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छत्तीसगढ़ श्रम कल्याण मंडल के संचालक मंडल की बैठक में मजदूर हितों के अनेक फैसले

*नई योजनाओं की घोषणा*

रायपुर, 8 जुलाई 2025/छत्तीसगढ़ श्रम कल्याण मंडल के अध्यक्ष श्री योगेश दत्त मिश्रा के अध्यक्षीय कार्यकाल के संचालक मंडल की बैठक में संपन्न हुई, जिसमें मजदूर हितों के अनेक क्रांतिकारी फैसले लिए गए तथा नई योजनाओं के क्रियान्वयन की भी घोषणा की गई। मंडल की बैठक में वित्तीय वर्ष 2023-24 एवं 2024-25 में छत्तीसगढ़ श्रम कल्याण मंडल के क्रियाकलापों एवं प्रशासनिक कार्यों के संपादन पर हुए आय-व्यय का अनुमोदन लिया गया तथा वित्तीय वर्ष 2025-26 के लिए मंडल की बैठक में मजदूर हितों के लिए राज्य शासन से अनुमोदित अनुमानित आय-व्यय का अनुमोदन भी प्राप्त किया गया।
मंडल की बैठक में मंडल द्वारा संचालित श्रमिक कल्याणकारी योजनाओं के सुचारू रूप से संचालन के लिए 12 नए पदों का सृजन कर शासन से अनुमति मांगी गई। इसी प्रकार कर्मचारियों के वेतन में भी वृद्धि का निर्णय लिया गया। इसी तहर मंडल को प्राप्त होने वाली आय के अभिदाय दर में वृद्धि का भी प्रस्ताव परित किया गया। मंडल द्वारा मंडल में पंजीकृत मजदूर परिवार के बच्चों को रियायती दर पर कॉपी वितरण की नई योजना प्रारंभ करने की भी घोषणा की गई। साथ ही साथ निःशुल्क कोचिंग सहायता योजना के तहत श्रमिक के परिजनों को कोचिंग देकर उन्हें शासकीय नौकरियों के लिए प्रशिक्षित करने का भी निर्णय लिया गया। मंडल के अध्यक्ष श्री योगेश दत्त मिश्रा ने मंडल की आय बढ़ाने तथा श्रमिकों का पंजीयन बढ़ाने के लिए क्रांतिकारी फैसले की जरूरत पर बल देते हुए कहा कि जिस तरह से असंगठित क्षेत्र के बोर्ड में श्रमिकों का पंजीयन खुला हुआ है। उसी तरह से श्रम कल्याण मंडल में भी मजदूरों के पंजीयन की प्रक्रिया को ओपन किया जाए। जिस पर संचालक मंडल के सदस्यों ने अपने-अपने विचार रखे और अंततः यह निर्णय लिया गया कि अब मजदूरों को मंडल में सीधे पंजीयन देने की व्यवस्था की जाए, इस हेतु प्रस्ताव भी पारित किया गया।

मंडल के अध्यक्ष ने श्रम कल्याण मंडल द्वारा संचालित सस्ते दर पर भोजन केन्द्रों को संचालित की जा रही है। योजना को अव्यावहारिक बताते हुए कहा कि श्रम कानूनों के तहत इन भोजन केन्द्रों का संचालन नियोजकों को किया जाना है, किन्तु इसका संचालन श्रम कल्याण मंडल कर रहा है। जो व्यावहारिक नहीं, गैर कानूनी भी है। इसमें मंडल के कल्याणकारी योजनाओं का एक बड़ा हिस्सा भोजन मद में व्यय हो रहा है। जिससे कल्याणकारी योजनाओं के संचालन में रूकावटें आ रही हैं। अतः मंडल ने इस संदर्भ में प्रस्ताव पारित कर राज्य शासन से आग्रह किया है कि यह योजना असंगठित क्षेत्र में कार्यरत श्रमिकों के लिए ही उपयोगी है। श्रम कल्याण मंडल में इस योजना का संचालन करना अब संभव नहीं है। अतः इस योजना को बंद करने की अनुमति दी जाए।

बैठक में मंडल के उपाध्यक्ष श्री केशव बंटी हरमुख, अपर श्रमायुक्त सह प्रभारी श्रमायुक्त श्री एस.एल. जांगड़े, मंडल के सदस्य श्री मंगलमूर्ति अग्रवाल, श्री आलोक मिश्रा, श्री हरप्रसाद साहू, श्री मदन तालेड़ा, श्री नरेश गड़पाल, श्री कृष्णा दुबे, श्री सुरेश मसीह समेत मंडल कर्मचारी उपस्थित थे। मंडल के कल्याण आयुक्त श्री अजितेश पाण्डेय द्वारा आभार प्रदर्शन किया गया।

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