
*सेवा की कहानी
*- संपत्ति कार्ड मिलने से बढ़ा भरोसा, जमीन संबंधी विवादों की आशंका हुई कम*
राजनांदगांव 06 अक्टूबर 2026। स्वामित्व योजना के माध्यम से ग्रामीण क्षेत्रों में आबादी भूमि पर निवासरत ग्रामीणों को उनकी संपत्ति का स्पष्ट एवं आधिकारिक स्वामित्व प्रदान किया जा रहा है। योजना के तहत ग्रामीण आबादी क्षेत्रों का आधुनिक तकनीक एवं ड्रोन के माध्यम से सर्वेक्षण एवं मानचित्रण कर संपत्तियों का अभिलेख तैयार किया गया है। इसके आधार पर पात्र संपत्ति मालिकों को संपत्ति कार्ड उपलब्ध कराया जा रहा है। इससे ग्रामीणों को अपनी संपत्ति के स्वामित्व का आधिकारिक रिकॉर्ड प्राप्त हो रहा है और उनके संपत्ति अधिकार अधिक सुरक्षित एवं स्पष्ट हो रहे हैं। जिले में भी स्वामित्व योजना के तहत ग्रामीण आबादी क्षेत्रों में संपत्तियों का सर्वेक्षण एवं अभिलेख तैयार किया गया है। ड्रोन तकनीक के माध्यम से किए गए सर्वेक्षण से संपत्तियों की सीमाओं एवं स्थिति का डिजिटल मानचित्र तैयार किया गया है।
इसी प्रक्रिया के तहत राजनांदगांव विकासखंड के ग्राम आरला निवासी श्री हरिराम को उनकी संपत्ति का संपत्ति कार्ड उपलब्ध कराया गया है। संपत्ति कार्ड प्राप्त होने के बाद श्री हरिराम को अपनी संपत्ति का स्पष्ट एवं आधिकारिक रिकॉर्ड मिला है। इससे उन्हें अपनी जमीन पर कानूनी मालिकाना हक होने का भरोसा मजबूत हुआ है। संपत्ति का स्वामित्व अभिलेख में दर्ज होने से भविष्य में जमीन से संबंधित विवादों की संभावना कम होने की उम्मीद है। श्री हरिराम ने बताया कि पहले जमीन के स्वामित्व और अभिलेख से संबंधित जानकारी को लेकर असमंजस की स्थिति बनी रहती थी। अब संपत्ति कार्ड मिलने से अपनी संपत्ति के संबंध में वैध दस्तावेज प्राप्त हो गया है। इससे अपनी संपत्ति का उपयोग अधिक आत्मविश्वास के साथ करने में सुविधा होगी। साथ ही संपत्ति कार्ड के माध्यम से बैंक ऋण जैसी वित्तीय सुविधाओं तक पहुंच बनाने में सहायता मिलेगी तथा शासन की विभिन्न योजनाओं का लाभ लेने में भी सुविधा होगी। श्री हरिराम ने स्वामित्व योजना के तहत संपत्ति कार्ड मिलने पर प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी और मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के प्रति आभार व्यक्त करते हुए धन्यवाद ज्ञापित किया है।









