
कोरबा, 26 अक्टूबर 2026/नागरिकों की समस्याओं का समयबद्ध समाधान और शासकीय योजनाओं का लाभ पात्र हितग्राहियों तक पहुंचाना जिला प्रशासन की प्राथमिकता है। इसी उद्देश्य से कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में आयोजित जनदर्शन में कलेक्टर श्री कुणाल दुदावत ने जिले के दूरस्थ वनांचलों सहित विभिन्न क्षेत्रों से पहुंचे नागरिकों की समस्याएं गंभीरतापूर्वक सुनीं। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को प्रत्येक आवेदन पर संवेदनशीलता के साथ कार्रवाई करते हुए नियमानुसार निर्धारित समय-सीमा में निराकरण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
जनदर्शन में स्वरोजगार, खसरों की गिरदावरी जांच, भूमि सीमांकन, त्रुटि सुधार, नक्शा कटवाने, राजस्व अभिलेखों की दुरुस्ती, शिकायतों की जांच, मतदाता सूची में नाम की जांच, प्रधानमंत्री आवास योजना की लंबित किश्तों के भुगतान एवं पात्रता जांच, पशु शेड निर्माण, अतिक्रमण हटाने, सड़क मरम्मत, राहत राशि, भूमि अधिग्रहण मुआवजा, सड़क दुर्घटना बीमा लाभ तथा आजीविका संबंधी मांगों सहित कुल 109 आवेदन प्राप्त हुए।
कलेक्टर श्री दुदावत ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि आवेदनों का गंभीरता से परीक्षण कर पात्र हितग्राहियों को शासकीय योजनाओं का लाभ समय पर उपलब्ध कराया जाए। उन्होंने लंबित प्रकरणों की नियमित समीक्षा करते हुए प्राथमिकता के आधार पर निराकरण करने और नागरिकों को राहत पहुंचाने के लिए प्रभावी पहल सुनिश्चित करने पर जोर दिया। जनदर्शन में जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री प्रतीक जैन, अपर कलेक्टर श्री देवेंद्र पटेल, श्री ओंकार यादव सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।
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कोरबा, 26 अक्टूबर 2026/
प्रयास आवासीय विद्यालयों में शैक्षणिक सत्र 2026-27 के लिए कक्षा 9वीं में प्रवेश हेतु चौथी ओपन काउंसलिंग के बाद चयनित विद्यार्थियों की सूची जारी कर दी गई है। चयनित विद्यार्थियों को 30 अक्टूबर 2026 तक संबंधित प्रयास आवासीय विद्यालय में अनिवार्य रूप से प्रवेश लेना होगा।
चयनित विद्यार्थियों की सूची विभागीय वेबसाइट http://eklavya.cg.nic.in/ पर उपलब्ध है। विद्यार्थियों एवं उनके पालकों को निर्धारित समय-सीमा में आवश्यक दस्तावेजों के साथ संबंधित विद्यालय में उपस्थित होकर प्रवेश प्रक्रिया पूर्ण करने के निर्देश दिए गए हैं।
प्रवेश के लिए कक्षा आठवीं की अंकसूची, जाति प्रमाण पत्र तथा लागू होने की स्थिति में नक्सल पीड़ित परिवार एवं विशेष पिछड़ी जनजाति से संबंधित प्रमाण पत्र, अल्पसंख्यक वर्ग के अंतर्गत पात्रता से संबंधित (10 रुपए के नॉन ज्यूडिशियल स्टसम्प पेपर पर) निर्धारित नोटरी प्रमाण पत्र भी आवश्यक होगा, प्रस्तुत करना होगा। इसके अतिरिक्त, संबंधित पात्रता के अनुसार आवश्यक प्रमाण पत्र भी जमा करने होंगे। प्रवेश की पात्रता सुनिश्चित होने पर दो दिवस के भीतर जिला शिक्षा अधिकारी से काउंटर हस्ताक्षरित स्थानांतरण प्रमाण पत्र तथा जिला चिकित्सा अधिकारी द्वारा जारी सिकलसेल जांच प्रमाण पत्र प्रस्तुत करना अनिवार्य होगा।
