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सरगुजा के राजनाथ यादव बने पशुपालन में आत्मनिर्भरता की मिसाल

कृत्रिम गर्भाधान से घर में ही तैयार हुई उन्नत नस्ल की गाय
डेयरी व्यवसाय से सालाना 10 लाख रुपए से अधिक की शुद्ध बचत

अम्बिकापुर 15 अप्रैल 2026/  छत्तीसगढ़ सरकार की पशुधन विकास योजनाओं और तकनीकी मार्गदर्शन ने सरगुजा जिले के किसानों की तकदीर बदल दी है। लुण्ड्रा विकासखंड के ग्राम दोरना के निवासी राजनाथ यादव आज क्षेत्र के प्रगतिशील पशुपालकों के लिए प्रेरणा का स्रोत बन गए हैं। अपनी मेहनत और पशु चिकित्सा विभाग के तकनीकी सहयोग से राजनाथ न केवल श्वेत क्रांति को बढ़ावा दे रहे हैं, बल्कि सालाना 10 से 12 लाख रुपए का शुद्ध मुनाफा भी कमा रहे हैं।

परंपरागत खेती से आधुनिक डेयरी तक का सफर
राजनाथ बताते हैं कि गौपालन उनके परिवार का पुश्तैनी व्यवसाय रहा है, लेकिन पहले वे केवल स्थानीय (लोकल) नस्ल की गाय-भैंसों का ही पालन करते थे, जिससे सीमित आय होती थी। बदलाव की शुरुआत तब हुई जब उन्होंने एचएफ (HF) नस्ल की गायों को अपनाया।

कृत्रिम गर्भाधान से घर में ही तैयार हुई उन्नत नस्लें
पशु चिकित्सा विभाग के मार्गदर्शन में राजनाथ ने कृत्रिम गर्भाधान  (Al) की तकनीक का लाभ उठाया। अब वे बाहर से गाय खरीदने के बजाय अपने घर में ही उच्च नस्ल की बछिया तैयार कर रहे हैं। उन्होंने बताया कि पशुधन विभाग के अधिकारी समय-समय पर आकर देखरेख करते हैं और अच्छी नस्ल के बीज उपलब्ध कराते हैं। अब उन्हें बाहर से गाय खरीदने की जरूरत नहीं पड़ती। उन्होंने बताया कि वर्तमान में उनके पास लगभग 40 से 50 गायें हैं, जिनसे प्रतिदिन 300 से 350 लीटर दूध का उत्पादन हो रहा है। इस दुग्ध व्यवसाय से सभी खर्चों को निकालने के बाद उन्हें सालाना लगभग 10 से 12 लाख रुपये की शुद्ध आय प्राप्त हो रही

मुख्यमंत्री ने ’उन्नत पशुपालक’ के रूप में किया सम्मानित
राजनाथ यादव की इस उपलब्धि को देखते हुए लुण्ड्रा में आयोजित हालिया किसान सम्मेलन में माननीय मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने उन्हें ’उन्नत पशुपालक’ के सम्मान से नवाजा। राजनाथ अपनी सफलता का श्रेय मुख्यमंत्री की दूरदर्शी नीतियों और विभाग के सक्रिय सहयोग को देते हैं।

डेयरी उद्योग को मिल रहा है नया आयाम
राजनाथ का कहना है कि विष्णु देव साय सरकार के शासनकाल में डेयरी उद्योग और पशुपालकों को विशेष प्रोत्साहन मिल रहा है। सही समय पर सही दिशा-निर्देश और वेटनरी विभाग के निरंतर सहयोग ने पशुपालन को एक लाभप्रद व्यवसाय बना दिया है, जिससे ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत हो रही है।

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