Ro no D15139/23

झारखंड डिजिटल क्रॉप सर्वे की रफ्तार सुस्त, 17 जिलों में 50% से भी कम काम, जानें क्या है आपके जिले का हाल?

रांची : झारखंड में खरीफ 2026 के डिजिटल क्रॉप सर्वे (डीसीएस) की रफ्तार धीमी है. राज्य के 24 जिलों में 17 अक्तूबर तक निर्धारित लक्ष्य के मुकाबले केवल 38.80 प्रतिशत खेतों का ही डिजिटल सर्वे पूरा हो सका है. राज्य में कुल 26,07,544 प्लॉट का सर्वे किया जाना है, जबकि 17 अक्तूबर तक इनमें से 10,11,834 प्लॉट का सर्वे हुआ है. वहीं, सर्वे के बाद अप्रूवल की स्थिति उत्साहजनक नहीं है. अब तक 5,15,628 प्लॉट का ही अप्रूवल हुआ है, जो कुल लक्ष्य का 19.77 प्रतिशत है. जिलावार आंकड़ों के अनुसार, 17 जिलों में डिजिटल क्रॉप सर्वे का काम 50 प्रतिशत से कम हुआ है. इनमें पश्चिमी सिंहभूम में सबसे खराब स्थिति है. यहां निर्धारित लक्ष्य के मुकाबले केवल 15.47 प्रतिशत प्लॉट का सर्वे पूरा हुआ है. खूंटी में 14.76 प्रतिशत और दुमका में 21.18 प्रतिशत सर्वे हुआ है. राजधानी रांची में भी 30.29 प्रतिशत प्लॉट का ही सर्वे पूरा हो सका है.

31 अक्टूबर तक पूरा करना है सर्वे

डिजिटल क्रॉप सर्वे की धीमी प्रगति को देखते हुए स्टेट एग्रीकल्चर मैनेजमेंट एंड एक्सटेंशन ट्रेनिंग इंस्टीट्यूट (समेति), झारखंड के निदेशक सह नोडल पदाधिकारी (डीसीएस) रामशंकर प्रसाद सिंह ने सभी जिलों के जिला कृषि पदाधिकारियों को पत्र लिखा है. 15 अक्तूबर को जारी पत्र में खरीफ 2026 के डिजिटल क्रॉप सर्वे की समय-सीमा बढ़ाकर 31 अक्तूबर 2026 कर दी गयी है. पत्र में स्पष्ट कहा गया है कि अब आगे समय-सीमा बढ़ाये जाने की संभावना नहीं है. ऐसे में सभी जिलों को सर्वे और अप्रूवल से संबंधित लंबित काम प्राथमिकता के आधार पर पूरा करना होगा. जिला कृषि पदाधिकारियों को सर्वेयर और सुपरवाइजर की पर्याप्त तैनाती सुनिश्चित करने तथा प्रतिदिन की प्रगति की निगरानी करने का निर्देश दिया गया है. अप्रूवल पर भी देना होगा जोर डिजिटल क्रॉप सर्वे के तहत केवल खेतों का सर्वे करना ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि सर्वे के बाद संबंधित आंकड़ों का अप्रूवल भी जरूरी है. राज्य में अब तक 5,15,628 प्लॉट का अप्रूवल हुआ है. कुल लक्ष्य के मुकाबले यह 19.77 प्रतिशत है. इसलिए जिलों को सर्वे की गति बढ़ाने के साथ अप्रूवल के लंबित मामलों का निबटारा करना होगा. कृषि विभाग के सामने अब 31 अक्तूबर तक शेष सर्वे और अप्रूवल का काम पूरा करने की चुनौती है.

