
Hema Malini Birthday Special: बॉलीवुड की ड्रीम गर्ल हेमा मालिनी की जिंदगी सिर्फ शोहरत और खूबसूरती की कहानी नहीं है. करियर की शुरुआत में फिल्म से निकाले जाने का झटका लगा, मां के चेहरे पर अपमान का भाव देखकर एक्ट्रेस बनने की जिद पैदा हुई और फिर शादीशुदा धर्मेंद्र से प्यार के कारण आलोचना झेलनी पड़ी. 16 अक्टूबर को जन्मदिन के मौके पर जानिए उस एक्ट्रेस की कहानी, जिसने जिंदगी के हर मोड़ पर अपनी राह खुद चुनी.
बॉलीवुड में कुछ सितारों की जिंदगी किसी फिल्म की कहानी जैसी लगती है. पहले संघर्ष, फिर कामयाबी और आखिर में ऐसा स्टारडम कि दुनिया उन्हें उनके असली नाम से ज्यादा किसी खास पहचान से जानने लगती है. हेमा मालिनी के साथ भी कुछ ऐसा ही हुआ. आज दुनिया उन्हें ड्रीम गर्ल कहती है, लेकिन इस नाम के पीछे सिर्फ खूबसूरत चेहरा और सुपरहिट फिल्में नहीं हैं. उनकी जिंदगी में रिजेक्शन का झटका भी था, मां की उम्मीदें भी थीं और प्यार के लिए उठाए गए ऐसे फैसले भी, जिन पर सालों तक सवाल उठते रहे.
जिस हेमा मालिनी की एक झलक के लिए कभी दर्शक सिनेमाघरों तक खिंचे चले आते थे, उसी लड़की को करियर की शुरुआत में एक फिल्म से सिर्फ चार दिन की शूटिंग के बाद बाहर कर दिया गया था. आगे चलकर उन्होंने हिंदी सिनेमा में अपनी अलग पहचान बनाई. लेकिन जब निजी जिंदगी में धर्मेंद्र से प्यार और शादी का फैसला आया, तो उनकी चर्चा एक्टिंग से आगे निकलकर उनके रिश्ते तक पहुंच गई. एक तरफ ड्रीम गर्ल का स्टारडम था, दूसरी तरफ ‘दूसरी शादी’ से जुड़ा ऐसा टैग, जिसने उन्हें भीतर तक आहत किया. आखिर कैसे एक रिजेक्शन से शुरू हुआ हेमा मालिनी का सफर सुपरस्टारडम तक पहुंचा और प्यार के लिए गए उनके फैसले ने उनकी जिंदगी की कहानी को हमेशा के लिए बदल दिया? आइए, जानते हैं हेमा मालिनी की जिंदगी के इस दिलचस्प सफर के बारे में.
चार दिन शूटिंग के बाद फिल्म से निकाल दिया गया
हेमा मालिनी ने लेहरें रेट्रो को दिए एक इंटरव्यू में अपने करियर के शुरुआती दिनों का यह किस्सा सुनाया था. उन्होंने बताया कि तमिल फिल्ममेकर सीवी श्रीधर ने उन्हें अपनी फिल्म के लिए चुना था. उस वक्त उनका नाम बदलकर सुजाता भी रखा गया था. फिल्म में जयललिता भी थीं. हेमा को उनके डांस कार्यक्रमों के दौरान देखा गया था और उनकी मां के जरिए फिल्म का प्रस्ताव पहुंचा था.
हेमा ने बताया कि वह फिल्मों में आने को लेकर बहुत उत्साहित नहीं थीं और उन्होंने काफी झिझक के बाद प्रस्ताव स्वीकार किया था. लेकिन शूटिंग शुरू होने के चार दिन बाद ही निर्देशक ने उन्हें फिल्म से हटा दिया. उन्हें लगा कि हेमा उनकी फिल्म के लिए सही नहीं हैं.
हेमा ने इंटरव्यू में इस घटना को याद करते हुए कहा था कि उन्हें ऐसा झटका लगा, जिसकी उन्होंने उम्मीद नहीं की थी. उनके मुताबिक, निर्देशक ने उन्हें चार दिन शूटिंग कराने के बाद अचानक बाहर कर दिया. उस उम्र में, जब कोई लड़की अपने करियर की शुरुआत करने जा रही हो, ऐसा रिजेक्शन उसके आत्मविश्वास को हिला सकता है.
