
11 साल बाद अमेरिका पहुंचे शी जिनपिंग का स्वागत इस बार बेहद खास अंदाज में हुआ. भारतीय समय के मुताबिक 23-24 सितंबर की रात 2:30 बजे वॉशिंगटन डीसी के ज्वाइंट बेस एंड्रयूज पर उनका विमान उतरा. मिलिट्री बैंड की धुन, भव्य सैन्य सलामी और आसमान में बी-1 बॉम्बर के फ्लाईओवर के बीच हुए इस स्वागत समारोह का एक वीडियो सोशल मीडिया पर चर्चा में है.
वायरल वीडियो में क्या है
- मैरीलैंड के ज्वाइंट बेस एंड्रयूज पर शी जिनपिंग के स्वागत समारोह के दौरान अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और चीनी राष्ट्रपति जिनपिंग साथ खड़े थे, उसी दौरान अमेरिकी वायुसेना के दो बी-1 बॉम्बर विमानों ने उनके ऊपर से फ्लाईओवर किया. उस वक्त समारोह में अमेरिकी राष्ट्रगान बज रहा था.
- विमानों की तेज आवाज के बीच कैमरे में जिनपिंग कुछ पल के लिए ऊपर की ओर देखते और आंखें सिकोड़ते नजर आए. इसके उलट ट्रंप चेहरे पर मुस्कान के साथ खड़े दिखाई दिए.
- वीडियो सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर इसकी खूब चर्चा हो रही है. दिलचस्प बात यह है कि ऐसा दृश्य ट्रंप और रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन की मुलाकात के दौरान भी देखने को मिला था।
जिनपिंग को लेने प्रोटोकॉल तोड़ एयरपोर्ट पहुंचे ट्रंप
- शी जिनपिंग 11 साल बाद तीन दिन की अमेरिका यात्रा पर पहुंचे हैं. उनके विमान के ज्वाइंट बेस एंड्रयूज पर उतरने के बाद डोनाल्ड ट्रंप और उनकी पत्नी मेलानिया ट्रंप ने खुद उनका और उनकी पत्नी पेंग लियुआन का स्वागत किया.
- स्वागत समारोह को खास बनाने के लिए करीब 100 फीट लंबा लाल कालीन बिछाया गया था. 21 सदस्यीय ऑनर कॉर्डन मौजूद था और अमेरिकी वायुसेना का बैंड दोनों देशों के राष्ट्रगान बजा रहा था.
- समारोह के दौरान तोपों की सलामी भी दी गई. इस दौरान दो बी-1 बॉम्बर विमानों ने एयरबेस के ऊपर से फ्लाईओवर किया. अमेरिकी राष्ट्रपति का किसी विदेशी नेता का एयरपोर्ट पर खुद स्वागत करना भी इस समारोह की खास बात रही.
जिनपिंग-ट्रंप बातचीत में किन मुद्दों पर होगी चर्चा?
- जिनपिंग और ट्रंप की बातचीत ऐसे समय हो रही है जब अमेरिका और चीन के बीच व्यापार, तकनीक और रणनीतिक मुद्दों पर तनाव बना हुआ है.
- रिपोर्ट के मुताबिक बातचीत में व्यापार संबंध, दुर्लभ खनिज, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और तकनीकी पाबंदियों जैसे मुद्दे अहम रह सकते हैं. दोनों देशों के रिश्तों में आर्थिक और तकनीकी प्रतिस्पर्धा लंबे समय से बड़ा मुद्दा रही है.
- ताइवान और दूसरे सुरक्षा मुद्दे भी बातचीत के व्यापक एजेंडे का हिस्सा हो सकते हैं, हालांकि, किसी मुद्दे पर अंतिम सहमति क्या बनेगी, यह बातचीत के बाद ही स्पष्ट होगा.
पुतिन के स्वागत में भी हुआ था ऐसा फ्लाईओवर
- डोनाल्ड ट्रंप के कार्यकाल में ऐसा सैन्य फ्लाईओवर पहले भी सुर्खियां बटोर चुका है. 15 अगस्त 2025 को अलास्का के ज्वाइंट बेस एल्मेंडॉर्फ-रिचर्डसन में ट्रंप ने रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन का स्वागत किया था.
- उस दौरान एक बी-2 स्टेल्थ बॉम्बर के साथ चार एफ-35 लड़ाकू विमान आसमान से गुजरे थे. एयरबेस पर एफ-22 विमान भी तैनात थे. अमेरिकी अधिकारियों ने उस फ्लाईओवर की पुष्टि की थी.
- पुतिन के उस स्वागत समारोह में भी आसमान से गुजरते विमानों ने लोगों का ध्यान खींचा था. हालांकि, उस फ्लाईओवर के पीछे ट्रंप का व्यक्तिगत आदेश था या यह समारोह की सैन्य योजना का हिस्सा था.






