
अम्बिकापुर 06 अक्टूबर 2026/ सेवा संकल्प अभियान के अंतर्गत शासकीय नवीन संगीत महाविद्यालय, अंबिकापुर में “सेवा के रंग, राष्ट्र के संग” थीम पर रंगोली प्रतियोगिता का आयोजन उत्साहपूर्ण वातावरण में किया गया। प्रतियोगिता में महाविद्यालय के छात्र-छात्राओं ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया और अपनी रचनात्मक प्रतिभा का प्रदर्शन किया।
प्रतिभागियों ने विभिन्न रंगों के माध्यम से आकर्षक एवं संदेशपरक रंगोलियां बनाकर सेवा, समर्पण, राष्ट्रप्रेम, सामाजिक एकता और जनकल्याण की भावना को सुंदर ढंग से अभिव्यक्त किया। विद्यार्थियों द्वारा तैयार की गई रंगोलियों में जनसेवा और राष्ट्र के प्रति कर्तव्यबोध का संदेश प्रमुखता से प्रदर्शित हुआ।
आयोजन का उद्देश्य विद्यार्थियों की कलात्मक एवं रचनात्मक प्रतिभा को मंच प्रदान करने के साथ उनमें समाज और राष्ट्र के प्रति सेवा एवं जिम्मेदारी की भावना को प्रोत्साहित करना रहा। इस अवसर पर महाविद्यालय के प्राध्यापकगण, अधिकारी-कर्मचारी एवं बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे। सभी ने प्रतिभागियों की कलात्मक अभिव्यक्ति और रचनात्मक प्रयासों की सराहना की।
सेवा संकल्प अभियान के अंतर्गत आयोजित इस प्रतियोगिता के माध्यम से विद्यार्थियों ने रंगों के जरिए “सेवा के रंग, राष्ट्र के संग” के संदेश को प्रभावी रूप से प्रस्तुत किया।
अम्बिकापुर 06 अक्टूबर 2026/ कभी कच्ची झोपड़ी और घास-फूस की छत के नीचे जीवन गुजारने वाले विशेष पिछड़ी जनजातीय समूह के सदस्य श्री रोन्हू पिता सोनसाय, निवासी ग्राम पंचायत ससौली, जनपद पंचायत लुण्ड्रा, जिला सरगुजा, के जीवन में प्रधानमंत्री जनमन आवास योजना (ग्रामीण) ने नई उम्मीद और स्थायित्व का संचार किया है। वर्ष 2023-24 में योजना के तहत 2 लाख रुपये की स्वीकृत राशि से बने पक्के आवास ने उनके परिवार को न केवल सुरक्षित छत दी, बल्कि जीवन जीने का आत्मविश्वास और सम्मान भी बढ़ाया है।
पहले बारिश के दिनों में कच्ची दीवारों और घास-फूस की छत से पानी टपकने, तेज आंधी में घर के क्षतिग्रस्त होने और ठंड के मौसम में परिवार की सुरक्षा को लेकर चिंता बनी रहती थी। कच्चे मकान में रहने के दौरान कीड़े-मकौड़ों और अन्य जोखिमों का खतरा भी बना रहता था। ऐसे में पक्का आवास मिलने के बाद रोन्हू का परिवार अब हर मौसम में अधिक सुरक्षित और निश्चिंत महसूस करता है।
’हर मौसम में सुरक्षा, जीवन में आया सुकून’
पक्के मकान ने रोन्हू के परिवार को बारिश, तेज हवाओं और कड़ाके की ठंड से सुरक्षा प्रदान की है। अब उन्हें हर वर्ष झोपड़ी की मरम्मत या घास-फूस बदलने पर होने वाले खर्च और मेहनत की चिंता नहीं रहती। इससे परिवार की आर्थिक स्थिति पर भी सकारात्मक प्रभाव पड़ा है और बचत का अवसर मिला है।
आवास के साथ बिजली, स्वच्छ पेयजल और शौचालय जैसी बुनियादी सुविधाओं की उपलब्धता ने परिवार के जीवन स्तर को और बेहतर बनाया है। स्वच्छ और सुरक्षित वातावरण मिलने से स्वास्थ्य संबंधी परेशानियों में कमी आई है तथा बच्चों और परिवार के अन्य सदस्यों के लिए बेहतर वातावरण उपलब्ध हुआ है।
’पक्का घर, बढ़ा आत्मविश्वास और सम्मान’
रोन्हू के लिए यह मकान सिर्फ ईंट-पत्थर से बना एक घर नहीं, बल्कि सुरक्षित और सम्मानजनक जीवन की नई शुरुआत है। पक्का आवास मिलने से उनके परिवार का सामाजिक आत्मविश्वास बढ़ा है। अब वे स्वयं को विकास की मुख्यधारा से जुड़ा हुआ महसूस करते हैं।
