
मुख्यमंत्री ने मां बगलामुखी देवी लोक के पहले चरण में होने वाले 85.40 करोड़ रूपए लागत के कार्यों का किया भूमि-पूजन
लगभग 20 हेक्टेयर भूमि पर बनेगा भव्य देवी लोक
नलखेड़ा आने वाले श्रद्धालुओं को मिलेंगी विश्वस्तरीय सुविधाएं
लखुंदर नदी के तटों पर सुंदर और भव्य घाट बनाएं जाएंगे
आमला से नलखेड़ा तक 14 किमी मार्ग को 55 करोड़ रूपए से बना रहे फोरलेन
भोपाल : IMNB NEWS AGENCY
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि आने वाले समय में नलखेड़ा में बन रहा मां बगलामुखी देवी लोक आस्था, अध्यात्म, श्रद्धा, अनुभव और धार्मिक पर्यटन का एक बड़ा केन्द्र बनकर उभरेगा। उन्होंने कहा कि देश-दुनिया से नलखेड़ा आने वाले श्रद्धालुओं को अब यहां विश्व स्तरीय सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सोमवार को आगर-मालवा जिले की सुसनेर विधानसभा क्षेत्र के नलखेड़ा में विश्व प्रसिद्ध मां बगलामुखी मंदिर परिसर में प्रस्तावित भव्य देवी लोक परियोजना का भूमि-पूजन किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने पहले मां बगलामुखी मंदिर पहुंचकर माता रानी के दर्शन किए, विधि-विधान से पूजा-अर्चना की तथा प्रदेशवासियों की सुख-समृद्धि की प्रार्थना की। वैदिक मंत्रोच्चार के साथ उन्होंने भव्य देवी लोक परियोजना के प्रथम चरण के कार्यों का भूमि-पूजन कर शुभारंभ किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने दीप प्रज्जवलित कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया और सिंगल क्लिक से निर्माण कार्यों का भूमि-पूजन किया। अनुसूचित जाति कल्याण मंत्री तथा आगर-मालवा जिले के प्रभारी मंत्री श्री नागर सिंह चौहान, विधायक श्री भैरव सिंह बापू एवं पूर्व विधायक श्री राणा विक्रम सिंह ने मुख्यमंत्री डॉ. यादव का मां बगलामुखी देवी की तस्वीर एवं पुष्पगुच्छ भेंट कर स्वागत किया।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि आज नलखेड़ा में 85.40 करोड़ रुपए लागत के मां बगलामुखी देवी लोक का भूमि-पूजन हुआ है। यहां की महिमा अद्भुत है। मां सभी की मनोकामनाएँ पूरी करती हैं। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के द्वारा हुए उज्जैन में श्रीमहाकाल लोक के लोकार्पण के बाद पूरा मालवांचल का वातावरण बदल गया है। अब मां बगलामुखी देवी लोक के विकास कार्यों को गति दी जा रही है। मुख्यमंत्री ने कहा कि नलखेड़ा के मार्ग में आने वाली पुलिया और सड़क को आवश्यकतानुसार चौड़ा किया जाएगा, जिससे आवागमन में कोई परेशानी न हो।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बताया कि आमला से नलखेड़ा तक 55 करोड़ रूपए से अधिक की लागत से लगभग 14 किमी लंबा एक नया बायपास भी बनाया जा रहा है। इस नए फोरलेन के भूमि-पूजन के माध्यम से नागरिकों को बड़ी सौगात मिल रही है। उन्होंने बताया कि लखुंदर नदी पर श्रद्धालुओं के सुरक्षित और सुगम आवागमन के लिए 13.77 करोड़ की लागत से एक नया और विशाल उच्च स्तरीय पुल भी बनाया जा रहा है। साथ ही इस स्थान की सड़क, रेल और हवाई कनेक्टिविटी भी मजबूत की जा रही है। मुख्यमंत्री ने कहा कि बाबा बैजनाथ का भी भव्य-दिव्य धाम बन रहा है। मां बगलामुखी का धाम भी ऐसा ही भव्य बनेगा।