
*ब्रेस्ट व स्किन कैंसर की सर्जरी से लेकर रिकंस्ट्रक्टिव सर्जरी तक हो रही उपचार की सुविधा; जल्द शुरू होगी थोराकोस्कोपी और आधुनिक बर्न यूनिट*
रायपुर, 17 सितंबर 2026/
दक्षिण बस्तर के दूरस्थ जिले दंतेवाड़ा में स्वास्थ्य सेवाओं का दायरा अब गंभीर और जटिल सर्जरी तक पहुंच गया है। जिला अस्पताल में अप्रैल से अब तक 273 जटिल सर्जरी सफलतापूर्वक की जा चुकी हैं। अस्पताल में विशेषज्ञ सर्जिकल सेवाओं के विस्तार का असर यह हुआ है कि सर्जरी के लिए मरीजों को बड़े शहरों और मेडिकल कॉलेजों की ओर रेफर किए जाने की जरूरत काफी कम हुई है और जिले की रेफरल दर लगभग नगण्य रह गई है। दूरस्थ क्षेत्र के मरीजों को स्थानीय स्तर पर ही उपचार मिलने से समय और अतिरिक्त खर्च दोनों की बचत हो रही है।
जिला अस्पताल में सामान्य सर्जरी के साथ अब ऑनकोलॉजी तथा प्लास्टिक एवं रिकंस्ट्रक्टिव सर्जरी की सुविधाएं भी उपलब्ध हैं। यहां ब्रेस्ट कैंसर के ऑपरेशन किए जा रहे हैं। ऑपरेशन के बाद मरीजों को आगे की कीमोथेरेपी के लिए रायपुर और अन्य उच्च चिकित्सा केंद्रों से समन्वय कर उपचार उपलब्ध कराया जा रहा है। नॉन-कैंसरस ब्रेस्ट लम्प्स को भी कॉस्मेटिक दृष्टि से हटाने की सुविधा अस्पताल में दी जा रही है।
अस्पताल में स्किन कैंसर के मामलों में ट्यूमर निकालने के साथ तत्काल फ्लैप रिकंस्ट्रक्शन की सुविधा भी उपलब्ध है। इसके अलावा ‘नेक्रोटाइजिंग फैसिटिस ऑफ ब्रेस्ट’ जैसे दुर्लभ और गंभीर संक्रमण के मामले में तत्काल मास्टेक्टॉमी कर स्किन कवर देकर मरीज का सफल उपचार किया गया। ऐसे जटिल मामलों का जिला स्तर पर उपचार होना दंतेवाड़ा जैसे दूरस्थ क्षेत्र में विशेषज्ञ स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार को दर्शाता है।
आने वाले समय में जिला अस्पताल में उपचार की सुविधाओं को और विस्तार देने की तैयारी है। थोराकोस्कोपी जैसी आधुनिक तकनीक शुरू होने से छाती से संबंधित जटिल रोगों के उपचार की क्षमता बढ़ेगी। इसके साथ ही आधुनिक सुविधाओं से युक्त वर्ल्ड-क्लास बर्न यूनिट शुरू करने की भी तैयारी है। इससे गंभीर रूप से झुलसे मरीजों को उपचार के लिए दूसरे शहरों में ले जाने की आवश्यकता कम करने में मदद मिलेगी।
सेवा संकल्प अभियान के तहत प्रदेश सरकार की दूरस्थ क्षेत्रों तक बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचाने की प्रतिबद्धता के अनुरूप दंतेवाड़ा जिला अस्पताल में विशेषज्ञ एवं जटिल उपचार सुविधाओं का विस्तार किया जा रहा है। स्थानीय स्तर पर उपचार की क्षमता बढ़ने से बस्तर के मरीजों को अपने जिले में ही बेहतर चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने की दिशा में स्वास्थ्य व्यवस्था मजबूत हो रही है।