लेकिन हेमा की कहानी में एक दिलचस्प मोड़ था. इस घटना ने उन्हें फिल्मों से दूर नहीं किया, बल्कि अपने आपको साबित करने की चुनौती दे दी. उन्होंने बताया कि उनके मन में यह बात आई कि आखिर निर्देशक ने उन्हें रिजेक्ट कैसे कर दिया. उन्होंने इसे चुनौती की तरह लिया और तय किया कि वह मेहनत करके खुद को साबित करेंगी.
जिस फिल्म से उनका फिल्मी सफर शुरू होना था, वह तो नहीं हो सकी. लेकिन जल्द ही उन्हें हिंदी फिल्म ‘सपनों का सौदागर’ में काम करने का मौका मिला. 1968 में रिलीज हुई इस फिल्म में वह राज कपूर के साथ नजर आईं. यही उनके हिंदी सिनेमा में प्रवेश की शुरुआत बनी.
मां के चेहरे पर अपमान का भाव देख बदल गया फैसला
हेमा मालिनी के लिए पहली फिल्म का हाथ से निकल जाना शुरुआत में राहत की बात थी. वह खुद भी फिल्मों में आने से डर रही थीं. लेकिन जब उन्होंने अपनी मां जया चक्रवर्ती के चेहरे पर निराशा और अपमान का भाव देखा, तो उन्हें इस बात का एहसास हुआ कि यह घटना उनकी मां को भी आहत कर गई है. मां की भावनाओं को देखकर हेमा के लिए यह घटना सिर्फ एक फिल्म छूटने तक सीमित नहीं रही.
मां चाहती थीं कि बेटी आगे बढ़े, अपने लिए एक अलग पहचान बनाए. उन्होंने हेमा के करियर को आगे बढ़ाने में अहम भूमिका निभाई थी. ऐसे में फिल्म से बाहर किए जाने का झटका सिर्फ हेमा का नहीं था, उनकी मां की उम्मीदों से भी जुड़ा था. हेमा ने बताया था कि मां के चेहरे पर वह भाव देखकर उन्होंने अभिनेत्री बनने की ठान ली.
यानी जिस रास्ते पर चलने को लेकर हेमा खुद असमंजस में थीं, उसी रास्ते पर आगे बढ़ने का फैसला उन्होंने उस पल लिया, जब उन्हें लगा कि उनकी मां की उम्मीदों को इस तरह टूटने नहीं देना चाहिए. यह उनके जीवन का ऐसा मोड़ था, जहां एक रिजेक्शन ने उनके भीतर खुद को साबित करने की जिद पैदा कर दी.
ड्रीम गर्ल बनीं, तो बड़े-बड़े सितारे भी हुए दीवाने
‘सपनों का सौदागर’ के बाद हेमा मालिनी ने पीछे मुड़कर नहीं देखा. ‘जॉनी मेरा नाम’, ‘सीता और गीता’, ‘शोले’, ‘ड्रीम गर्ल’ और ‘मीरा’ जैसी फिल्मों में उन्होंने अलग-अलग तरह के किरदार निभाए. कभी चुलबुली बसंती बनकर दर्शकों को हंसाया, तो कभी गंभीर भूमिकाओं से अपनी अभिनय क्षमता दिखाई.
हेमा मालिनी की निजी जिंदगी भी उनके फिल्मी करियर की तरह चर्चा में रही. संजीव कुमार और जितेंद्र के साथ उनके रिश्तों की खबरें उस दौर में सुर्खियों में थीं. बाद में हेमा मालिनी ने धर्मेंद्र से शादी की, जिसके बाद उनकी निजी जिंदगी को लेकर चर्चाएं और तेज हो गईं.
धर्मेंद्र के साथ उनकी जोड़ी पर्दे पर खूब पसंद की गई. दोनों ने कई फिल्मों में साथ काम किया और धीरे-धीरे उनके निजी रिश्ते की खबरें भी सामने आने लगीं. लेकिन इस प्रेम कहानी की सबसे बड़ी मुश्किल यह थी कि धर्मेंद्र पहले से शादीशुदा थे. उनकी पहली पत्नी प्रकाश कौर थीं और उनके चार बच्चे थे.
शादीशुदा धर्मेंद्र से प्यार, आसान नहीं था फैसला
हेमा मालिनी और धर्मेंद्र की प्रेम कहानी का जिक्र आते ही फिल्मी पर्दे की रोमांटिक जोड़ी के साथ-साथ उनकी निजी जिंदगी के सवाल भी सामने आते हैं. धर्मेंद्र और हेमा ने 1980 में शादी की. लेकिन यह फैसला उस दौर में हुआ, जब धर्मेंद्र की पहली शादी और परिवार पहले से मौजूद था. ऐसे में दोनों के रिश्ते को लेकर आलोचना होना तय था.
