

अतीश दीपंकर, बिहार
पटना | बिहार में जन वितरण प्रणाली को अधिक पारदर्शी, जवाबदेह और प्रभावी बनाने के लिए खाद्य एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग ने कार्रवाई तेज करने की तैयारी की है। सोमवार को मुख्य सचिवालय में विभागीय मंत्री अशोक चौधरी की अध्यक्षता में आयोजित राज्य स्तरीय सतर्कता समिति की बैठक में राशन कार्ड, खाद्यान्न वितरण, स्मार्ट पीडीएस और धान अधिप्राप्ति की विस्तृत समीक्षा की गई। बैठक में शिकायतों के त्वरित निपटारे के लिए फ्लाइंग स्क्वॉड की व्यवस्था विकसित करने पर भी जोर दिया गया।
मंत्री अशोक चौधरी ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि पात्र लाभुकों तक योजनाओं का लाभ समय पर पहुंचे और जन वितरण प्रणाली की प्रक्रियाओं में पारदर्शिता सुनिश्चित की जाए। उन्होंने राशन दुकानों की लंबित अनुज्ञप्तियों का निर्धारित समय-सीमा में निष्पादन करने तथा पात्र परिवारों को राशन कार्ड उपलब्ध कराने पर विशेष जोर दिया।
8.45 करोड़ लाभुकों को मिल रहा खाद्य सुरक्षा योजनाओं का लाभ
बैठक में बताया गया कि बिहार में राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम के तहत करीब 2.09 करोड़ राशन कार्डों के माध्यम से 8.45 करोड़ लाभुक आच्छादित हैं। इनमें 6.54 करोड़ लाभुकों का ई-केवाईसी पूरा हो चुका है। वहीं, अक्टूबर 2026 में वन नेशन, वन राशन कार्ड योजना के तहत बिहार के 3.65 लाख राशन कार्डधारियों ने दूसरे राज्यों में खाद्यान्न प्राप्त किया।
शिकायत निवारण के तहत प्राप्त 4,069 शिकायतों में से 3,383 का निष्पादन किया जा चुका है। विभाग ने शेष शिकायतों के त्वरित निपटारे और खाद्यान्न वितरण की नियमित निगरानी पर जोर दिया।
राशन दुकानों की 4,910 रिक्तियों के लिए विज्ञापन
जन वितरण प्रणाली दुकानों की अनुज्ञप्ति की समीक्षा में बताया गया कि 4,910 रिक्तियों के विरुद्ध विज्ञापन जारी किया गया है। इसके लिए 50,031 आवेदन प्राप्त हुए हैं, जबकि अब तक 1,237 नई अनुज्ञप्तियां जारी की जा चुकी हैं। मंत्री ने शेष आवेदनों का समयबद्ध निष्पादन करने का निर्देश दिया।
7.40 लाख से अधिक नए राशन कार्ड जारी
राशन कार्ड निर्माण की समीक्षा में जानकारी दी गई कि नए राशन कार्ड के लिए 13,93,704 आवेदन प्राप्त हुए हैं। इनमें से 7,40,925 राशन कार्ड जारी किए जा चुके हैं। इसके अलावा राशन कार्डों में 14,61,286 नए सदस्यों को जोड़ा गया है। पात्र परिवारों तक राशन कार्ड पहुंचाने के लिए विशेष अभियान चलाया जा रहा है।
संदिग्ध राशन कार्डों की पहचान और सत्यापन भी किया जा रहा है। इसमें एक से अधिक स्थानों पर दर्ज लाभुकों, आधार विवरण, लंबे समय से खाद्यान्न नहीं उठाने वाले लाभुकों तथा निर्धारित पात्रता मानकों से जुड़े अभिलेखों की जांच शामिल है।
स्मार्ट पीडीएस से वितरण प्रणाली में होगा सुधार
बैठक में बताया गया कि बिहार में स्मार्ट पीडीएस के तहत राशन कार्ड प्रबंधन, ई-पॉस मशीन, आपूर्ति श्रृंखला प्रबंधन और जन वितरण प्रणाली दुकानों के प्रबंधन से संबंधित मॉड्यूल लागू किए गए हैं। इनके माध्यम से राशन कार्ड निर्माण, संशोधन, खाद्यान्न आवंटन, परिवहन और वितरण की प्रक्रिया संचालित की जा रही है। बायोमेट्रिक और आइरिस प्रमाणीकरण के जरिए खाद्यान्न वितरण की व्यवस्था भी की गई है।
35 लाख मीट्रिक टन धान खरीद का लक्ष्य
खरीफ विपणन मौसम 2026-27 में बिहार ने 35 लाख मीट्रिक टन धान अधिप्राप्ति का लक्ष्य निर्धारित किया है। साधारण धान का न्यूनतम समर्थन मूल्य 2,441 रुपये प्रति क्विंटल और ग्रेड-ए धान का 2,461 रुपये प्रति क्विंटल तय किया गया है।
कोसी, पूर्णिया, तिरहुत, दरभंगा और सारण प्रमंडलों में धान खरीद 1 नवंबर 2026 से शुरू होगी, जबकि राज्य के शेष जिलों में 15 नवंबर से अधिप्राप्ति की प्रक्रिया शुरू होगी। धान खरीद की अवधि 31 मार्च 2027 तक निर्धारित की गई है।
पिछले खरीफ विपणन मौसम 2025-26 में 36.85 लाख मीट्रिक टन के लक्ष्य के मुकाबले 36.79 लाख मीट्रिक टन धान की खरीद हुई थी। इससे 5,40,469 किसानों को लाभ मिला और उन्हें न्यूनतम समर्थन मूल्य के रूप में 8,807.44 करोड़ रुपये का भुगतान किया गया।
बैठक में विभिन्न विभागों के मंत्रियों, सांसदों, विधान पार्षदों, विधायकों, जन वितरण प्रणाली दुकानदार संघ के प्रतिनिधियों और संबंधित विभागों के वरिष्ठ अधिकारियों ने भाग लिया। बैठक का मुख्य उद्देश्य विभागीय योजनाओं की निगरानी मजबूत करना, शिकायतों का प्रभावी निवारण करना और खाद्य सुरक्षा योजनाओं का लाभ पात्र लोगों तक पहुंचाना रहा।







