
अम्बिकापुर 02 सितम्बर 2026/ छत्तीसगढ़ शासन द्वारा बेटियों के सुरक्षित भविष्य और उनकी शिक्षा को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से संचालित नोनी सुरक्षा योजना जरूरतमंद परिवारों के लिए महत्वपूर्ण सहारा बन रही है। योजना के माध्यम से बेटियों के भविष्य के लिए आर्थिक सुरक्षा सुनिश्चित की जा रही है। अम्बिकापुर विकासखंड के ग्राम पंचायत मेंड्राकला की रहने वाली श्रीमती कौशिल्या रजवाड़े भी इस योजना से लाभान्वित होकर अपनी बेटी के भविष्य को लेकर आश्वस्त हैं।
श्रीमती कौशिल्या रजवाड़े ने बताया कि उनके पति राजेश कुमार रजवाड़े कृषि कार्य करते हैं। उनके तीन बच्चे हैं। उनकी पहली बेटी के भविष्य को सुरक्षित करने के उद्देश्य से उन्होंने नोनी सुरक्षा योजना के तहत आवेदन किया। आंगनबाड़ी कार्यकर्ता द्वारा योजना की जानकारी देने के बाद उन्होंने आवश्यक दस्तावेज उपलब्ध कराए। इसके पश्चात कार्यकर्ता के माध्यम से आवेदन प्रक्रिया पूरी की गई और उनका आवेदन ऑनलाइन पंजीकृत किया गया।
आवेदन प्रक्रिया पूर्ण होने के बाद उनकी बड़ी बेटी का नोनी सुरक्षा योजना में पंजीयन हुआ। योजना के अंतर्गत उन्हें एक लाख रुपये का बॉन्ड प्राप्त हुआ। कौशिल्या ने बताया कि यह बॉन्ड एलआईसी बीमा के माध्यम से प्रदान किया गया है। योजना में निर्धारित शर्तों के अनुसार बालिका के 18 वर्ष की आयु पूर्ण करने और 12वीं कक्षा उत्तीर्ण करने के बाद निर्धारित राशि प्राप्त होगी।
बेटी की शिक्षा और भविष्य की चिंता हुई कम
कौशिल्या रजवाड़े के लिए यह योजना केवल आर्थिक सहायता का माध्यम नहीं, बल्कि उनकी बेटी के सुरक्षित भविष्य का भरोसा भी है। उन्होंने बताया कि परिवार में कृषि कार्य से होने वाली आय के बीच बच्चों की शिक्षा और भविष्य की जरूरतों को पूरा करना चुनौतीपूर्ण होता है। ऐसे में बेटी के नाम पर मिलने वाली आर्थिक सुरक्षा उन्हें भविष्य के लिए तैयार रहने का भरोसा देती है।
उन्होंने कहा कि योजना से मिलने वाली सहायता का उपयोग बालिका की शिक्षा-दीक्षा और भविष्य की आवश्यकताओं के लिए किया जा सकेगा। 18 वर्ष की आयु पूर्ण करने और 12वीं कक्षा उत्तीर्ण करने के बाद मिलने वाली राशि बेटी के आगे की पढ़ाई तथा भविष्य से जुड़े महत्वपूर्ण कार्यों में उपयोगी होगी। इससे परिवार पर आर्थिक दबाव कम करने में भी सहायता मिलेगी।
बेटियों के भविष्य को लेकर परिवारों में बढ़ रहा भरोसा
नोनी सुरक्षा योजना के माध्यम से बेटियों के भविष्य के लिए आर्थिक सुरक्षा की व्यवस्था होने से परिवारों में बेटियों की शिक्षा को लेकर सकारात्मक सोच को बढ़ावा मिल रहा है। योजना का उद्देश्य बालिकाओं के बेहतर भविष्य के लिए परिवारों को आर्थिक रूप से तैयार करना है, ताकि बेटियों की शिक्षा और उनके भविष्य से जुड़े महत्वपूर्ण निर्णयों में आर्थिक कठिनाइयां बाधा न बनें।
कौशिल्या ने बताया कि योजना में पंजीयन की प्रक्रिया आंगनबाड़ी कार्यकर्ता के माध्यम से पूरी होने से उन्हें आवश्यक दस्तावेज तैयार करने और आवेदन ऑनलाइन कराने में सुविधा मिली। इससे उन्हें योजना का लाभ प्राप्त करने की प्रक्रिया को समझने में भी मदद मिली।
“अब बेटी के भविष्य की चिंता नहीं”
कौशिल्या रजवाड़े ने योजना के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि नोनी सुरक्षा योजना से उन्हें अपनी बेटी के भविष्य को लेकर भरोसा मिला है। उनके अनुसार, परिवार की आर्थिक स्थिति चाहे जैसी हो, लेकिन बेटी के भविष्य के लिए पहले से आर्थिक सुरक्षा उपलब्ध होना बड़ी राहत है।
उन्होंने कहा कि इस योजना से हम जैसी महिलाओं को अपनी बच्चियों के भविष्य की चिंता कम हुई है। बेटियों की पढ़ाई और आगे के जीवन के लिए शासन द्वारा आर्थिक सुरक्षा उपलब्ध कराना परिवारों के लिए उपयोगी पहल है।
कौशिल्या रजवाड़े ने छत्तीसगढ़ शासन, महिला एवं बाल विकास विभाग तथा मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के प्रति आभार व्यक्त करते हुए नोनी सुरक्षा योजना के संचालन के लिए धन्यवाद दिया। उन्होंने कहा कि बेटियों के भविष्य को सुरक्षित और परिवारों को सशक्त बनाने के लिए ऐसी योजनाएं महत्वपूर्ण हैं।
उन्होंने कहा कि नोनी सुरक्षा योजना से उनकी बेटी के भविष्य के लिए एक मजबूत आर्थिक आधार तैयार हुआ है। योजना से मिले इस भरोसे ने उन्हें अपनी बेटी को बेहतर शिक्षा दिलाने और उसके उज्ज्वल भविष्य की दिशा में आगे बढ़ने का संबल दिया है।