चयनित विद्यार्थियों से अपील की गई है कि वे निर्धारित तिथि तक सभी आवश्यक दस्तावेजों के साथ प्रवेश प्रक्रिया पूर्ण करें। चयनित प्रयास आवासीय विद्यालय में संस्था परिवर्तन की अनुमति नहीं होगी।
कोरबा, 26 अक्टूबर 2026/
भारतीय मौसम विभाग से प्राप्त जानकारी के अनुसार बंगाल की खाड़ी के पूर्व-मध्य और दक्षिण-पूर्व क्षेत्र में बने दबाव के चक्रवाती तूफान ‘अर्नब’ में परिवर्तित होने की संभावना है। इसके प्रभाव से 28 और 29 अक्टूबर को कोरबा जिले में वर्षा तथा आंधी-तूफान की आशंका को देखते हुए कलेक्टर श्री कुणाल दुदावत ने आज वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से संबंधित अधिकारियों की बैठक लेकर तैयारियों की समीक्षा की। उन्होंने अपर कलेक्टर, राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग के प्रभारी अधिकारी, सभी एसडीएम, तहसीलदार, थाना प्रभारी, भू-अभिलेख शाखा, नगरीय निकायों, जनपद पंचायतों, स्वास्थ्य और बिजली विभाग सहित संबंधित अधिकारियों से चर्चा कर आवश्यक निर्देश दिए।
कलेक्टर ने कहा कि मौसम की स्थिति पर लगातार नजर रखते हुए सभी विभाग समन्वय से काम करें। किसी भी आपात स्थिति में त्वरित सहायता पहुंचाने के लिए अधिकारी और उनकी टीमें फोन चालू रखें तथा क्षेत्र में उपलब्ध संसाधनों को तैयार रखें। उन्होंने लोगों से भी मौसम संबंधी चेतावनियों का पालन करने, जोखिम वाले स्थानों से दूर रहने और प्रशासन द्वारा जारी निर्देशों पर अमल करने की अपील की।
कोटवारों से मुनादी, जोखिम वाले क्षेत्रों पर विशेष निगरानी
कलेक्टर ने राजस्व अधिकारियों और तहसीलदारों को कोटवारों के माध्यम से गांवों में मुनादी कराकर लोगों को वर्षा, तेज हवा और संभावित जलभराव के प्रति सतर्क करने के निर्देश दिए। निचले और जोखिमयुक्त क्षेत्रों पर विशेष निगरानी रखने तथा जलस्तर बढ़ने की आशंका होने पर वहां के लोगों को समय रहते सुरक्षित स्थान पर पहुंचाने की तैयारी करने को कहा गया। प्रशासन का प्रयास रहेगा कि किसी भी व्यक्ति को बाढ़ या जलभराव की स्थिति में अपने स्थान पर फंसने न दिया जाए।
तेज हवा के दौरान पेड़ गिरने, बिजली गिरने और अन्य दुर्घटनाओं से बचाव के लिए भी लोगों को सावधानी बरतने की जानकारी दी जाएगी। नागरिक पेड़ों, बिजली के खंभों और कमजोर संरचनाओं के पास खड़े न हों तथा आंधी-तूफान के दौरान अनावश्यक रूप से बाहर निकलने से बचें।
पुल-पुलियों पर पानी होने पर आवागमन रोका जाएगा
कलेक्टर ने नदी-नालों का जलस्तर बढ़ने और पुल-पुलियों के ऊपर से पानी बहने की स्थिति में तत्काल आवागमन रोकने के निर्देश दिए। सूचना मिलते ही कोटवारों तथा स्थानीय अमले के माध्यम से अस्थायी बैरिकेडिंग कराई जाएगी। किसी भी व्यक्ति को मोटरसाइकिल, कार या अन्य वाहन से बहते पानी के बीच से गुजरने की अनुमति नहीं दी जाएगी। नागरिकों से अपील की गई है कि पुल-पुलियों पर पानी होने पर रास्ता पार करने का जोखिम न लें और प्रशासन की ओर से लगाए गए अवरोधों का पालन करें।
