Ro no D15139/23

’ऑयल पाम की खेती से किसानों की चमकेगी किस्मत,

43 हेक्टेयर में रोपण के साथ मिलेगा फेंसिंग, ड्रिप और 4 साल तक रखरखाव अन्तवर्तीय खेती पर अनुदान’

जशपुरनगर 10 सितम्बर 2026/ देश को खाद्य तेलों के मामले में आत्मनिर्भर बनाने और किसानों की आय में बढ़ोतरी के उद्देश्य से संचालित ‘नेशनल मिशन ऑन एडिबल ऑयल – ऑयल पाम’ योजना जशपुर जिले में तेजी से आगे बढ़ रही है। इस योजना के तहत जिले को 100 हेक्टेयर का भौतिक लक्ष्य प्राप्त हुआ है, जिसके विरुद्ध अब तक 43 हेक्टेयर भूमि पर ऑयल पाम का सफल रोपण किया जा चुका है।
योजना अंतर्गत जशपुर जिले के घोलेंग वि. खंड-जशपुर, भुरसा कोना, वि. खण्ड-बगीचा एवं टिकलीपारा, वि. खण्ड-फरसाबहार में जनप्रतिनिधियों की उपस्थिति में मेगा प्लांटेशन रखा गया था जिसमें अधिक से अधिक किसानों की भागीदारी सुनिश्चित की गई थी।
इस कार्यक्रम में सहायक संचालक उद्यान एवं विकास खण्ड के अधि./कर्मचारी उपस्थित रहे।
किसानों को मिल रही विशेष सुविधाएं और अनुदान
’ रोपण सामग्री :- ऑयल पाम के उच्च गुणवत्ता युक्त रोपण के लिये पौध के व्यय की प्रतिपूर्ति हेतु 9×9  मी. की दूरी पर 143 पौधे प्रति हेक्टेयर रोपण एवं इम्पोर्टेड पौध सामग्री हेतु राशि रू. 29000/- प्रति हे. अनुदान दिये जाने का प्रावधान है।
आधुनिक सिंचाई और सुरक्षा- योजना के तहत ऑयल पाम रोपण करने वाले कृषकों को फसल की सुरक्षा के लिए फेंसिंग- 54485/- प्रति हे.
प्रति सफल बोर पर – 50000/- तथा बेहतर जल प्रबंधन हेतु ड्रिप सिंचाई की सुविधा पर 14130/- प्रति हे. अनुदान दिये जाने का प्रावधान है।
’ डीजल  इलेक्ट्रिक पम्प- 02 हे. अथवा उससे अधिक रोपित करने वाले ST/SC/Small/Marginal/Women  हितग्राहियों को 10000/- प्रति पम्प एवं अन्य हितग्राहियों को 8000/- प्रति पम्प अनुदान दिये जाने का प्रावधान है।
रखरखाव- पौधों के शुरुआती विकास और किसानों को आर्थिक संबल देने के लिए ऑयल पॉम के रखरखाव हेतु प्रति हे. प्रथम वर्ष 5250/- इसी प्रकार क्रमशः द्वितीय वर्ष, तृतीय वर्ष एवं चतुर्थ वर्ष में 5250/- अनुदान खाद, दवा एवं उर्वरक गेप फिलिंग, सिंचाई कार्यों हेतु दिये जाने का प्रावधान है।
अंतर्वर्ती (इंटरक्रॉपिंग)ः- रोपित किये गये ऑयल पाम के बाग के बीच में अंतवर्तीय फसल लगाये जाने हेतु प्रति हे. प्रथम वर्ष 5250/- इसी प्रकार क्रमशः द्वितीय वर्ष, तृतीय वर्ष एवं चतुर्थ वर्ष में 5250/-
अनुदान दिये जाने का प्रावधान है। जिससे किसान एक ही खेत से दोहरा लाभ कमा सकते हैं।
उद्यानिकी विभाग द्वारा जिले के अधिक से अधिक किसानों को इस लाभकारी खेती से जोड़ा जा रहा है। जिले को प्राप्त भौतिक लक्ष्यों में से शेष लक्ष्य को जल्द पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है, ताकि अधिक से अधिक किसान इस महत्वाकांक्षी योजना का पूरा लाभ उठा सकें।

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