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1,600 घुसपैठियों के लिए 1.56 करोड़ भारतीय वोटर लिस्ट से बाहर, SIR पर शाह के दावों की क्या है हकीकत?

SIR को लेकर देश में सियासी घमासान मचा हुआ है. 24 जून 2025 को चुनाव आयोग ने बिहार में SIR की घोषणा करते हुए कहा था कि इससे वोटर लिस्ट में शामिल विदेशी नागरिकों के नाम हटाए जाएंगे. हालांकि, चुनाव आयोग के दावों पर राहुल गांधी के नेतृत्व में विपक्ष इस पूरी प्रक्रिया पर सरकार को घेर रहा है, तो दूसरी तरफ अमित शाह का कहना है कि कांग्रेस कितना भी विरोध कर ले, एक-एक घुसपैठिए को वोटर लिस्ट और देश से बाहर निकाला जाएगा.

इन आरोप-प्रत्यारोपों से अलग सवाल यह है कि SIR के जरिए अब तक वास्तव में कितने विदेशी नागरिकों की पहचान हुई है? क्या चुनाव आयोग अपने इस मकसद में सफल हुआ है? और कितने लोगों के नाम वोटर लिस्ट से हटाए गए हैं?

SIR से मतदाताओं की संख्या में कितना आया अंतर

चुनाव आयोग ने 24 जून 2025 को बिहार में स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन की घोषणा की थी. आयोग ने SIR की जरूरत के पीछे पांच प्रमुख कारण भी बताए थे. इनमें तेजी से बढ़ता शहरीकरण, लोगों का लगातार पलायन, नए युवा मतदाता, मौत के बाद भी मतदाता सूची में नाम बने रहना और विदेशी अवैध अप्रवासियों के नाम शामिल होना शामिल था.

देश में मतदाता सूची को दुरुस्त करने के लिए चुनाव आयोग ने अब तक तीन चरणों में SIR यानी विशेष गहन पुनरीक्षण की प्रक्रिया शुरू की है. इसकी शुरुआत बिहार से हुई थी. इसके बाद दूसरे चरण में 9 राज्यों और 3 केंद्रशासित प्रदेशों को शामिल किया गया, जबकि तीसरे चरण में 16 राज्यों और 3 केंद्रशासित प्रदेशों में यह प्रक्रिया शुरू की गई.

  • नीचे टेबल में पहले दो चरणों के 13 राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों के आंकड़े हैं. ये 20 जुलाई 2026 तक प्रकाशित राज्यवार आंकड़ों पर आधारित हैं. जानकारी के लिए बता दें कि यह पूरी SIR लिस्ट नहीं है. तीसरे चरण के राज्यों के आंकड़े इसमें शामिल नहीं हैं. और वोटरों की संख्या में कमी का मतलब विदेशी घुसपैठियों की पहचान नहीं है. इसमें मृत, दूसरी जगह चले गए, दो जगह नाम वाले और अन्य अपात्र मतदाता भी शामिल हैं.
राज्य/केंद्रशासित प्रदेशSIR से पहले वोटरSIR के बाद वोटर
बिहार7.89 करोड़7.42 करोड़
उत्तर प्रदेश15.44 करोड़13.39 करोड़
पश्चिम बंगाल7.66 करोड़6.77 करोड़
छत्तीसगढ़2.12 करोड़1.87 करोड़
राजस्थान5.46 करोड़5.15 करोड़
तमिलनाडु6.41 करोड़5.67 करोड़
केरल2.78 करोड़2.69 करोड़
गुजरात5.08 करोड़4.40 करोड़
मध्य प्रदेश5.74 करोड़5.39 करोड़
गोवा11,85,03410,57,566
पुडुचेरी10,21,5789,44,211
अंडमान-निकोबार3,10,4042,58,040
लक्षद्वीप57,81357,607

जहां अलग से संख्या नहीं दी गई है वहां आंकड़े करोड़ में हैं. आंकड़े निर्वाचन आयोग (ECI) एवं संबंधित राज्यों के CEO की आधिकारिक मतदाता सूचियां, प्रेस विज्ञप्तियां और मीडिया रिपोर्ट के आधार पर है और वोटरों की संख्या में कमी का मतलब केवल विदेशी घुसपैठियों का होना नहीं है. इसमें मृत, दूसरी जगह चले गए, दो जगह नाम वाले और अन्य अपात्र मतदाता भी शामिल हैं.

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