तहसीलदारों को पटवारी और राजस्व निरीक्षकों के माध्यम से फसल तथा मकान क्षति का सर्वे करने के लिए आवश्यक तैयारी रखने को कहा गया है। फसल क्षति की स्थिति में ग्रामीण कृषि विस्तार अधिकारियों के माध्यम से सर्वे कराया जाएगा।
सामुदायिक भवनों में तैयार होंगे राहत शिविर
जनपद पंचायतों के मुख्य कार्यपालन अधिकारियों को ग्राम पंचायत सचिवों के माध्यम से राहत शिविरों के लिए स्थल चिह्नित करने के निर्देश दिए गए हैं। सामुदायिक भवनों को प्राथमिकता देते हुए वहां पेयजल, भोजन, चिकित्सा सुविधा और रोशनी की व्यवस्था सुनिश्चित की जाएगी। कलेक्टर ने कहा कि राहत शिविरों के लिए स्कूलों का चयन न किया जाए, ताकि प्रभावित परिवारों को जरूरत पड़ने पर कई दिनों तक सुरक्षित आश्रय मिल सके।
ग्राम पंचायतों को टॉर्च, रस्सी और अन्य जरूरी सामग्री तैयार रखने को कहा गया है। आपदा प्रबंधन के लिए उपलब्ध संसाधनों और एसडीआरएफ से प्राप्त आवश्यक उपकरणों को भी तैयार रखा जाएगा। बचाव कार्यों के लिए गोताखोरों की टीम को तैनात रखने के निर्देश दिए गए हैं।
स्वास्थ्य केंद्रों में दवाइयां और चिकित्सकीय दल उपलब्ध रहें
स्वास्थ्य विभाग को 28 और 29 अक्टूबर को प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों एवं उप-स्वास्थ्य केंद्रों में आवश्यक चिकित्सकीय अमले, दवाइयों और उपचार सुविधाओं की उपलब्धता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं। दूरस्थ और कटाव प्रभावित क्षेत्रों में जिन गर्भवती महिलाओं का प्रसव संभावित है, उन्हें पूर्व सूचना देकर 27 अक्टूबर को ही स्वास्थ्य केंद्रों में भर्ती कराने की व्यवस्था की जाएगी।
बिजली आपूर्ति बाधित होने की स्थिति में स्वास्थ्य संस्थानों में चार्जेबल टॉर्च, बैटरी चालित लाइट और अन्य वैकल्पिक रोशनी की व्यवस्था रखी जाएगी। मितानिनों के पास दवाई पेटी और आवश्यक दवाइयों की उपलब्धता सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए गए हैं।
कलेक्टर ने वर्षा और बाढ़ के बाद स्वच्छता तथा रोग नियंत्रण पर भी ध्यान देने को कहा। पेयजल स्रोतों की जांच, आवश्यकतानुसार जल शुद्धीकरण, प्रभावित क्षेत्रों में सफाई, रोगों की निगरानी और मृत पशुओं के सुरक्षित निपटान की व्यवस्था की जाएगी। लोगों तक स्वच्छ पेयजल पहुंचाने के लिए संबंधित विभाग समन्वय से कार्य करेंगे।
बिजली लाइनों का निरीक्षण और बहाली के लिए टीमें तैयार
सीएसपीडीसीएल को बिजली लाइनों का पूर्व निरीक्षण कराने और जिन पेड़ों की डालियों से लाइनें प्रभावित होने की आशंका है, उनकी छंटाई कराने के निर्देश दिए गए हैं। लाइनमैन, ट्रांसफॉर्मर और मरम्मत संबंधी संसाधनों को तैयार रखा जाएगा। जिले के सभी पांच विद्युत आपूर्ति डिवीजन को अलर्ट रहने और बिजली आपूर्ति प्रभावित होने पर स्थिति की सूचना लगातार देने को कहा गया है।
28 और 29 अक्टूबर को शहरी, ग्रामीण तथा कटघोरा ग्रामीण डिवीजन से प्रभावित गांवों और मोहल्लों की सूची प्रतिदिन शाम 5 बजे तक उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए हैं। बिजली आपूर्ति पूरी तरह बहाल होने तक प्रभावित क्षेत्रों की प्रतिदिन समीक्षा की जाएगी।
