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सार्वजनिक वितरण प्रणाली में सक्ती जिला बना आदर्श मॉडल

*पारदर्शी, दक्ष और जनहितैषी व्यवस्था का उत्कृष्ट उदाहरण*

*राशन कार्ड वितरण में भारी वृद्धि : 34,132 नए परिवार लाभान्वित*

रायपुर, 24 नवंबर 2025/ सक्ती जिले के गठन के बाद सार्वजनिक वितरण प्रणाली में तेजी से सुधार हुआ है। जिला बनने से पूर्व 2 लाख 8 हजार 529 राशन कार्ड प्रचलन में थे, जो वर्तमान में बढ़कर 2 लाख 42 हजार 661 हो गए हैं। इस प्रकार कुल 34 हजार 132 नए परिवारों को राशन कार्ड जारी कर पीडीएस के दायरे में शामिल किया गया है। यह वृद्धि जिले में जनकल्याण और समावेशी विकास के प्रति प्रशासन की प्रतिबद्धता को रेखांकित करती है।

*खाद्यान्न आवंटन में उल्लेखनीय बढ़ोतरी*

नवगठित सक्ती जिले में खाद्यान्न आवंटन में भी महत्वपूर्ण बढ़ोतरी दर्ज की गई है। पूर्व में 67 हजार 36 मीट्रिक टन चावल का आवंटन होता था, जो अब 76 हजार 588 मीट्रिक टन हो गया है। इसी प्रकार रिफाइंड नमक का आवंटन 1 हजार 831 मीट्रिक टन से बढ़कर 2 हजार 244 मीट्रिक टन तथा शक्कर का आवंटन 1 हजार 828 मीट्रिक टन से बढ़कर 2 हजार 241 मीट्रिक टन हो गया है। इस प्रकार चावल, नमक और शक्कर तीनों के आवंटन में 413-413 मीट्रिक टन की वृद्धि दर्ज की गई है। इसके अतिरिक्त उचित मूल्य दुकानों की संख्या भी 341 से बढ़कर 349 कर दी गई है, जिससे ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों में वितरण व्यवस्था और अधिक मजबूत हुई है।

*ई-पीओएस आधारित डिजिटल पारदर्शिता से सुदृढ़ हुई व्यवस्था*

सक्ती जिले में सार्वजनिक वितरण प्रणाली को डिजिटल माध्यमों से सशक्त किया गया है। जिले की सभी उचित मूल्य दुकानों को ई-पीओएस मशीनों से जोड़ दिया गया है, जिससे खाद्यान्न वितरण की प्रक्रिया पूर्णतः पारदर्शी, जवाबदेही और रियल-टाइम मॉनिटरिंग योग्य बन गई है। डिजिटलाइजेशन के माध्यम से हितग्राहियों को समय पर और सही मात्रा में राशन प्राप्त होने लगा है तथा शिकायतों में भी कमी आई है। इस डिजिटल सुधार ने पीडीएस प्रणाली के प्रति जनता के भरोसे को मजबूत किया है।

*निरीक्षण और निगरानी से बढ़ी दक्षता -प्रशासन की जिम्मेदार पहल*

कलेक्टर के दिशानिर्देशन में जिले की सार्वजनिक वितरण प्रणाली को अधिक प्रभावी और पारदर्शी बनाने के लिए सतत प्रयास किए जा रहे हैं। जिले के सभी उपभोक्ता भंडारों, उचित मूल्य दुकानों और गोदामों का नियमित निरीक्षण किया जा रहा है। निरीक्षण के दौरान खाद्यान्न की गुणवत्ता, भंडारण व्यवस्था, वितरण की प्रक्रिया और पारदर्शिता पर विशेष ध्यान दिया जाता है। प्रशासन की यह निरंतर निगरानी व्यवस्था को लगातार बेहतर और आमजनोन्मुख बनाती है।

सक्ती जिला बना प्रेरणादायक मॉडल-पारदर्शिता और जनसेवा का उत्कृष्ट उदाहरण

जिला गठित होने के बावजूद सक्ती जिले ने सार्वजनिक वितरण प्रणाली को सुदृढ़, पारदर्शी और तकनीक-संचालित मॉडल के रूप में विकसित किया है। जिले के उत्कृष्ट कार्य, डिजिटल सुधार और जनहित के प्रति प्रतिबद्धता ने इसे प्रदेश में एक आदर्श मॉडल के रूप में स्थापित किया है। यह उपलब्धि प्रशासनिक दक्षता, दूरदर्शी नीति और जनकल्याण की भावना का परिणाम है, जो दर्शाती है कि पारदर्शी प्रणाली से ही जनसुविधा और जनकल्याण को सशक्त किया जा सकता है।

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