
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए ‘सेवा यात्रा’ के प्रतिभागियों से बात करते हुए कहा कि सेवा का भाव हमारे संस्कारों की बुनियाद में है. जब यही सेवा भाव शासन की प्राथमिक शक्ति बनता है, तो ‘नागरिक देवो भव’ (नागरिक ही ईश्वर है) का संकल्प हर सरकारी नीति का केंद्र बन जाता है.
गुजरात के अनुभवों का किया जिक्र
गुजरात के अनुभवों का जिक्र करते हुए पीएम मोदी ने कहा कि राज्य की जनता ने इस सेवा भाव को जमीन पर उतरते देखा है. जब दिल में जनता की सेवा का जज्बा होता है, तभी ‘ज्योतिग्राम’ जैसी योजना घर-घर रोशनी पहुंचाती है और ‘सुजलाम सुफलाम’ जैसी पहलों से जलक्रांति संभव हो पाती है. उन्होंने जोर देकर कहा कि सेवा के प्रति अटूट समर्पण का ही नतीजा है कि जंगलों में रहकर हमारी प्राचीन संस्कृति को संजोने वाले आदिवासी भाई-बहनों के उत्थान के लिए ‘वन बंधु कल्याण योजना’ जैसी योजनाएं आकार ले सकीं.
सेवा सबसे बड़ी ड्राइविंग फोर्स
इसी सेवा के भाव के जरिए बेटियों, नवजात शिशुओं के लिए योजनाएं जन्म लेती हैं. इसी सेवा भाव के कारण देश प्रगति की ऊंचाइयों को छूता है. सेवा ही देश के आगे बढ़ने के लिए सबसे बड़ी ड्राइविंग फोर्स का काम करती है.
जनसेवा के 25 वर्ष: वडनगर से वाराणसी तक 35,500 किमी का सफर
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सार्वजनिक जीवन में जनसेवा के 25 वर्ष पूरे होने के उपलक्ष्य में भारतीय जनता पार्टी (BJP) और भारतीय जनता युवा मोर्चा (BJYM) ने राष्ट्रव्यापी ‘सेवा संकल्प यात्रा’ की शुरुआत की है. यह अभियान 17 सितंबर 2026 को पीएम मोदी के 76वें जन्मदिन पर शुरू हुआ, जो 7 अक्टूबर तक चलेगा. ‘वडनगर से वाराणसी: सेवा की एक यात्रा’ थीम पर आधारित यह राष्ट्रव्यापी बाइक रैली पीएम के जन्मस्थान वडनगर से उनके संसदीय क्षेत्र वाराणसी तक निकाली जा रही है. इसके तहत 1,500 युवा कार्यकर्ताओं की 20 अलग-अलग टीमें उत्तर प्रदेश, गुजरात, मध्य प्रदेश और राजस्थान जैसे राज्यों से गुजरते हुए कुल 35,500 किलोमीटर की दूरी तय कर रही हैं.
गांव-गांव तक सुशासन और सामाजिक सरोकार का संदेश
इस महाअभियान का मुख्य उद्देश्य देश के सुदूर गांवों, कस्बों और शहरों तक सेवा, सुशासन और जनसंवाद की भावना को पहुंचाना है. बाइक रैली के माध्यम से युवा मोर्चा के कार्यकर्ता सीधे जनता से जुड़ रहे हैं और केंद्र सरकार की कल्याणकारी योजनाओं व सामाजिक भागीदारी का संदेश जन-जन तक ले जा रहे हैं. यात्रा के जरिए जमीनी स्तर पर सेवा कार्यों, संवाद और सामाजिक अभियानों को गति दी जा रही है, ताकि आम नागरिक भी राष्ट्र निर्माण और सुशासन के इस संकल्प में अपनी सक्रिय भागीदारी निभा सकें.






