Ro no D15139/23

शासकीय कार्यालयों में अब ‘रीचार्ज’ से चलेगी बिजली 1 अगस्त से शुरू होगी प्री-पेड बिलिंग व्यवस्था

 
जगदलपुर, 2 जुलाई 2026/ प्रदेश के शासकीय विभागों और कार्यालयों में विद्युत खपत और बिलों के भुगतान को लेकर राज्य शासन ने एक बड़ा और युगांतरकारी निर्णय लिया है। केंद्र सरकार की आरडीएसएस योजना के दिशा-निर्देशों के तहत अब छत्तीसगढ़ के सभी शासकीय कनेक्शनों में स्मार्ट मीटर के माध्यम से प्री-पेड बिलिंग अनिवार्य रूप से लागू की जा रही है। ऊर्जा विभाग द्वारा जारी समय-सारणी के अनुसार आगामी 01 अगस्त से प्रथम चरण के तहत विकासखण्ड (ब्लॉक) एवं उच्च स्तर तक के सभी शासकीय कार्यालयों में बिजली की प्री-पेड व्यवस्था शुरू हो जाएगी। इसके बाद द्वितीय चरण में इससे निचले स्तर के कार्यालयों को जोड़ा जाएगा। महानदी भवन (मंत्रालय) से जारी मार्गदर्शिका के अनुसार इस पूरी व्यवस्था को बेहद आधुनिक, पारदर्शी और व्यावहारिक बनाया गया है, जिसके तहत 30 जून 2026 की स्थिति में विभागों के कुल लंबित बकाये को फ्रीज कर दिया जाएगा और इस राशि को आगामी 4 तिमाहियों में समान किश्तों में जमा करने की छूट दी जाएगी।

इस नई रीचार्ज प्रणाली को सुचारू रखने के लिए बिजली विभाग रीचार्ज खत्म होने के 7 दिन पहले से ही संबंधित विभाग के पंजीकृत नोडल अधिकारी के मोबाइल पर एसएमएस और व्हाट्सएप के माध्यम से अलर्ट भेजना शुरू कर देगा। इसके साथ ही विभाग अपनी दैनिक खपत, बची हुई शेष राशि (बैलेंस) और रीचार्ज खत्म होने की संभावित अवधि की जानकारी मोर बिजली ऐप और विभागीय वेबसाइट पर लाइव देख सकेंगे। व्यवस्था की एक बड़ी खूबी यह है कि पूरे विभाग या जिले के कनेक्शनों को एक समूह (ग्रुप आईडी) के रूप में ट्रीट किया जाएगा, जिससे जब तक ग्रुप का ओवरऑल बैलेंस रहेगा, किसी भी व्यक्तिगत कार्यालय की बिजली नहीं कटेगी। बैलेंस शून्य होने की स्थिति में भी तुरंत बिजली नहीं काटी जाएगी, बल्कि तिमाही समाप्त होने के 15 दिनों बाद तक रिचार्ज न होने पर ही मीटर से स्वतः कनेक्शन विच्छेदित होगा। यदि किसी अनिवार्य कारण से लाइन कट भी जाती है, तो मोर बिजली एप चैटबॉट पर केवल एक रिक्वेस्ट भेजकर आपातकालीन स्थिति में कनेक्शन को 7 दिनों के लिए दोबारा चालू कराया जा सकेगा। रिचार्ज सफल होने के अधिकतम 60 मिनट के भीतर बिजली स्वतः चालू हो जाएगी और तकनीकी समस्या होने पर हेल्पलाइन नंबर 1912 पर शिकायत के 6 घंटे के भीतर इसे चालू करने का प्रावधान है। इस पूरी व्यवस्था को जिला स्तर पर सुगम बनाने के लिए इसके अतिरिक्त राज्य स्तर पर प्रीपेड मॉनिटरिंग सेल को सिंगल टच पॉइंट बनाया गया है, जहां वरिष्ठ अधिकारी मॉनिटरिंग और सहायता के लिए तैनात रहेंगे। किसी भी प्रकार की शंका के निवारण हेतु प्रतिदिन दोपहर 12 से 1 बजे के बीच गूगल-वीडियो मीट के माध्यम से विशेष सहायता सत्र भी आयोजित किए जा रहे हैं ताकि इस बदलाव को आपसी समन्वय से सफल बनाया जा सके।

  • Related Posts

    प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना से अन्नू तिवारी को मिला मातृत्व के दौरान आर्थिक संबल

    योजना की राशि से पोषण संबंधी जरूरतें हुईं पूरी, जच्चा-बच्चा दोनों स्वस्थ अम्बिकापुर 01 सितम्बर 2026/  प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना गर्भवती एवं धात्री महिलाओं को मातृत्व के दौरान आर्थिक सहयोग…

    Read more

    कलेक्टर ने साप्ताहिक समय-सीमा बैठक में विभागीय कार्यों की समीक्षा की

      – गिरदावरी कार्य की नियमित मॉनिटरिंग एवं त्रुटिरहित कार्य पूर्ण करने के दिए निर्देश   *- बच्चों के स्वास्थ्य के लिए विशेष स्वास्थ्य शिविर होगा आयोजित*   *- कुपोषित…

    Read more

    NATIONAL

    केंद्र से 11000 करोड़ रुपये CM सम्राट ने मांगे, कोसी हाई डैम से कोसी-मेची लिंक तक कई प्रोजेक्ट्स होंगे पूरे

    केंद्र से 11000 करोड़ रुपये CM सम्राट ने मांगे, कोसी हाई डैम से कोसी-मेची लिंक तक कई प्रोजेक्ट्स होंगे पूरे

    7.8% GDP को PM मोदी ने बताया बड़ी उपलब्धि, कहा- ‘जरूरत न हो तो सोना नहीं खरीदे’

    7.8% GDP को PM मोदी ने बताया बड़ी उपलब्धि, कहा- ‘जरूरत न हो तो सोना नहीं खरीदे’

    सुरंग में जिंदगी की तलाश, 500 से ज्यादा मजदूर लापता, 275 भारतीयों का भी नहीं मिला सुराग

    सुरंग में जिंदगी की तलाश, 500 से ज्यादा मजदूर लापता, 275 भारतीयों का भी नहीं मिला सुराग

    नेपाल में दो जिलों को जोड़ने वाला पुल नदी की तेज धार में बहा, उफान पर त्रिशूली नदी

    नेपाल में दो जिलों को जोड़ने वाला पुल नदी की तेज धार में बहा, उफान पर त्रिशूली नदी

    Video news आरक्षण पर तेजसवी का एनडीए पर बड़ा हमला… गुड़ खाये, गुलगुले से परहेज! : तेजस्वी यादव, नेता प्रतिपक्ष बिहार

    Video news आरक्षण पर तेजसवी का एनडीए पर बड़ा हमला…  गुड़ खाये, गुलगुले से परहेज! : तेजस्वी यादव, नेता प्रतिपक्ष बिहार

    लद्दाख से थार तक चीन-पाक की खैर नहीं, इंडियन आर्मी को मिलने जा रहा है सटीक हथियार

    लद्दाख से थार तक चीन-पाक की खैर नहीं, इंडियन आर्मी को मिलने जा रहा है सटीक हथियार