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पीवीटीजी सर्वे को लेकर कोरवा समाज की शंकाओं का किया गया समाधान, प्रशासन ने बताई पूरी प्रक्रिया सहायक आयुक्त ने कहाकृ पात्र व्यक्तियों का सर्वे सुनिश्चित, छूटे मामलों का भी किया जा रहा परीक्षण

 

जशपुरनगर 18 जून 2026/ विशेष पिछड़ी जनजाति (पीवीटीजी) सर्वेक्षण के संबंध में अपनी बात रखने एवं जानकारी प्राप्त करने के लिए कोरवा समाज के प्रतिनिधि बुधवार को सहायक आयुक्त आदिम जाति कल्याण कार्यालय, जशपुर पहुंचे। इस दौरान समाज के लोगों ने सर्वेक्षण प्रक्रिया से संबंधित अपनी समस्याएं एवं शंकाएं प्रशासन के समक्ष रखीं। सहायक आयुक्त श्री संजय कुमार सिंह ने उपस्थित लोगों को पीवीटीजी सर्वे की संपूर्ण प्रक्रिया की विस्तार से जानकारी देते हुए बताया कि सर्वेक्षण का आधार वर्ष 2002 की सर्वे सूची है। उक्त सूची में शामिल सभी व्यक्तियों का सर्वे कर उनकी मूलभूत जानकारी जैसे आधार कार्ड, आयुष्मान कार्ड एवं अन्य आवश्यक विवरण ग्राम स्तरीय समिति के माध्यम से पोर्टल पर अपलोड किए गए हैं। उन्होंने बताया कि जिन व्यक्तियों का नाम मूल सर्वे सूची में नहीं है, लेकिन उनके परिवार के अन्य सदस्यों का नाम सूची में दर्ज है, ऐसे मामलों में वंशावली के आधार पर नाम जोड़े जा रहे हैं। इसके अतिरिक्त जिन व्यक्तियों के राजस्व अभिलेखों अथवा जाति प्रमाण पत्र में पहाड़ी कोरवा या बिरहोर जनजाति का उल्लेख है, उनका भी नियमानुसार सर्वे किया जा रहा है।
सहायक आयुक्त ने बताया कि जिन व्यक्तियों का नाम किसी भी सूची या अभिलेख में उपलब्ध नहीं है, उनके मामलों को परीक्षण के लिए आदिम जाति अनुसंधान एवं प्रशिक्षण संस्थान रायपुर तथा क्षेत्रीय कार्यालय अंबिकापुर को भेजा गया है। इस संबंध में संस्थान रायपुर द्वारा क्षेत्रीय कार्यालय अंबिकापुर को आवश्यक पत्राचार भी किया गया है। शीघ्र ही सर्वेक्षण दल संबंधित क्षेत्रों का दौरा कर प्राप्त आवेदनों का परीक्षण करेगा तथा पात्रता संबंधी प्रतिवेदन प्रस्तुत करेगा। प्रतिवेदन प्राप्त होने के बाद नियमानुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी। बैठक के दौरान अनुविभागीय अधिकारी श्री विश्वास राव मस्के भी उपस्थित रहे। उन्होंने भी सर्वेक्षण प्रक्रिया की पारदर्शिता एवं शासन के दिशा-निर्देशों की जानकारी देते हुए लोगों को समझाइश दी। प्रशासनिक अधिकारियों द्वारा विस्तारपूर्वक जानकारी और प्रक्रिया स्पष्ट किए जाने के बाद उपस्थित कोरवा समाज के लोगों ने प्रशासन की बात को स्वीकार किया तथा सर्वेक्षण प्रक्रिया में सहयोग करने की सहमति जताई।
जिला प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि पात्र व्यक्तियों को सर्वेक्षण एवं योजनाओं के लाभ से वंचित न रहने देने के लिए पूरी संवेदनशीलता एवं पारदर्शिता के साथ कार्य किया जा रहा है तथा प्राप्त प्रत्येक आवेदन का नियमानुसार परीक्षण सुनिश्चित किया जाएगा।

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