पेड़ गिरने या पानी भरने पर रास्ते तत्काल खुलवाए जाएंगे
नगरीय निकायों को आपातकालीन प्रतिक्रिया दल तैयार रखने के निर्देश दिए गए हैं। पेड़ गिरने, सड़क अवरुद्ध होने, अंडरब्रिज में पानी भरने या सड़कों पर जलभराव होने की स्थिति में तत्काल कार्रवाई कर आवागमन बहाल कराया जाएगा। इसके लिए कटर, परिवहन साधन और आवश्यक कर्मचारियों की व्यवस्था पहले से सुनिश्चित की जाएगी। ग्रामीण क्षेत्रों में एसडीएम, वन विभाग और थाना प्रभारियों को सड़कें खुलवाने के लिए आपसी समन्वय बनाए रखने को कहा गया है।
आपात स्थिति में जिला नियंत्रण कक्ष से करें संपर्क
जिले में आपदा प्रबंधन के लिए जिला स्तर पर नियंत्रण कक्ष स्थापित किया गया है। आपात स्थिति में नागरिक दूरभाष नंबर 7759228548 पर संपर्क कर सकते हैं। स्थानीय स्तर पर भी आवश्यकतानुसार संपर्क नंबर जारी किए जाएंगे। कलेक्टर ने अधिकारियों को नियंत्रण कक्ष से समन्वय बनाए रखने तथा प्राप्त सूचनाओं पर त्वरित कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं।
कलेक्टर श्री दुदावत ने नागरिकों से अपील की है कि मौसम विभाग और जिला प्रशासन की चेतावनियों पर ध्यान दें, नदी-नालों और जलभराव वाले रास्तों से दूरी बनाए रखें तथा किसी भी आपात स्थिति की सूचना तत्काल नियंत्रण कक्ष या स्थानीय प्रशासन को दें। इस दौरान जिला पंचायत के सीईओ श्री प्रतीक जैन, अपर कलेक्टर श्री ओंकार यादव डिप्टी कलेक्टर श्री तुलाराम भारद्वाज अधीक्षक भू अभिलेख श्री अमित झा एवं वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से सभी एसडीएम, तहसीलदार थाना प्रभारी, जनपद सीईओ, नगर पालिका के सीएमओ, स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी, विद्युत विभाग के अधिकारी जुड़े रहे।
कोरबा, 26 अक्टूबर 2026/
बंगाल की खाड़ी में बन रहे चक्रवाती तूफान के प्रभाव से छत्तीसगढ़ के विभिन्न जिलों में 29 अक्टूबर तक भारी से बहुत भारी वर्षा की संभावना जताई गई है। मौसम की स्थिति को देखते हुए इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय, रायपुर ने किसानों के लिए मौसम आधारित कृषि सलाह जारी की है।
कलेक्टर श्री कुणाल दुदावत ने चक्रवाती तूफान और संभावित वर्षा को ध्यान में रखते हुए जिले के सभी संबंधित अधिकारियों, कर्मचारियों और मैदानी अमले को अलर्ट रहने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने किसानों तक समय पर मौसम और कृषि संबंधी सलाह पहुंचाने, विभागों के बीच समन्वय बनाए रखने तथा फसलों, उद्यानिकी उत्पादन और पशुधन की सुरक्षा के लिए आवश्यक तैयारियां सुनिश्चित करने को कहा है। उन्होंने निर्देशित किया है कि अधिकारी अपने-अपने क्षेत्रों की स्थिति पर लगातार नजर रखें और किसी भी आवश्यकता पर त्वरित कार्रवाई करें।
भारत मौसम विज्ञान विभाग से प्राप्त पूर्वानुमान के अनुसार दक्षिण-पूर्वी बंगाल की खाड़ी के ऊपर बना दबाव का क्षेत्र चक्रवाती तूफान का रूप ले सकता है। इसके प्रभाव से प्रदेश में वर्षा की गतिविधियां बढ़ने और 28 एवं 29 अक्टूबर को कुछ स्थानों पर भारी से बहुत भारी बारिश होने की संभावना है। प्रदेश के विभिन्न जिलों के लिए जारी पूर्वानुमान को देखते हुए कोरबा जिले में भी किसानों और नागरिकों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है।
इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय के कृषि वैज्ञानिकों ने सलाह दी है कि जिन खेतों में धान, दलहन और तिलहन की फसलें पकने की अवस्था में हैं, वहां अगले दो से चार दिनों तक कटाई स्थगित रखें। कटाई शुरू कर चुके किसान फसल को शीघ्र सुरक्षित स्थान पर पहुंचाएं। खेतों में अतिरिक्त पानी की निकासी के लिए उचित व्यवस्था रखें, ताकि जलभराव से फसल को नुकसान न हो।
फसलों में रोग या कीट के लक्षण दिखाई देने पर मौसम साफ होने के बाद ही कीटनाशक का छिड़काव करें। रबी फसलों की बुवाई करने वाले किसान मौसम की स्थिति को देखते हुए बुवाई नवंबर माह के प्रथम सप्ताह से शुरू करें।
सब्जी एवं फल उत्पादक किसान तेज हवा की आशंका को देखते हुए लता वाली सब्जियों, विशेषकर करेला और लौकी, के पौधों को सहारा दें। केले के पौधों और फलदार वृक्षों को भी आवश्यकतानुसार सहारा दें। सब्जियों के खेतों में जल निकासी का प्रबंध रखें और बारिश के दौरान कीटनाशक एवं कवकनाशक का छिड़काव न करें।
पशुपालक पशुओं को सुरक्षित और सूखे स्थान पर रखें। तेज हवा और बारिश के दौरान पशुओं को पेड़ों के नीचे या खुले स्थान पर न बांधें। उनके लिए सूखे चारे और स्वच्छ पेयजल की पर्याप्त व्यवस्था रखें।
कलेक्टर श्री दुदावत ने संबंधित विभागों को कृषि सलाह का व्यापक प्रचार-प्रसार करने और किसानों को समय पर आवश्यक जानकारी देने के निर्देश दिए हैं। कृषि विश्वविद्यालय ने भी किसानों से मौसम पूर्वानुमान पर नजर रखने और वैज्ञानिकों की सलाह का पालन करने की अपील की है। उड़ान परियोजना के तहत सिमगा के विद्यार्थियों ने किया अडानी कोरबा पावर प्लांट का शैक्षणिक भ्रमण
कोरबा, 26 अक्टूबर 2026/वनांचल स्थित शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय सिमगा, विकासखंड पोड़ी-उपरोड़ा के छात्र-छात्राओं ने उड़ान परियोजना के तहत अडानी कोरबा पावर प्लांट, पताड़ी-उरगा का शैक्षणिक औद्योगिक भ्रमण किया। विद्यार्थियों के शैक्षणिक एवं बौद्धिक विकास के उद्देश्य से आयोजित इस एक दिवसीय भ्रमण का मार्गदर्शन विद्यालय के प्राचार्य श्री सतीश प्रकाश सिंह ने किया।
भ्रमण के दौरान विद्यार्थियों को कक्षा की पढ़ाई से आगे बढ़कर विज्ञान और तकनीक के व्यावहारिक पहलुओं को समझने का अवसर मिला। प्राचार्य श्री सिंह ने विद्यार्थियों को बताया कि विद्यालय में पढ़े ऊर्जा और विज्ञान के सिद्धांत वास्तविक जीवन में किस प्रकार उपयोग किए जाते हैं।
उड़ान परियोजना के भ्रमण प्रभारी अधिकारी श्री प्रेम शंकर साहू ने विद्यार्थियों को बिजली उत्पादन की आधुनिक तकनीक और संयंत्र की कार्यप्रणाली की जानकारी दी। विद्यार्थियों ने संयंत्र की विशाल मशीनरी, पाइपलाइन, नियंत्रण कक्ष और आधुनिक कोल हैंडलिंग प्रणाली का अवलोकन किया। उन्हें औद्योगिक परिसर में अपनाए जाने वाले सुरक्षा मानकों, नियमों के पालन, कर्मचारियों की कार्यप्रणाली, टीमवर्क और अनुशासन के महत्व से भी परिचित कराया गया।
