Ro no D15139/23

सम्राट विक्रमादित्य की यशोगाथा से परिचित होगी दिल्ली : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

विक्रमादित्य की शोभा यात्रा और महानाट्य महामंचन का होगा आयोजन

प्रदर्शनी और फूड कोर्ट में दिखेगी प्रदेश की मनमोहक झलक

शुक्रवार को चांदनी चौक से निकलेगी शोभा यात्रा

भोपाल । मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा है कि मध्यप्रदेश शासन द्वारा ‘विक्रमोत्सव 2025’ के अंतर्गत देश और प्रदेश की सभी पीढ़ियों को सम्राट विक्रमादित्य के जीवन चरित्र, विशेषकर उनके पराक्रम, शौर्य, दानशीलता, न्यायप्रियता और सुशासन से अवगत कराया जा रहा है। इसी श्रृंखला में दिल्ली में 12 से 14 अप्रैल 2025 तक लाल किला मैदान के माधव दास पार्क में सम्राट विक्रमादित्य महानाट्य का भव्य मंचन किया जाएगा। इसके पहले शुक्रवार 11 अप्रैल को दिल्ली की मुख्यमंत्री श्रीमती रेखा गुप्ता के मुख्य आतिथ्य में फतेहपुरी, चांदनी चौक से लाल किला तक सम्राट विक्रमादित्य की शोभा यात्रा निकाली जाएगी।

महाराजा विक्रमादित्य शोधपीठ द्वारा आयोजित इस महानाट्य में प्रस्तुति उज्जैन की विशाला सांस्कृतिक एवं लोकहित समिति द्वारा दी जाएगी। महानाट्य का लेखन पद्मश्री डॉ. भगवतीलाल राजपुरोहित और निर्दशन श्री संजीव मालवीय का है। महानाट्य में विक्रमादित्य के जन्म से लेकर सम्राट बनने तक की गाथाएं लगभग 250 कलाकारों द्वारा प्रदर्शित की जाएंगी। महानाट्य के दृश्यों को सजीव बनाने के लिए पालकी, रथ, घोड़ों और एलईडी ग्राफिक्स के स्पेशल इफेक्ट का प्रयोग किया जाएगा।

प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी की प्रेरणा से राज्य सरकार ‘विरासत से विकास’ के ध्येय वाक्य पर काम कर रही है। इसी क्रम में अतीत के गौरवशाली नायकों के जीवन के अलग-अलग पहलुओं को जनता के सामने लाने के प्रयास किए जा रहे हैं। विक्रम संवत के प्रवर्तक सम्राट विक्रमादित्य का शासन काल भारतीय साहित्य, ज्योतिष, आयुर्वेद, गणित और चिकित्सा विज्ञान का स्वर्णिम युग भी रहा है, जिसे सम्राट विक्रमादित्य महानाट्य के माध्यम से जीवंत कर जनता के बीच प्रस्तुत किया जाएगा।

कार्यक्रम में महाराजा विक्रमादित्य शोधपीठ द्वारा ‘विक्रमादित्यकालीन मुद्रा और मुद्रांक’ की प्रदर्शनी लगाई जाएगी। भारतीय ऋषि वैज्ञानिक परंपरा पर केंद्रित ‘आर्ष भारत’ प्रदर्शनी का भी आयोजन किया जाएगा, जिसमें 100 से अधिक ऋषियों के जीवन और योगदान को प्रदर्शित किया जाएगा। जनसंपर्क विभाग द्वारा ‘मध्यप्रदेश का विकास एवं उपलब्धियां’ विषय पर और पर्यटन एवं उद्योग विभाग द्वारा भी प्रदर्शनियां लगाई जाएंगी।

मध्यप्रदेश राज्य पर्यटन विकास निगम द्वारा कार्यक्रम स्थल में फूडकोर्ट लगाया जाएगा। इसके माध्यम से दर्शक प्रदेश के पारंपरिक व्यंजनों का स्वाद ले सकेंगे। फूडकोर्ट में प्रदेश के विभिन्न अंचलों के पकवान- बघेलखंडी निमोना, मालवा की कॉर्न पेटिस और भुट्टे की कीस, इंदौरी पोहा और विंध्य की इंद्रहार-कढ़ी-भात उपलब्ध होंगे। प्रदेश के विशिष्ट पेय जैसे सन्नाटा, नींबू पुदीना, आम पना, सब्जा शिकंजी, गुलाब लस्सी, कुल्हड़ चाय, प्रसिद्ध मिष्ठान जैसे मावा बाटी, जलेबी और श्रीअन्न व्यंजन जैसे कोदो भात, कुटकी गुड खीर और सवां खीर भी मेनू में शामिल किए गए हैं।

  • Related Posts

    मध्यप्रदेश में निवेश हर दृष्टि से आपको लाभ देगा : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने आंध्र प्रदेश में की प्रमुख निवेशकों से भेंट मध्यप्रदेश में निवेश प्रोत्साहन के लिए लागू की गई नीतियों की दी जानकारी जीआईएस 2027 के लिये किया…

    Read more

    राज्यपाल पटेल माँ दुर्गा की महाआरती में हुए शामिल

    लोकभवन के कर्मचारी आवास परिसर में हुआ आयोजन   भोपाल IMNB NEWS AGENCY   राज्यपाल श्री मंगुभाई पटेल नवरात्रि के पावन अवसर पर लोकभवन स्थित कर्मचारी आवास परिसर में महाआरती…

    Read more

    NATIONAL

    भारत की इस नदी को क्यों कहा जाता है पुरुष नदी, जानिए क्या है इसकी कहानी

    भारत की इस नदी को क्यों कहा जाता है पुरुष नदी, जानिए क्या है इसकी कहानी

    ‘रिजीम चेंज’ की बहस: लोकतांत्रिक असहमति या सत्ता-विरोधी साजिश?

    ‘रिजीम चेंज’ की बहस: लोकतांत्रिक असहमति या सत्ता-विरोधी साजिश?

    रूस से तेल खरीदने पर भारत पर कोई टैरिफ नहीं, ट्रंप ने 100% टैरिफ लगाने वाले कानून पर लगाई रोक

    रूस से तेल खरीदने पर भारत पर कोई टैरिफ नहीं, ट्रंप ने 100% टैरिफ लगाने वाले कानून पर लगाई रोक

    भारत में मुख्य चुनाव आयुक्त के खिलाफ प्रदर्शन के दौरान हिरासत में लिया जाना क्या कानूनी था?

    भारत में मुख्य चुनाव आयुक्त के खिलाफ प्रदर्शन के दौरान हिरासत में लिया जाना क्या कानूनी था?

    प्रोटेस्ट के सबसे अचूक हथियार अनशन से क्यों बच रहे हैं राहुल गांधी और अभिजीत दीपके? बदलते दौर में इसका कितना रहा महत्व

    प्रोटेस्ट के सबसे अचूक हथियार अनशन से क्यों बच रहे हैं राहुल गांधी और अभिजीत दीपके? बदलते दौर में इसका कितना रहा महत्व

    अंकिता भंडारी के माता-पिता को पुलिस ने सुबह 5 बजे छोड़ा, दुष्यंत गौतम की नियुक्ति रद्द करने के लिए 24 घंटे का अल्टीमेटम

    अंकिता भंडारी के माता-पिता को पुलिस ने सुबह 5 बजे छोड़ा, दुष्यंत गौतम की नियुक्ति रद्द करने के लिए 24 घंटे का अल्टीमेटम