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राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु के अपमान पर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने लिखा ममता बनर्जी को कड़ा पत्र

 

*संवैधानिक मर्यादाओं का सम्मान जरूरी: आदिवासी समाज और मातृशक्ति का अपमान देश कभी स्वीकार नहीं करेगा : मुख्यमंत्री*

रायपुर 11 मार्च 2026/मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय ने पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री सुश्री ममता बनर्जी को कड़ा पत्र लिखकर भारत की माननीय राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मू के साथ हाल ही में हुए व्यवहार पर गहरी आपत्ति जताई है।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा है कि जनजातीय समाज से आने वाली देश की प्रथम महिला राष्ट्रपति के साथ किया गया यह व्यवहार केवल एक व्यक्ति का नहीं बल्कि देश की सर्वोच्च संवैधानिक संस्था, आदिवासी समाज और मातृशक्ति का अपमान है।

मुख्यमंत्री श्री साय ने अपने पत्र में कहा है कि भारत की लोकतांत्रिक परंपराएं और शिष्टाचार पूरी दुनिया में सम्मानित रहे हैं। मतभेद को कभी भी मनभेद में न बदलने की हमारी संस्कृति रही है, लेकिन राष्ट्रपति जैसे सर्वोच्च संवैधानिक पद के प्रति न्यूनतम शिष्टाचार का भी पालन न किया जाना लोकतांत्रिक मूल्यों के विपरीत है।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस से ठीक पहले एक जनजातीय समाज से आने वाली महिला राष्ट्रपति के प्रवास के दौरान कार्यक्रम से जुड़ी व्यवस्थाओं में लापरवाही और उनका अपमान किया जाना अत्यंत निंदनीय और दुर्भाग्यपूर्ण है। उन्होंने कहा कि यह घटना देश के करोड़ों आदिवासियों, पिछड़ों, दलितों और मातृशक्ति की भावनाओं को गहराई से आहत करने वाली है।

मुख्यमंत्री श्री साय ने अपने पत्र में यह भी कहा कि यह पहली बार हुआ है जब किसी राज्य सरकार के व्यवहार को लेकर स्वयं राष्ट्रपति जी को अपनी पीड़ा सार्वजनिक करनी पड़ी है। उन्होंने कहा कि यह स्थिति देश के लोकतांत्रिक इतिहास में अत्यंत चिंताजनक है और इससे पश्चिम बंगाल जैसे प्रतिष्ठित राज्य की छवि को भी ठेस पहुंची है।

मुख्यमंत्री श्री साय ने अपने पत्र में संदेशखाली की घटना का भी उल्लेख करते हुए कहा कि वहां भी जनजातीय समाज की महिलाओं के साथ हुई घटनाओं ने पूरे देश को झकझोर दिया था। उन्होंने कहा कि वंचित और जनजातीय समाज के साथ इस प्रकार का व्यवहार किसी भी स्थिति में स्वीकार्य नहीं है।

मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने सुश्री ममता बनर्जी से आग्रह किया है कि वे इस विषय पर देश और समाज से क्षमा मांगते हुए अपनी भूल स्वीकार करें तथा भविष्य में लोकतांत्रिक संस्थाओं और संवैधानिक पदों के प्रति सम्मान बनाए रखने के लिए देश को आश्वस्त करें।

मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने कहा कि भारत की लोकतांत्रिक व्यवस्था में राष्ट्रपति देश की सर्वोच्च संवैधानिक संस्था का प्रतीक हैं और उनके सम्मान से ही लोकतंत्र की गरिमा जुड़ी हुई है। उन्होंने कहा कि किसी भी राजनीतिक मतभेद से ऊपर उठकर संवैधानिक पदों का सम्मान किया जाना चाहिए।

मुख्यमंत्री श्री साय ने स्पष्ट कहा कि जनजातीय समाज से आने वाली राष्ट्रपति के सम्मान से जुड़ा यह विषय पूरे देश की अस्मिता और स्वाभिमान से जुड़ा हुआ है, इसलिए देश और समाज की भावनाओं का सम्मान करते हुए इस प्रकरण में जिम्मेदारी के साथ कदम उठाए जाना आवश्यक है।

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