Ro no D15139/23

​बहता पानी लाया खुशहाली: कुकरेल में 200 से अधिक फार्म पॉन्ड बने जल संरक्षण और आजीविका का सशक्त मॉडल

 

​धमतरी के आदिवासी अंचल में वीबी-जी रामजी योजना से बदला परिदृश्य

​डबरियों में आईएमसी और झींगा मछली पालन से ग्रामीण परिवारों को मिल रही अतिरिक्त आय

​ABIS CSR के सहयोग से तकनीकी प्रशिक्षण और सब्सिडी पर आहार की मिल रही सुविधा

रायपुर,08 सितंबर 2026/

जहां कभी बह जाता था बारिश का पानी, अब वहीं लिखी जा रही समृद्धि की कहानी। धमतरी जिले के वनांचल विकासखंड नगरी के कुकरेल क्षेत्र में यह उक्ति आज शत-प्रतिशत सटीक साबित हो रही है। जिस क्षेत्र में कभी वर्षा जल बिना किसी उपयोग के बह जाता था और किसानों को सिंचाई के लिए संघर्ष करना पड़ता था, आज वही जल संरचनाएं ग्रामीण अर्थव्यवस्था को नई गति दे रही हैं। वीबी-जी रामजी योजना के अंतर्गत निर्मित फार्म पॉन्ड (डबरियों) ने जल संरक्षण को सीधे आजीविका से जोड़कर वनांचल में समृद्धि के नए द्वार खोले हैं।

​200 से अधिक फार्म पॉन्ड से मिला जल सुरक्षा का आधार

​कुकरेल क्लस्टर में योजनाबद्ध तरीके से 200 से अधिक फार्म पॉन्ड तैयार किए गए हैं। प्रत्येक डबरी का मानक आकार 20 मीटर × 20 मीटर × 3 मीटर रखा गया है। इन वृहद जल संरचनाओं के बनने से न केवल वर्षा जल का संचयन हुआ है, बल्कि किसानों को सिंचाई के लिए एक विश्वसनीय अतिरिक्त स्रोत भी मिला है।

​कृषि के साथ मत्स्य पालन और झींगा पालन से बढ़ी आय

​ जल की उपलब्धता के साथ ही हितग्राहियों को आजीविका के नए साधनों से जोड़ा गया है। प्रत्येक डबरी में औसतन 320 आईएमसी (Indian Major Carp) तथा 1600 झींगा मछली के बीज डाले गए हैं। बेहतर प्रबंधन और देखरेख के चलते आईएमसी मछलियां 400 से 500 ग्राम तक विकसित हो चुकी हैं, जो बाजार में बिक्री के लिए तैयार हो रही हैं।

ABIS CSR का तकनीकी सहयोग और निरंतर मॉनिटरिंग

​इस पहल की सबसे बड़ी विशेषता इसका बहुआयामी प्रबंधन है। लगभग 2.30 लाख रुपये की स्वीकृति से तैयार इन संरचनाओं को अधिक लाभकारी बनाने के लिए ABIS CSR का महत्वपूर्ण सहयोग लिया जा रहा है।​ग्रामीणों को वैज्ञानिक मत्स्य पालन का तकनीकी प्रशिक्षण दिया जा रहा है। ​रियायती दरों पर गुणवत्तापूर्ण मत्स्य आहार उपलब्ध कराया जा रहा है।
​विशेषज्ञों द्वारा निरंतर मॉनिटरिंग कर उत्पादन क्षमता में सुधार सुनिश्चित किया जा रहा है।

​आत्मनिर्भरता और ग्रामीण विकास का अनुकरणीय मॉडल

​आदिवासी बहुल कुकरेल का यह एकीकृत मॉडल प्रमाणित करता है कि जब पारंपरिक जल संरक्षण को आधुनिक तकनीक, संस्थागत सहयोग और आजीविका के अवसरों से जोड़ा जाता है, तो दूरस्थ ग्रामीण क्षेत्रों में भी टिकाऊ स्वरोजगार का निर्माण संभव है। कुकरेल की ये डबरियां अब केवल जल संचयन का जरिया नहीं, बल्कि मेहनतकश आदिवासियों के लिए आत्मनिर्भरता, रोजगार और खुशहाली का नया प्रतीक बन चुकी हैं।

  • Related Posts

    सोशल मीडिया की ताकत से दुनिया तक पहुंचेगी धमतरी की खूबसूरती

      डैम, पहाड़, मंदिर, आदिवासी संस्कृति और स्थानीय खानपान बनेंगे डिजिटल कंटेंट का हिस्सा पर्यटन विकास के साथ युवाओं के लिए रोजगार और उद्यमिता के नए अवसर तलाशेगा जिला प्रशासन…

    Read more

    धर्मांतरण के नाम पर विदेशी शक्तियों ने समाज को तोड़ा, वनवासी संस्कृति की रक्षा हमारा सामूहिक दायित्व: डॉ. पूर्णेन्दु सक्सेना

      * *वनवासी विकास समिति द्वारा रायपुर में भव्य ‘रक्षाबंधन उत्सव’ का आयोजन* * *शबरी कन्या आश्रम की छात्राओं की सुमधुर सांस्कृतिक प्रस्तुतियों ने मोहा मन* * *पूर्वोत्तर (North-East) की…

    Read more

    NATIONAL

    डॉ. सत्यवान सौरभ पत्रकारिता, साहित्य और सामाजिक चिंतन का सशक्त स्वर

    डॉ. सत्यवान सौरभ  पत्रकारिता, साहित्य और सामाजिक चिंतन का सशक्त स्वर

    आसनसोल में बढ़े साइबर ठगी के मामले, पहले महीने में 8 केस दर्ज होते थे, 5 दिन में हुई 10 FIR

    आसनसोल में बढ़े साइबर ठगी के मामले, पहले महीने में 8 केस दर्ज होते थे, 5 दिन में हुई 10 FIR

    9/11 के संदिग्ध के अल-कायदा कनेक्शन के नए सबूत: FBI क्यों रही खामोश, सामने आए चौंकाने वाले वीडियो

    9/11 के संदिग्ध के अल-कायदा कनेक्शन के नए सबूत: FBI क्यों रही खामोश, सामने आए चौंकाने वाले वीडियो

    नेटिजन बनने से पहले सिटिजन बनें युवा : प्रो. संजय द्विवेदी

    नेटिजन बनने से पहले सिटिजन बनें युवा : प्रो. संजय द्विवेदी

    समग्र यूरोप को मिला अनूठा आध्यात्मिक उपहार ● फ्रांस में हुआ देश के पहले पारंपरिक हिंदू मंदिर का भव्य प्रतिष्ठा महोत्सव संपन्न

    समग्र यूरोप को मिला अनूठा आध्यात्मिक उपहार ● फ्रांस में हुआ देश के पहले पारंपरिक हिंदू मंदिर का भव्य प्रतिष्ठा महोत्सव संपन्न

    बिहार और केन्द्र सरकार ने बिहार के हितों की बलि चढ़़ा दी : जदयु

    बिहार और केन्द्र सरकार ने बिहार के हितों की बलि चढ़़ा दी : जदयु