें एक लाख रुपये की ऋण राशि प्राप्त हुई।
ऋण राशि का उपयोग करते हुए बिंदिया ने अपना छोटा सा किराना व्यवसाय शुरू किया। मेहनत और लगन से आज उनका व्यवसाय अच्छी तरह चल रहा है और इससे होने वाली आमदनी से वे अपने परिवार की जरूरतें पूरी कर रही हैं। उन्होंने अपनी आय को व्यवस्थित रखने के लिए बैंक खाता भी खुलवाया है, जिसमें वे व्यवसाय से प्राप्त आमदनी जमा करती हैं।
बच्चों की शिक्षा को बनाया प्राथमिकता
बिंदिया के दो बच्चे हैं। उन्होंने अपने दोनों बच्चों को कक्षा 12वीं तक की शिक्षा पूरी कराई है और वर्तमान में दोनों की स्नातक की पढ़ाई जारी है। परिवार की आर्थिक स्थिति मजबूत होने से अब वे अपने बच्चों की उच्च शिक्षा का खर्च भी बेहतर तरीके से उठा पा रही हैं।
बिंदिया कहती हैं कि सक्षम योजना से मिले ऋण ने उनके जीवन में बड़ा बदलाव लाया है। पहले जहां आर्थिक परेशानियों के कारण उन्हें दूसरों पर निर्भर रहना पड़ता था, वहीं आज वे अपने व्यवसाय के माध्यम से स्वयं परिवार की जिम्मेदारी उठा रही हैं। उनका कहना है कि योजना के माध्यम से मिले आर्थिक सहयोग ने उन्हें आत्मविश्वास, सम्मान और आत्मनिर्भरता प्रदान की है।
“योजना से मिले अवसर से आज पैरों पर खड़ी हैं”
बिंदिया ने कहा कि सक्षम योजना के माध्यम से उन्हें जो ऋण मिला, उससे वे आज अपने पैरों पर खड़ी हैं। अब उन्हें आर्थिक जरूरतों के लिए कहीं भटकना नहीं पड़ता। किराना दुकान से होने वाली आय को वे बैंक खाते में जमा करती हैं और अपनी आर्थिक स्थिति को लगातार बेहतर बनाने की दिशा में आगे बढ़ रही हैं।
उन्होंने महिलाओं को आर्थिक रूप से मजबूत बनाने के लिए सरकार द्वारा संचालित योजना की सराहना करते हुए कहा कि महिलाओं को रोजगार और स्वरोजगार के अवसर मिल रहे हैं तथा वे आत्मनिर्भर बन रही हैं।
“विष्णु भैया को बहुत-बहुत धन्यवाद”
बिंदिया ने कहा, “महिलाओं को सशक्त बनाने वाली सक्षम योजना के लिए विष्णु भैया को आभर व्यक्त करते हुए कहा कि शासन की योजनाओं ने महिलाओं को सशक्त बनाया है। आज मैं आत्मनिर्भर होकर अपने पैरों पर खड़ी हूं।”
सक्षम योजना के माध्यम से महिलाओं को आर्थिक सहयोग, सही मार्गदर्शन और महिला उद्यमिता को प्रोत्साहन देकर आत्मनिर्भर बनाया जा सकता है। बिंदिया के जीवन में आया यह बदलाव न केवल उनके परिवार के लिए आर्थिक मजबूती का आधार बना है, बल्कि अन्य महिलाओं के लिए भी आगे बढ़ने और अपने पैरों पर खड़े होने की प्रेरणा दे रहा है।