50% से कम डिजिटल क्रॉप सर्वे वाले जिले

क्र. सं.जिलाकुल लक्ष्य (प्लॉट)17 अक्टूबर तक सर्वेलक्ष्य के मुकाबले प्रगति
1साहिबगंज6,06,1052,87,87047.50%
2धनबाद14,57,2706,78,98946.59%
3गढ़वा9,57,9424,42,25746.17%
4पाकुड़7,44,3833,09,43941.57%
5चतरा6,98,3752,90,04941.53%
6बोकारो8,75,9243,37,30838.51%
7लातेहार6,85,5902,35,65534.37%
8सरायकेला9,60,2593,08,37632.11%
9सिमडेगा10,75,0283,44,23132.02%
10गिरिडीह16,59,9425,20,00331.33%
11गोड्डा8,31,3002,56,73630.88%
12रांची16,99,7355,14,89130.29%
13पूर्वी सिंहभूम12,72,1393,75,41629.51%
14पलामू12,51,9633,17,40725.35%
15दुमका18,53,7603,92,62121.18%
16पश्चिमी सिंहभूम20,33,9683,14,68315.47%
17खूंटी9,61,2191,41,82914.76%

सर्वेयरों की उपलब्धता के बावजूद कई जिलों में पिछड़ रहा काम

राज्य में सर्वे के लिए कुल 65,478 सर्वेयरों का पंजीकरण हुआ है. इनमें 28,901 सर्वेयर पंजीकृत सर्वेयरों की सूची में दर्ज हैं, जबकि 6,275 सीएससी सर्वेयर भी पंजीकृत हैं. कुल पंजीकृत सर्वेयरों की संख्या 34,303 बतायी गयी है. हालांकि, जिलों में सर्वे की प्रगति में अंतर है. लोहरदगा में 80.29 प्रतिशत, देवघर में 76.82 प्रतिशत और हजारीबाग में 64.93 प्रतिशत सर्वे पूरा हो चुका है. इसके विपरीत कई जिले अभी आधे लक्ष्य तक भी नहीं पहुंचे हैं.

  • Related Posts

    केंद्र सरकार को झटके लगते ही क्यों मुखर हो जाते हैं NDA के साथी? चिराग, मांझी और कुशवाहा की राजनीति समझिए

    Chirag Paswan-Jitan Ram Manjhi Politics: गठबंधन की राजनीति में साथ रहना और हर मुद्दे पर एक जैसी राय रखना, दोनों अलग-अलग बातें हैं. केंद्र में सत्तारूढ़ राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) में…

    Read more

    नवरात्र के पहले दिन 68 आदिवासी परिवारों को मिला अपने घर का उपहार, अदाणी फाउंडेशन ने कराया गृह प्रवेश

    पीरपैंती में संथाल और पहाड़िया समुदाय की महिलाओं को सौंपी गई घरों की चाबी भूमिहीन परिवारों को मिला स्थायी आवास और सम्मान के साथ जीवन जीने का अवसर अतीश दीपंकर…

    Read more

    NATIONAL

    बसपा में आकाश आनंद के प्रचार कार्यक्रम पर मायावती की मुहर, अब ईशान संभालेंगे चुनाव प्रबंधन की जिम्मेदारी

    बसपा में आकाश आनंद के प्रचार कार्यक्रम पर मायावती की मुहर, अब ईशान संभालेंगे चुनाव प्रबंधन की जिम्मेदारी

    संघ के 101वें वर्ष में प्रवेश पर कहलगांव में विजयादशमी उत्सव, स्वयंसेवकों ने किया पथ संचलन

    संघ के 101वें वर्ष में प्रवेश पर कहलगांव में विजयादशमी उत्सव, स्वयंसेवकों ने किया पथ संचलन

    भारत की इस नदी को क्यों कहा जाता है पुरुष नदी, जानिए क्या है इसकी कहानी

    भारत की इस नदी को क्यों कहा जाता है पुरुष नदी, जानिए क्या है इसकी कहानी

    ‘रिजीम चेंज’ की बहस: लोकतांत्रिक असहमति या सत्ता-विरोधी साजिश?

    ‘रिजीम चेंज’ की बहस: लोकतांत्रिक असहमति या सत्ता-विरोधी साजिश?

    रूस से तेल खरीदने पर भारत पर कोई टैरिफ नहीं, ट्रंप ने 100% टैरिफ लगाने वाले कानून पर लगाई रोक

    रूस से तेल खरीदने पर भारत पर कोई टैरिफ नहीं, ट्रंप ने 100% टैरिफ लगाने वाले कानून पर लगाई रोक

    भारत में मुख्य चुनाव आयुक्त के खिलाफ प्रदर्शन के दौरान हिरासत में लिया जाना क्या कानूनी था?

    भारत में मुख्य चुनाव आयुक्त के खिलाफ प्रदर्शन के दौरान हिरासत में लिया जाना क्या कानूनी था?