किसने समझा है कुदरत का हिसाब-किताब भाई की बाॅडी लेने जा रहे भाई की भी मौत वरिष्ठ पत्रकार जवाहर नागदेव की खरी… खरी….
एक धार्मिक आयोजन में एक विद्वान ने एक कहानी सुनाई। एक बार एक आयोजन में विष्णु भगवान अपने वाहन गरूड़ से पहुंचे। गरूड़ बाहर रूके और भगवान के आने का…
Read moreवरिष्ठ पत्रकार चंद्रशेखर शर्मा की बात बेबाक… राज्योत्सव की बधाईयों के साथ कल की अधूरी बात
राज्योत्सव की बधाईयों के साथ कल की अधूरी बात बेबाक ” वैसे भी सत्ता के गलियारे में बस अलीबाबा ही बदलता है चोर तो वही चालीस के चालीस ही रहते…
Read moreवरिष्ठ पत्रकार चंद्रशेखर शर्मा की बात बेबाक … कोई रह गया हो इल्जाम तो वो भी लगा दो, अरे हम तो पहले भी बुरे थे थोड़ा बुरा और बना दो ।
छत्तीसगढ़ स्थापना दिवस 1 नवम्बर की मंगलकमाये…… छत्तीसगढ़ गठन के दौरान छत्तीसगढ़ के सफेद शेर के यहाँ तत्कालीन राजा की ठुकाई के बाद जोगिया रंग में रंगे छत्तीसगढ़ में भय…
Read moreआठ लोगों को कुचलने वाले बेमेतरा के सलमान खान को जेल, न कभी हुई है, न कभी होगी… वरिष्ठ पत्रकार जवाहर नागदेव की खरी…खरी
तिथियां जरूरी नहीं जानकारी जरूरी है। बरसों पहले मुम्बई के हीरो सलमान खान ने चार लोगों की ज़िंदगी का खाता बंद कर दिया था। बेचारे, बिना सहारे, सो रहे थे…
Read moreवरिष्ठ पत्रकार चंद्रशेखर शर्मा की बात बेबाक… Dj वाले बाबु मेरा गाना तो चला दे – “रसगुल्ला गाल दिखे लाल टुरा अलबेला ” “रानो मुंबई की रानो “
जैसे फूहड़ गानो व देर रात तक बजते कान फोड़ू दिल की धड़कन रोकते DJ व धुमाल को लेकर सोशल मीडिया पर शोर मचा हुआ है । सोशल मीडिया के…
Read moreपीके (प्रशान्त किशोर) साबित होंगे वीके (वोट कटवा) वरिष्ठ पत्रकार जवाहर नागदेव की खरी… खरी…
बिहार में चुनाव हैं, चुने जाने हैं नेता। हालांकि सियासी समझ वालों का कहना है कि फिर से सत्ता एनडीए के पाले में जाएगी। भाजपा और नीतिश फिर से सत्तानशीन…
Read moreरामबहादुर राय होने का अर्थ समझाती एक किताब ‘दिल्ली’ में ‘भारत’ को जीने वाला बौद्धिक योद्धा! -प्रोफेसर संजय द्विवेदी
कभी जनांदोलनों से जुड़े रहे, पदम भूषण और पद्मश्री सम्मानों से अलंकृत श्री रामबहादुर राय का समूचा जीवन रचना, सृजन और संघर्ष की यात्रा है। उनकी लंबी जीवन यात्रा में…
Read moreवरिष्ठ पत्रकार चंद्रशेखर शर्मा की बात बेबाक … देश चलता नहीं, मचलता है, मुद्दा हल नहीं होता, सिर्फ उछलता है। जंग मैदान में नहीं, सोशल मिडिया पर जारी है, आज मेरी, तो कल तेरी बारी है।
‘भूलन कांदा’ नामक उपन्यास प्रसिद्ध साहित्यकार संजीव बख्शी ने एक दशक पहले लिखा था । जिस पर छत्तीसगढ़ के नौजवान सिने निदेशक मनोज वर्मा ने छत्तीसगढ़ी भाषा में ‘भूलन द…
Read moreभाजपा बनाएगी सिंहदेव को एक दिन का सीएम, लालू फंसे, सुरक्षाकर्मी असुरक्षित, सरकारी अमानवीय, क्रूर झूठ वरिष्ठ पत्रकार जवाहर नागदेव की खरी… खरी…
मजेदार है ये जानना कि पूर्व उपमुख्यमंत्री टीएस सिंहदेव एक दिन के लिये मुख्यमंत्री बन सकते हैं। गंभीरता से न लें, राजनैतिक चकल्लस में ऐसी मजाक का माहौल बन ही…
Read moreवरिष्ठ पत्रकार चंद्रशेखर शर्मा की बात बेबाक … जिले की पंगु होती प्रशासनिक व्यवस्था सत्ता और सरकार के लिए अच्छे संकेत नही है
जिले की पंगु होती प्रशासनिक व्यवस्था सत्ता और सरकार के लिए अच्छे संकेत नही है । जिले में पंगु हो चुकी प्रशासनिक व्यवस्था का नजारा अक्सर देखने को मिल जाता…
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