
जशपुरनगर 23 जुलाई 2026/ प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के तहत जिले के किसानों को फसल नुकसान की भरपाई के रूप में बड़ी राहत मिली है। खरीफ वर्ष 2025 के लिए जिले के किसानों की कुल 8 करोड़ 82 लाख 24 हजार 55 रुपए की बीमा दावा राशि निर्धारित की गई है। इसमें से 7 करोड़ 90 लाख 13 हजार 272 रुपए का भुगतान डिजी क्लेम के माध्यम से सफलतापूर्वक किया जा चुका है। शेष 92 लाख 10 हजार 738 रुपए की दावा राशि के भुगतान की प्रक्रिया भी डिजी क्लेम के माध्यम से की जा रही है।
प्राकृतिक आपदाओं से फसल नुकसान पर किसानों को मिलता है आर्थिक संरक्षण –
प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना किसानों को प्राकृतिक आपदाओं एवं प्रतिकूल मौसमी परिस्थितियों से होने वाले फसल नुकसान के विरुद्ध आर्थिक सुरक्षा प्रदान करती है। योजना के तहत प्रतिकूल मौसम, बाढ़, कीट-व्याधि, ओलावृष्टि, जलभराव, बादल फटने, आकाशीय बिजली सहित अन्य प्राकृतिक आपदाओं से फसल को हुए नुकसान की स्थिति में निर्धारित प्रावधानों के अनुसार दावा भुगतान की पात्रता होती है। इसके साथ ही कम वर्षा अथवा विपरीत मौसम के कारण बुवाई विफल होने तथा फसल कटाई के बाद आगामी 14 दिनों तक खेत में सुखाने के लिए रखी गई फसल को ओलावृष्टि, चक्रवात, बेमौसम अथवा चक्रवाती वर्षा से नुकसान होने की स्थिति में भी योजना के प्रावधानों के तहत बीमा सुरक्षा प्रदान की जाती है।
धान, मक्का, कोदो-कुटकी सहित विभिन्न फसलों का कराया गया था बीमा –
खरीफ 2025 में जशपुर जिले के किसानों द्वारा सिंचित धान, असिंचित धान, मक्का, कोदो, कुटकी, रागी, मूंगफली, अरहर एवं उड़द सहित अधिसूचित फसलों का प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के तहत बीमा कराया गया था। फसल नुकसान के आकलन एवं निर्धारित प्रक्रिया के बाद पात्र किसानों के लिए कुल 8.82 करोड़ रुपए से अधिक की दावा राशि बनी है। कृषि विभाग ने बताया कि डिजी क्लेम के माध्यम से भुगतान की व्यवस्था से दावा राशि सीधे और पारदर्शी तरीके से पात्र किसानों तक पहुंचाई जा रही है। अब तक कुल दावा राशि का अधिकांश हिस्सा सफलतापूर्वक भुगतान किया जा चुका है तथा शेष राशि के भुगतान की कार्रवाई प्रचलित है।
किसानों से अधिक से अधिक फसल बीमा कराने की अपील –
उप संचालक कृषि श्री एम.आर. भगत ने जिले के किसानों से प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना का अधिक से अधिक लाभ लेने की अपील की है। उन्होंने बताया कि योजना के अंतर्गत ऋणी एवं अऋणी कृषक, भू-धारक एवं बटाईदार शामिल हो सकते हैं। अधिसूचित फसल उगाने वाले इच्छुक गैर-ऋणी किसान भी आवश्यक प्रक्रिया पूर्ण कर योजना से जुड़ सकते हैं। उन्होंने बताया कि गैर-ऋणी किसान बुआई पुष्टि प्रमाण-पत्र को क्षेत्रीय पटवारी अथवा ग्रामीण कृषि विस्तार अधिकारी से सत्यापित कराकर भूमि संबंधी एवं अन्य आवश्यक दस्तावेजों के साथ फसल बीमा करा सकते हैं। किसान अपने संबंधित सहकारी समिति, बैंक, बीमा प्रदाता कंपनी अथवा लोक सेवा केंद्र के माध्यम से फसल बीमा करा सकते हैं। श्री भगत ने किसानों से अपील की है कि खेती को प्राकृतिक एवं मौसमी जोखिमों से आर्थिक सुरक्षा प्रदान करने के लिए प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना से जुड़ें और अपनी अधिसूचित फसलों का समय पर बीमा अवश्य कराएं।







