जशपुरनगर 05 अक्टूबर 2026/ कलेक्टर श्री रोहित व्यास ने आज कलेक्टरेट सभाकक्ष में महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा जिले में संचालित विभिन्न योजनाओं एवं कार्यों की समीक्षा की। उन्होंने विभागीय योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन के साथ ही निर्माण कार्यों को निर्धारित समय-सीमा में पूरा करने के निर्देश दिए। कलेक्टर ने कहा कि आंगनबाड़ी केंद्र बच्चों, गर्भवती एवं धात्री महिलाओं के लिए महत्वपूर्ण सेवा केंद्र हैं, इसलिए यहां आवश्यक मूलभूत सुविधाओं की उपलब्धता सुनिश्चित करना प्राथमिकता होनी चाहिए।
कलेक्टर श्री व्यास ने जिले में निर्माणाधीन आंगनबाड़ी भवनों की प्रगति की समीक्षा करते हुए सभी भवनों का निर्माण गुणवत्तापूर्ण एवं समयबद्ध तरीके से पूर्ण करने के निर्देश दिए। उन्होंने विशेष पिछड़ी जनजाति क्षेत्रों में निर्माणाधीन एवं अपूर्ण आंगनबाड़ी भवनों को प्राथमिकता के साथ शीघ्र पूर्ण कराने को कहा। उन्होंने सभी आंगनबाड़ी भवनों में पेयजल की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित करने के साथ ही स्वच्छ भारत कोष के अंतर्गत शौचालय निर्माण के कार्यों को भी प्राथमिकता से पूरा करने के निर्देश दिए। आंगनबाड़ी कार्यकर्ता एवं सहायिका के रिक्त पदों पर भर्ती की समीक्षा करते हुए कलेक्टर ने भर्ती प्रक्रिया को निर्धारित समय-सीमा में पूर्ण करने के निर्देश दिए।
कलेक्टर श्री व्यास ने प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना की प्रगति की भी समीक्षा की। उन्होंने आंगनबाड़ी केंद्रों में आने वाले बच्चों तथा गर्भवती एवं धात्री महिलाओं को डिजिटल हेल्थ इकोसिस्टम से जोड़ने के लिए आभा रिपोर्ट के प्रभावी क्रियान्वयन के निर्देश दिए। उन्होंने आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं के आधार एवं फेस ऑथेंटिकेशन को प्रभावी तरीके से लागू करने के साथ ही आंगनबाड़ी केंद्रों में 03 से 06 वर्ष के बच्चों की उपस्थिति दर्ज करने के लिए आधार फेस मैचिंग व्यवस्था की समीक्षा की। कलेक्टर ने बच्चों की अपार आईडी बनाने की प्रगति की भी जानकारी ली और शेष कार्यों को शीघ्र पूरा करने के निर्देश दिए। बैठक में जिला कार्यक्रम अधिकारी श्री अनुकूल पांडेय, महिला एवं बाल विकास अधिकारी श्री विवेक कुमार सहित विभाग के अन्य अधिकारी उपस्थित थे।
जशपुरनगर 05 अक्टूबर 2026/ मत्स्य पालन विभाग द्वारा जिले के समस्त विकासखंडों से चयनित समूह एवं समितियों से जुड़े 300 मत्स्य किसानों को मछली पालन की आधुनिक एवं वैज्ञानिक तकनीकों से अवगत कराने के उद्देश्य से तीन दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया। प्रशिक्षण के दौरान किसानों को नवीन तकनीकों की जानकारी देने के साथ ही सफलतापूर्वक मछली पालन कर रहे क्षेत्रों का भ्रमण कराया गया। प्रशिक्षण के तहत मत्स्य किसानों को जशपुर जिले में पौंड लाइनर तकनीक के माध्यम से नवीन एवं आधुनिक पद्धति से किए जा रहे मछली पालन का प्रत्यक्ष अवलोकन कराया गया। किसानों ने पौंड लाइनर आधारित मत्स्य पालन की तकनीक, तालाब प्रबंधन एवं उत्पादन बढ़ाने के तरीकों की जानकारी प्राप्त की। इसके साथ ही किसानों को सरगुजा जिले के रजपुरी जलाशय का भ्रमण कराया गया, जहां केज कल्चर तकनीक के माध्यम से मछली पालन किया जा रहा है। इस दौरान किसानों को जलाशय आधारित केज कल्चर की कार्यप्रणाली एवं इसकी संभावनाओं से अवगत कराया गया।
प्रशिक्षण के दौरान ब्लॉक स्तर के अधिकारियों एवं मत्स्य विभाग के विशेषज्ञों द्वारा किसानों को नवीन पद्धति से मत्स्य बीज उत्पादन, तालाब प्रबंधन, मछलियों के लिए संतुलित आहार प्रबंधन तथा मछलियों में होने वाली विभिन्न बीमारियों की पहचान और उनकी रोकथाम के संबंध में विस्तृत जानकारी दी गई। प्रशिक्षण एवं भ्रमण के माध्यम से किसानों को व्यावहारिक जानकारी मिलने से वे अपने तालाबों में बेहतर प्रबंधन, गुणवत्तापूर्ण मत्स्य बीज, उचित आहार व्यवस्था तथा बीमारी की समय पर रोकथाम जैसे उपाय अपना सकेंगे। इससे मछली उत्पादन में वृद्धि होने के साथ ही मत्स्य पालन से जुड़े हितग्राहियों की आय में भी बढ़ोतरी की संभावना है। प्रशिक्षण एवं भ्रमण कार्यक्रम सहायक संचालक मत्स्य पालन श्री जितेंद्र कुमार पैकरा के मार्गदर्शन में संपन्न हुआ।









