
अम्बिकापुर 09 सितम्बर 2026/ कलेक्टर श्री अजीत वसंत ने बुधवार को जिला कलेक्टरेट सभाकक्ष में जिले में संचालित एकलव्य, प्रयास एवं कस्तूरबा आवासीय विद्यालयों के प्राचार्यों एवं अधीक्षकों की बैठक लेकर विद्यालयों में विद्यार्थियों को उपलब्ध कराई जा रही शैक्षणिक एवं आवासीय सुविधाओं की समीक्षा की। बैठक में विद्यार्थियों की पढ़ाई, अनुशासन, भोजन, स्वास्थ्य, स्वच्छता, सुरक्षा तथा अन्य आवश्यक व्यवस्थाओं के संबंध में विस्तार से चर्चा की गई। बैठक में जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी सुश्री रोमा श्रीवास्तव, आदिवासी विकास विभाग के सहायक आयुक्त श्री ललित शुक्ला, जिला शिक्षा अधिकारी श्री दिनेश झा, सम्बन्धित अधिकारी, विभिन्न आवासीय विद्यालयों के प्राचार्य एवं अधीक्षक उपस्थित रहे।
कलेक्टर श्री वसंत ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि आवासीय विद्यालयों में अध्ययनरत विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के साथ-साथ बेहतर वातावरण एवं आवश्यक मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएं। उन्होंने विद्यालयवार आवश्यक सुविधाओं, व्यवस्था एवं समस्या की जानकारी ली। उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों को किसी प्रकार की समस्या ना हो, इसे गम्भीरता से लें। किसी प्रकार की स्थिति निर्मित होने पर आपकी क्या जिम्मेदारी है, इसे समझें और आवश्यक कार्यवाही करें।
उन्होंने विद्यालयों में भोजन की गुणवत्ता, छात्रावासों की स्वच्छता, पेयजल, विद्युत व्यवस्था, शौचालय, अध्ययन कक्ष एवं अन्य आवश्यक सुविधाओं का नियमित निरीक्षण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने भवन की स्थिति के सम्बन्ध में जानकारी ली तथा कहा कि जरूरी मरम्मत कार्य का जल्द एस्टीमेट तैयार कर प्रेषित करें। उन्होंने कहा कि भोजन की गुणवत्ता में कमी ना रहे, इसके सम्बन्ध में किसी प्रकार की शिकायत ना आए। वहीं आवासीय व्यवस्था की जानकारी लेते हुए कहा कि बच्चों को सभी मूलभूत सुविधाएं प्रदान करें। कलेक्टर ने प्राचार्यों एवं अधीक्षकों को अपने दायित्वों का प्रभावी ढंग से निर्वहन करते हुए विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास के लिए समन्वित प्रयास करने के निर्देश दिए।
शिक्षकों का व्यवहार बच्चों के प्रति अच्छा रहे-
शिक्षकों की उपलब्धता की जानकारी लेते हुए उन्होंने कहा कि विद्यालयों में सभी विषयों के पर्याप्त शिक्षक हों। शिक्षकों का व्यवहार बच्चों के प्रति अच्छा रहे, शिक्षक केवल अपने शिक्षण से ही नहीं अपने व्यवहार से भी शिक्षक बनता है, शिक्षक बच्चों का रोल मॉडल बनें। बदलते समय के अनुसार बच्चों को समझें, उनकी समस्या को सुनें, आवासीय विद्यालय का माहौल अच्छा रहे। उन्होंने शिक्षकों को बच्चों के साथ नियमित संवाद कर बेहतर व्यवहार रखने कहा। बच्चों को पढ़ाई में किसी प्रकार की समस्या ना हो, इसमें लापरवाही स्वीकार नहीं कि जाएगी। उन्होंने विद्यार्थियों की शैक्षणिक प्रगति की नियमित समीक्षा करने तथा कमजोर विद्यार्थियों के लिए विशेष प्रयास करने पर जोर दिया। साथ ही विद्यार्थियों की समस्याओं एवं आवश्यकताओं को संवेदनशीलता के साथ सुनकर उनका समयबद्ध निराकरण करने के लिए कहा। इसी प्रकार गैर- शिक्षकीय स्टाफ का भी व्यवहार बच्चों के लिए अच्छा रहे।
सभी विद्यालयों, छात्रावासों में कलेक्टर- एसपी सहित सम्बंधित अधिकरियों का सम्पर्क नम्बर चस्पा करवाएं-
कलेक्टर श्री वसंत ने बैठक में निर्देश दिए कि जिले के सभी एकलव्य, प्रयास एवं कस्तूरबा आवासीय विद्यालयों तथा छात्रावासों में कलेक्टर, एसपी सहित संबंधित विभागीय अधिकारियों के संपर्क नंबर प्रमुख स्थानों पर अनिवार्य रूप से चस्पा करवाए जाएं। उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों, अभिभावकों एवं स्टाफ को किसी भी समस्या या आपात स्थिति में संबंधित अधिकारियों से सीधे संपर्क की सुविधा उपलब्ध होनी चाहिए।
सुरक्षा व्यवस्था सुदृढ़ करने, सीसीटीवी कैमरे लगाने दिए निर्देश-
कलेक्टर ने कहा कि विद्यार्थियों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए। उन्होंने आवश्यक एवं संवेदनशील स्थानों पर सीसीटीवी कैमरे लगवाने तथा उनकी नियमित निगरानी सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। साथ ही विद्यालय एवं छात्रावास परिसर में प्रवेश-निकास व्यवस्था पर विशेष ध्यान देने और सुरक्षा व्यवस्था की नियमित समीक्षा करने को कहा। सुरक्षा एवं सावधानी जरूरी है, बच्चों की सुरक्षा की जिम्मेदारी आप सभी की है। उन्होंने सभी कन्या छात्रावासों में बाउंड्रीवॉल बनवाना सुनिश्चित करने कहा।