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि राज्य सरकार ने प्रदेश के 14 से अधिक धार्मिक स्थलों को दिव्यलोक बनाने का संकल्प लिया है। इसमें श्रीराम की नगरी ओरछा, उज्जैन में महाकाल लोक, ओंकारेश्वर में एकात्म धाम, चित्रकूट धाम भी शामिल हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बताया कि नलखेड़ा में लखुंदर नदी के तटों पर सुंदर और भव्य घाट बनाए जाएंगे। यहां पूरे परिसर और पार्किंग क्षेत्र का विस्तार होगा। साफ-सुथरे शौचालय, पक्की सड़कें और अतिथियों के लिए भवन भी बनाया जाएगा। श्रद्धालुओं के लिए धर्मशालाओं में सुविधाएं बढ़ाई जाएंगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि मां बगलामुखी के आशीर्वाद से इस वर्ष अलनीनो का प्रभाव कम रहा है और अच्छी बारिश के साथ सोयाबीन की फसल भरपूर हुई है। उन्होंने बताया कि इस साल किसानों को सोयाबीन की उपज पर लगभग 7000 रुपए प्रति क्विंटल का मूल्य मिलेगा।
राजगढ़ लोकसभा क्षेत्र के सांसद श्री रोडमल नागर ने कहा कि मां बगलामुखी ने मुख्यमंत्री डॉ. यादव को प्रदेश की जनता की सेवा करने के लिए विशेष आशीर्वाद दिया है। यहां देवी लोक के भूमि-पूजन के लिए सुसनेर विधानसभा की जनता मुख्यमंत्री की आभारी है। कार्यक्रम में विधायक श्री माधव सिंह, श्री मधु गहलोत, श्री ओम मालवीय सहित अन्य जनप्रतिनिधि, वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी एवं बड़ी संख्या में श्रद्धालुजन उपस्थित थे।
मां बगलामुखी देवी लोक के पहले चरण में होने वाले काम
विश्व प्रसिद्ध मां बगलामुखी देवी के पहले चरण में लगभग 85.40 करोड़ रुपये की लागत से भव्य निर्माण कार्य किए जाएंगे। इसमें मंदिर के मुख्य शिखर की ऊंचाई 108 फीट होगी। मुख्य मंदिर का निर्माण 2,800 वर्गमीटर क्षेत्र में किया जाएगा, जिसमें मंदिर के गर्भगृह एवं ऊपरी संरचना का निर्माण तथा पत्थर की क्लैडिंग का कार्य सम्मिलित है। धार्मिक अनुष्ठानों एवं वैदिक यज्ञों के लिए 220 यज्ञ शालाओं का विकास किया जाएगा। इसके साथ ही 625 वर्गमीटर क्षेत्र में गौशाला का निर्माण किया जाएगा। श्रद्धालुओं की सुगम आवाजाही एवं दर्शन व्यवस्था के लिये मंदिर कॉरिडोर एवं प्रांगण का विकास किया जाएगा। विशिष्ट अतिथियों के लिये आवश्यक सुविधाओं के साथ वीवीआईपी भवन का निर्माण होगा। परिसर में 4 भव्य मुख्य प्रवेश द्वारों का निर्माण तथा संपूर्ण परिसर की सुरक्षा के लिये बाउंड्री वॉल का निर्माण किया जाएगा। श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए चारपहिया वाहन पार्किंग, बस पार्किंग और शौचालय ब्लॉक का निर्माण किया जाएगा। परिसर का समग्र भूमि विकास, उद्यान एवं हरित क्षेत्रों के सौंदर्यीकरण के लिये लैंडस्केपिंग एवं साइट डेवलपमेंट का कार्य किया जाएगा। इसके अतिरिक्त आधारभूत सुविधाओं के अंतर्गत आंतरिक एवं बाहरी विद्युत व्यवस्था, फसाड लाइटिंग, बाहरी प्लंबिंग, अग्निशमन व्यवस्था एवं अन्य आवश्यक सेवाओं का विकास किया जाएगा।