प्रधानमंत्री जनमन आवास योजना (ग्रामीण) ने रोन्हू जैसे विशेष पिछड़ी जनजातीय परिवारों के जीवन में यह बदलाव लाकर यह सुनिश्चित किया है कि विकास का लाभ समाज के अंतिम छोर पर खड़े परिवार तक भी पहुंचे। एक पक्की छत ने उनके परिवार को सुरक्षा, सुविधा, सम्मान और भविष्य के प्रति विश्वास दिया है।
अम्बिकापुर 06 अक्टूबर 2026/ विकसित भारत -जी राम जी योजना के तहत जिले के विकासखंड अम्बिकापुर के ग्राम पंचायत चठिरमा के बढनिझरिया ग्राम के आंगनबाड़ी केंद्र भाटापारा के भवन का निर्माण पूरा हो गया है। इस निर्माण कार्य से न केवल ग्रामीणों को रोजगार उपलब्ध हुआ बल्कि बच्चों को सुरक्षित शिक्षा एवं पोषण का केंद्र मिला।
यह आंगनबाड़ी केंद्र पूर्व में दो कमरे के छोटे किराए के भवन में संचालित होता था। सीमित जगह के कारण बच्चों को बैठने, पढ़ने और खेल-कूद जैसी गतिविधियों में काफी परेशानी होती थी। अब 11.69 लाख रुपये की लागत से निर्मित यह नया आंगनबाड़ी भवन बच्चों के लिए आकर्षण का केंद्र बन गया है।
दो छोटे कमरों से शुरू हुआ सफर-
आंगनबाड़ी कार्यकर्ता सुमित्रा व्यापारी बताती हैं कि पहले आंगनबाड़ी किराए के मकान में केवल दो छोटे कमरों में संचालित होता था। जगह कम होने के कारण बच्चों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ता था। पर्याप्त स्थान नहीं होने से बच्चों की गतिविधियां भी प्रभावित होती थीं।भवन निर्माण पूरा होने के बाद बच्चों के लिए पर्याप्त जगह उपलब्ध है और आंगनबाड़ी की गतिविधियां व्यवस्थित तरीके से संचालित हो रही हैं।
उन्होंने बताया कि वर्तमान में केंद्र में 3 से 6 वर्ष आयु वर्ग के 22 बच्चे और 6 माह से 3 वर्ष आयु वर्ग के 38 बच्चे, कुल 60 बच्चे लाभान्वित हो रहे हैं। इसके अलावा 8 शिशुवती माताएं और 9 गर्भवती माताएं भी आंगनबाड़ी की सेवाओं से जुड़ी हुई हैं। आंगनबाड़ी में नियमित रूप से पोषण आहार उपलब्ध कराया जा रहा है, जिससे बच्चों के स्वास्थ्य और पोषण स्तर में सुधार हुआ है। साथ ही स्वच्छता और पोषण संबंधी जानकारी दी जा रही है तथा गर्भवती एवं शिशुवती माताओं को पूरक पोषण आहार प्रदान किया जा रहा है।
सुविधाओं से सुसज्जित भवन में नौनिहालों को मिल रहा खुशनुमा माहौल-
नए और सुविधायुक्त भवन में पहुंचकर बच्चों के चेहरे पर खुशी साफ दिखाई देती है। आकर्षक रंगों और शैक्षणिक चित्रों से सजा आंगनबाड़ी केंद्र बच्चों के लिए सीखने के साथ-साथ खेल और मनोरंजन का भी बेहतर स्थान बन गया है।भवन की दीवारों पर अक्षर ज्ञान, शिक्षाप्रद चित्र और मनमोहक कार्टून उकेरे गए हैं, जिससे बच्चे खेल-खेल में सीख रहे हैं। यह रंग-बिरंगे शैक्षणिक चित्र बच्चों को आकर्षित करते हैं और खेल-खेल में सीखने के लिए प्रेरित करते हैं।
ग्रामीणों को मिला रोजगार का अवसर-
वीबी जी राम जी योजना के तहत आंगनबाड़ी निर्माण कार्य से ग्रामीणों के लिए रोजगार के अवसर सृजित हुए, जिससे उनकी आजीविका को सहारा मिला और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती मिली। निर्माण कार्य के दौरान कुल 439 मानव दिवस का रोजगार सृजित हुआ। इससे स्थानीय ग्रामीणों को अपने ही क्षेत्र में रोजगार प्राप्त हुआ और उनकी आर्थिक स्थिति में सुधार लाने में मदद मिली।









