Ro no D15139/23

एडिलेड में 17 साल बाद पहली बार हारा भारत, जीत के साथ ऑस्ट्रेलिया ने सीरीज अपने नाम की

खेल डेस्क । भारतीय टीम गुरुवार को एडिलेड में दूसरे वनडे में ऑस्ट्रेलिया के हाथों 2 विकेट से हार गई. टीम इंडिया 2008 के बाद पहली बार इस मैदान पर वनडे में हारी है. मतलब 17 साल से भारत वनडे में इस मैदान पर अजेय था. इस हार के बाद नए कप्तान शुभमन गिल के नाम एक शर्मनाक रिकॉर्ड दर्ज हो गया. वह अपनी कप्तानी में अपने पहले दो वनडे हारने वाले पांच अन्य कप्तानों की सूची में शामिल हो गए. रोहित के 97 गेंदों में 73 और श्रेयस अय्यर के 77 गेंदों में 61 रनों की पारी के दम पर भारत ने 50 ओवरों में 264/9 का मजबूत स्कोर बनाया, जिससे कप्तान गिल (9) और विराट कोहली (0) के निराशाजनक प्रदर्शन कर फैंस को नाराज कर दिया.
कप्तानी डेब्यू में गिल के नाम दर्ज हुआ शर्मनाक रिकॉर्ड
रन-चेज के दौरान, मैट शॉर्ट (78 गेंदों में 74 रन, 4 चौके और 2 छक्के) और कूपर कोनोली (53 गेंदों में 61* रन, 5 चौके और एक छक्का) ने बहुमूल्य अर्धशतक बनाए जिससे स्कोरबोर्ड हमेशा चलता रहा और मिशेल ओवेन की 23 गेंदों में 36 रन की पारी ने अपनी टीम को जीत दिला दी. मेजबान ने लक्ष्य का पीछा दो विकेट और 22 गेंद शेष रहते कर लिया. गिल, केएल राहुल, मोहम्मद अजहरुद्दीन, क्रिस श्रीकांत, दिलीप वेंगसरकर और अजीत वाडेकर के साथ पहले दो वनडे हारने वाले छठे भारतीय कप्तान बन गए हैं. इससे वनडे में एडिलेड ओवल में भारत का स्वर्णिम दौर भी समाप्त हो गया.
गिल ने बताई हार की असल वजह
हार के बाद कप्तान शुभमन गिल का मानना ​​था कि ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ भारत के पास पर्याप्त रन थे, लेकिन कैच छूटने के कारण वे जीत हासिल नहीं कर सके. भारत ने तीन कैच छोड़े, जिसमें नीतीश कुमार रेड्डी ने ट्रैविस हेड का कैच छोड़ा, अक्षर पटेल और मोहम्मद सिराज ने मैथ्यू शॉर्ट को दो जीवनदान दिए. हेड का कैच छोड़ना भले ही अहम न रहा हो, लेकिन शॉर्ट को कैच छोड़ना भारत के लिए परेशानी का सबब बन गया क्योंकि इस बल्लेबाज ने 74 गेंदों पर 78 रन बनाकर टीम की जीत में अहम भूमिका निभाई. भारत ने मैच को बेहद रोमांचक बना दिया और ऑस्ट्रेलिया के 8 विकेट चटका दिए. अगर उन्होंने अपने कैच नहीं छोड़े होते, तो नतीजा कुछ और हो सकता था.
शुभमन गिल ने मैच के बाद पुरस्कार वितरण समारोह में कहा, ‘मुझे लगता है कि हमने पर्याप्त रन बनाए थे, जब आप कुछ मौके गंवा देते हैं तो यह आसान नहीं होता1 जैसे-जैसे गेंद पुरानी होती गई, विकेट बेहतर होते गए1 पहले मैच में टॉस ज्यादा अहम था, लेकिन इस बार उतना नहीं. दोनों टीमों ने लगभग 50 ओवर खेले. पहली पारी के पहले 10-15 ओवर के बाद विकेट अच्छी तरह जम गया था.’ भारत ने इस मैच के साथ ही तीन मैचों की वनडे सीरीज गंवा दी है, अब आखिरी मुकाबला औपचारिकता मात्र है.

  • Related Posts

    17 की उम्र में बनीं हीरोइन, 19 में बेटी संग छोड़ा घर, 2 शादियां टूटीं… जानें ‘उरी’ एक्ट्रेस रुखसार रहमान की कहानी

    Rukhsar Rehman Birthday Special: बॉलीवुड में कुछ कलाकार ऐसे होते हैं, जो अपनी जिंदगी में कई मुश्किल दौर देखने के बाद भी अपने सपनों का साथ नहीं छोड़ते. रुखसार रहमान की…

    Read more

    न्यायधानी नाइट्स और मैनपाट टाइटन्स के डिफेंडर्स का बेहतरीन प्रदर्शन, मैच 1-1 से ड्रॉ

    रायपुर. 28 अक्टूबर 2026. छत्तीसगढ़ हॉकी लीग के आज के कम स्कोर वाले पहले मुकाबले में न्यायधानी नाइट्स और मैनपाट टाइटन्स के बीच मैच 1-1 से ड्रॉ रहा। केतन की…

    Read more

    NATIONAL

    दुनिया के लिए खतरा बना अल नीनो-ग्लोबल वॉर्मिंग का कॉम्बिनेशन, 30 डिग्री पहुंचा महासागरों का तापमान

    दुनिया के लिए खतरा बना अल नीनो-ग्लोबल वॉर्मिंग का कॉम्बिनेशन, 30 डिग्री पहुंचा महासागरों का तापमान

    Israel Election: नेतन्याहू के पास 53 सीटें, विरोधियों के पास 67; फिर भी सरकार बनाने में फंसा पेच, क्या अरब पार्टियां बनेंगी किंगमेकर?

    Israel Election: नेतन्याहू के पास 53 सीटें, विरोधियों के पास 67; फिर भी सरकार बनाने में फंसा पेच, क्या अरब पार्टियां बनेंगी किंगमेकर?

    प्रधानमंत्री ने सभी के कल्याण और समृद्धि के लिए प्रकृति की रक्षा और पोषण पर बल देने वाले संस्कृत सुभाषितम् को साझा किया

    प्रधानमंत्री ने सभी के कल्याण और समृद्धि के लिए प्रकृति की रक्षा और पोषण पर बल देने वाले संस्कृत सुभाषितम् को साझा किया

    चोरी या गुम हुए मोबाइल लौटाने में गुजरात देश में दूसरे स्थान पर, CEIR पोर्टल से 74 हजार से ज्यादा फोन बरामद

    चोरी या गुम हुए मोबाइल लौटाने में गुजरात देश में दूसरे स्थान पर, CEIR पोर्टल से 74 हजार से ज्यादा फोन बरामद

    लैंडफॉल के बाद अर्नब का कहर, आंध्र में घरों में घुसा पानी, ओडिशा में तेज तूफान

    लैंडफॉल के बाद अर्नब का कहर, आंध्र में घरों में घुसा पानी, ओडिशा में तेज तूफान

    इजराइल चुनाव 2026: नेतन्याहू के लिए क्यों तय है सत्ता और सियासी भविष्य?

    इजराइल चुनाव 2026: नेतन्याहू के लिए क्यों तय है सत्ता और सियासी भविष्य?