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छात्रावासों में सुनिश्चित कराएं बेहतर प्रबंध : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

मुख्यमंत्री ने की अनुसूचित जाति कल्याण योजनाओं की समीक्षा
नए वित्त वर्ष के लिए योजना प्रस्तावों पर दिये समुचित निर्देश
भोपाल । मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि अनुसूचित जाति वर्ग के विद्यार्थियों को छात्रावास में किसी भी तरह की असुविधा न होने पायें। सभी छात्रावासों में बेहतर से बेहतर व्यवस्थाएं सुनिश्चित करें। बच्चों को पढ़ने के लिए सकारात्मक वातावरण तैयार किया जाये। छात्रावास में प्रवेश लेने के बाद विद्यार्थी सिर्फ़ अपनी पढ़ाई पर ही अधिकाधिक ध्यान केंद्रित करें, ऐसा समय प्रबंधन किया जाए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव गुरुवार को समत्व भवन (मुख्यमंत्री निवास) में अनुसूचित जाति कल्याण विभाग की समीक्षा बैठक को संबोधित कर रहे थे। बैठक में मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने अनुसूचित जाति कल्याण विभाग की संचालित योजनाओं की वर्तमान प्रगति और आगामी वित्तीय वर्ष के लिए तैयार योजना प्रस्तावों एवं आवंटन की स्थिति की समीक्षा की।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि अजा वर्ग के लिए सभी कल्याण योजनाओं को प्रभावी तरीके से लागू किया जाए, जिससे समाज के वंचित वर्गों को अधिकतम लाभ मिल सके।
डॉ. अम्बेडकर सामाजिक विज्ञान विश्वविद्यालय महू में विधि संकाय प्रारंभ करें
मुख्यमंत्री डॉ यादव ने कहा कि 24 जनवरी को महेश्वर में हुई कैबिनेट में महू स्थित डॉ. भीमराव अम्बेडकर सामाजिक विज्ञान विश्वविद्यालय में विधि संकाय प्रारंभ करने के लिए 25 करोड़ रुपए मंजूर किए गये हैं। विधि संकाय प्रारंभ करने के लिए सभी तैयारियां समय रहते कर ली जायें। प्रमुख सचिव ने बताया कि अनुसूचित जाति कल्याण विभाग द्वारा डॉ. अम्बेडकर सामाजिक विज्ञान विश्वविद्यालय, महू (इंदौर) को वित्तीय वर्ष 2024-25 में 6 करोड़ 40 लाख रुपए की अनुदान राशि जारी की गई है।
बैठक में अनुसूचित जाति कल्याण मंत्री श्री नागर सिंह चौहान, सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम मंत्री श्री चैतन्य कुमार कॉश्यप, मुख्य सचिव श्री अनुराग जैन, अपर मुख्य सचिव मुख्यमंत्री कार्यालय डॉ. राजेश राजौरा, प्रमुख सचिव वित्त श्री मनीष रस्तोगी, प्रमुख सचिव अनुसूचित जाति कल्याण डॉ. ई. रमेश कुमार सहित विभागीय अधिकारी उपस्थित रहे।
विद्यार्थियों के शैक्षणिक विकास पर विशेष ध्यान
प्रमुख सचिव अजा कल्याण डॉ. कुमार ने बताया कि अनुसूचित जाति वर्ग के विद्यार्थियों के शैक्षणिक उत्थान के लिए छात्रावासों का संचालन, छात्रवृत्ति योजनाओं का क्रियान्वयन, शिक्षा प्रोत्साहन योजनाएं, अनुदान कार्यक्रम और स्वरोजगार योजनाओं का संचालन किया जा रहा है। अत्याचार निवारण अधिनियम का प्रभावी क्रियान्वयन भी विभाग की विशेष प्राथमिकता में है।

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