प्राचार्य श्री सतीश प्रकाश सिंह ने इस पहल के लिए अडानी फाउंडेशन और संयंत्र प्रबंधन के प्रति आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि इस तरह के शैक्षणिक भ्रमण से ग्रामीण क्षेत्र के विद्यार्थियों में तकनीकी शिक्षा के प्रति रुचि बढ़ती है और उन्हें ऊर्जा, तकनीक एवं इंजीनियरिंग के क्षेत्र में करियर के अवसरों को समझने का मौका मिलता है।
भ्रमण में विद्यार्थियों के साथ विद्यालय की व्याख्याता सुश्री दिव्या कुजूर, श्रीमती रुक्मणी पुरैना और श्री उमाशंकर टोंडे सहित छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे।
कोरबा, 26 अक्टूबर 2026/दक्षिण-पूर्वी बंगाल की खाड़ी में कम दबाव का क्षेत्र बनने से विकसित हो रही चक्रवाती परिस्थितियों का असर छत्तीसगढ़ के मौसम पर पड़ने की संभावना है। भारत मौसम विज्ञान विभाग से प्राप्त पूर्वानुमान के अनुसार, आगामी 28 एवं 29 अक्टूबर को प्रदेश के सभी जिलों में वर्षा होने तथा कुछ स्थानों पर भारी से बहुत भारी वर्षा की संभावना जताई गई है। मौसम की स्थिति को ध्यान में रखते हुए किसानों को फसलों, सब्जियों, फलदार पौधों और पशुधन की सुरक्षा के लिए आवश्यक सावधानियां बरतने की सलाह दी गई है।
पूर्वानुमान के अनुसार 27 अक्टूबर को प्रदेश के दक्षिणी हिस्सों में वर्षा की गतिविधियां अधिक रहने की संभावना है। 28 एवं 29 अक्टूबर को सभी जिलों में वर्षा का पूर्वानुमान है। वर्षा के कारण रात के तापमान में वृद्धि होने से आगामी कुछ दिनों तक ठंड का प्रभाव कम रहने की संभावना है।
मौसम की संभावित स्थिति को देखते हुए किसानों को सलाह दी गई है कि पकने की अवस्था में पहुंच चुकी धान, दलहन एवं तिलहन फसलों की कटाई अगले दो से तीन दिनों तक टालें। जिन किसानों ने कटाई शुरू कर दी है, वे कटी हुई फसलों को शीघ्र सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाएं तथा खेतों में अतिरिक्त पानी की निकासी की समुचित व्यवस्था करें। फसलों में कीट या रोग के लक्षण दिखाई देने पर मौसम साफ होने के बाद कृषि विशेषज्ञों की सलाह के अनुसार आवश्यक उपचार करें। तिवरा एवं अलसी की उत्तेरा फसल लेने वाले किसान फिलहाल बुवाई स्थगित रखें। रबी फसलों की बुवाई नवंबर के प्रथम सप्ताह से शुरू करने की सलाह दी गई है।
सब्जियों एवं फलदार पौधों की सुरक्षा के लिए भी विशेष सावधानी बरतने की आवश्यकता है। तेज हवा और वर्षा की संभावना को देखते हुए लौकी, करेला जैसी लता वाली सब्जियों को सहारा देने की व्यवस्था करें तथा जिन केले के पौधों में फूल या फल आ चुके हैं, उन्हें बांस से सहारा दें। रबी मौसम की सब्जियों की बुवाई नवंबर के प्रथम सप्ताह से प्रारंभ करने की सलाह दी गई है। वहीं पशुपालक अपने पशुओं को सूखे एवं सुरक्षित स्थानों पर रखें, उनके लिए चारे और स्वच्छ पानी की व्यवस्था सुनिश्चित करें तथा वज्रपात की आशंका के दौरान पशुओं को चराते समय पेड़ों के नीचे आश्रय लेने से बचें।
किसानों से अपील की गई है कि वे आगामी दिनों के मौसम पूर्वानुमान पर नजर रखें और खेतों में जल निकासी सहित फसलों एवं पशुधन की सुरक्षा के लिए समय रहते आवश्यक प्रबंध करें।