हेमा मालिनी ने अपनी जीवनी ‘Hema Malini: Beyond the Dream Girl’ में धर्मेंद्र के साथ अपने रिश्ते को लेकर हुई आलोचनाओं का जिक्र किया है. इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के मुताबिक, हेमा ने लिखा कि उनके रिश्ते पर लोगों ने सवाल उठाए और उनके बारे में बातें कीं. लोग उनके सामने भले ही कुछ नहीं कहते थे, लेकिन उन्हें पता था कि उनकी पीठ पीछे उनके रिश्ते को लेकर चर्चा होती थी. हेमा के लिए इस तरह की आलोचनाओं का सामना करना आसान नहीं था.
हेमा ने अपनी जीवनी में यह भी बताया कि उन्हें ‘फर्स्ट लेडी ऑफ सेकेंड मैरिजेज’ कहा गया था. यह नाम उन्हें दुख पहुंचाने वाला और अनुचित लगा. उन्होंने यह भी लिखा कि वह धर्मेंद्र के साथ खुश थीं और उन्हें अपनी जिंदगी में खुशी चाहिए थी.
उनके शब्दों में, “मुझे बस इतना पता था कि वह मुझे खुश रखते हैं और मुझे खुशी चाहिए थी.” यह बात उनकी निजी पसंद को समझने का एक नजरिया देती है. लेकिन इस रिश्ते में सिर्फ दो लोगों का प्यार नहीं था. धर्मेंद्र की पहली पत्नी और बच्चों का भी अपना परिवार था. इसलिए इस कहानी को केवल रोमांस की तरह देखना अधूरा होगा. यह एक ऐसा फैसला था, जिसने कई लोगों की जिंदगी को प्रभावित किया और जिसके बारे में सार्वजनिक चर्चा लंबे समय तक चलती रही.
निजी जिंदगी के सवालों के बीच जारी रहा करियर
हेमा मालिनी ने अपनी निजी जिंदगी को लेकर उठने वाली आलोचनाओं के बावजूद काम करना जारी रखा. वह फिल्मों में सक्रिय रहीं, शास्त्रीय नृत्य से जुड़ी रहीं और आगे चलकर राजनीति में भी आईं. उनकी पहचान सिर्फ धर्मेंद्र की पत्नी के रूप में नहीं बनी. उन्होंने अपनी फिल्मों, नृत्य और सार्वजनिक जीवन के जरिए अलग जगह बनाई.
उनकी जिंदगी में ऐसे फैसले भी रहे जिनसे हर कोई सहमत हो, यह जरूरी नहीं. लेकिन उनके करियर को केवल निजी रिश्ते के आधार पर देखना भी सही नहीं होगा. एक ओर वह अभिनेत्री थीं, जिन्हें शुरुआत में फिल्म से बाहर कर दिया गया था. दूसरी ओर वही अभिनेत्री आगे चलकर हिंदी सिनेमा की सबसे पहचानी जाने वाली हस्तियों में शामिल हुईं.
हेमा मालिनी की कहानी में मां की उम्मीदें हैं, शुरुआती रिजेक्शन है, प्यार है और सामाजिक आलोचना भी. लेकिन इन सबके बीच उनका काम लगातार आगे बढ़ता रहा. उन्होंने अपनी जिंदगी के बारे में जो बातें साझा कीं, उनसे यह समझ आता है कि उन्होंने कई मुश्किल फैसलों और अनुभवों के बावजूद अपने जीवन को आगे बढ़ाने की कोशिश की.
आज उनके जन्मदिन पर ड्रीम गर्ल को याद करना सिर्फ उनकी खूबसूरती या सुपरहिट फिल्मों को याद करना नहीं है. यह उस सफर को भी देखना है, जिसमें शुरुआत का एक रिजेक्शन उनके लिए चुनौती बना और निजी जिंदगी के फैसलों ने उन्हें लंबे समय तक चर्चा में रखा.
जिस लड़की को चार दिन बाद फिल्म से निकाल दिया गया था, वही आगे चलकर लाखों दिलों की ड्रीम गर्ल बनी. उनकी जिंदगी की राह आसान नहीं थी, लेकिन उनकी पहचान आखिरकार उनके लंबे करियर और पर्दे पर छोड़ी गई छाप से बनी.









