
Rama Ekadashi Vrat Pooja Rule: रमा एकादशी पर तुलसी के पास जलाएं घी का दीपक
रमा एकादशी की शाम तुलसी के पौधे के पास देसी घी का दीपक जलाएं. इस दौरान मां तुलसी और भगवान विष्णु का स्मरण करें. धार्मिक मान्यता है कि ऐसा करने से घर में सुख-शांति और सकारात्मकता बनी रहती है.
Rama Ekadashi Vrat According to Health: सेहत के अनुसार रखें व्रत
रमा एकादशी पर कुछ लोग निर्जला व्रत रखते हैं, तो कुछ फलाहार करते हैं. व्रत हमेशा अपनी सेहत और क्षमता के अनुसार रखना चाहिए. बच्चों, बीमार लोगों और कमजोरी महसूस करने वालों को कठिन व्रत रखने से बचना चाहिए.
Rama Ekadashi Vrat Pooja Rule: रमा एकादशी पर पूजा के नियम
रमा एकादशी के दिन सुबह जल्दी उठकर स्नान करें और साफ कपड़े पहनें. इसके बाद भगवान विष्णु की पूजा करें और प्रसाद मे उन्हे फल, फूल और तुलसी दल चढ़ाएं. इस दिन किसी को कुछ भी गलत न बोले और जरूरतमंद लोगों की मदद करें.
Rama Ekadashi Vrat Food avoid to Eat: रमा एकादशी पर क्या नहीं खाना चाहिए
एकादशी के दिन चावल, गेहूं, जौ, मक्का और दाल नहीं खाना चाहिए. इसके अलावा प्याज, लहसुन, मांसाहारी भोजन और नशीली चीजों से भी दूर रहना चाहिए. इस दिन सात्विक भोजन करना चाहिए.
Rama Ekadashi Vrat Food Rule: रमा एकादशी व्रत में क्या खाना चाहिए
रमा एकादशी का व्रत रखने वाले लोग अपने घर की परंपरा के अनुसार फलाहार कर सकते हैं. इस दिन मौसमी फल, दूध, दही, सूखे मेवे, साबूदाना, आलू और शकरकंद खा सकते हैं. व्रत के खाने में सेंधा नमक का इस्तेमाल किया जाता है.
Ekadashi Rice Rule, Rituals: एकादशी के दिन चावल क्यों नहीं खाए जाते
पौराणिक मान्यताओं के अनुसार, एकादशी के दिन चावल खाना वर्जित है. इसके पीछे महर्षि मेधा से जुड़ी एक कथा का उल्लेख शास्त्रों में मिलता है.
प्रचलित कथा के मुताबिक एक बार महर्षि मेधा ने माता शक्ति के क्रोध से बचने के लिए अपना शरीर त्याग दिया था. उनके शरीर का अंश धरती में समा गया और बाद में उसी स्थान पर चावल और जौ के पौधे उग आए.
मान्यता है कि जिस दिन महर्षि मेधा का अंश धरती में समाया था, वह एकादशी तिथि थी. इस वजह से चावल में महर्षि मेधा का अंश माना जाता है और एकादशी के दिन इसे खाना वर्जित बताया गया है.
Rama Ekadashi Tulsi Pujan Deepdaan Mahatva: रमा एकादशी पर तुलसी पूजन और दीपदान का महत्व
तुलसी पूजन का महत्व
रमा एकादशी के दिन तुलसी पूजा करना शुभ है. पौराणिक धार्मिक मान्यता के अनुसार तुलसी भगवान विष्णु को बहुत प्रिय हैं. इसलिए एकादशी पर उनकी पूजा करने से घर में सुख-शांति और खुशहाली आती है.
दीपदान का महत्व
एकादशी की शाम तुलसी के पास, मंदिर में, देव स्थान पर और घर के पूजा स्थान पर दीपक जलाने की परंपरा है. रमा एकादशी पर दीपदान करने से पाप कर्मों से मुक्ति मिलती है. साथ मां लक्ष्मी और भगवान विष्णु के लिए दीपक जलाने से उनकी विशेष कृपा प्राप्त होगी, जिससे घर-परिवार सुखी, समृद्ध और खुशहाल रहता है.
दीपक जलाने का मंत्र- “दीपज्योतिः परब्रह्म दीपज्योतिर्जनार्दनः, दीपो हरतु मे पापं दीपज्योति: नमोस्तुते”
Rama Ekadashi Puja Vidhi: भगवान विष्णु और मां लक्ष्मी की पूजा कैसे करें
- नहाकर और साफ कपड़े पहनें. भगवान विष्णु का ध्यान करके व्रत का संकल्प लें.
- घर के मंदिर में भगवान विष्णु और माता लक्ष्मी की तस्वीर या प्रतिमा स्थापित करें.
- भगवान के सामने घी का दीपक जलाएं और धूप-अगरबत्ती दिखाएं.
- भगवान विष्णु को पीले चंदन का तिलक लगाएं और पीले फूल अर्पित करें. साथ ही माता लक्ष्मी को भी फूल चढ़ाएं.
- भगवान विष्णु को तुलसी के पत्ते चढ़ाएं.
- भगवान विष्णु और माता लक्ष्मी को फल, मिठाई और पंचामृत का भोग लगाएं.
- भगवान विष्णु के मंत्रों का जाप करें और रमा एकादशी की व्रत कथा पढ़ें या सुनें.
- पूजन के अंत में भगवान विष्णु और माता लक्ष्मी की आरती करें और परिवार के सदस्यों में प्रसाद बांटें.
रमा एकादशी का नाम ‘रमा’ क्यों, मां लक्ष्मी से क्या है संबंध
रमा एकादशी का नाम माता लक्ष्मी के एक नाम ‘रमा’ पर पड़ा है. पुराणों के अनुसार, आश्विन पूर्णिमा से दिवाली तक धन के देवी लक्ष्मी पृथ्वी लोक (धरती) पर भ्रमण करती हैं. इसलिए कार्तिक कृष्ण एकादशी का नाम रमा (लक्ष्मी जी का एक नाम) पड़ा.
रमा एकादशी का व्रत मुख्य रूप से भगवान विष्णु को समर्पित है. इस दिन भगवान विष्णु के साथ माता लक्ष्मी की पूजा करने की भी परंपरा है. मान्यता है कि इससे घर में सुख-समृद्धि और खुशहाली आती है.
Rama Ekadashi Aarti: रमा एकादशी की आरती
ॐ जय जगदीश हरे, स्वामी जय जगदीश हरे
भक्त जनों के संकट, क्षण में दूर करे
जो ध्यावे फल पावे, दुख बिनसे मन का सुख संपत्ति घर आवे, कष्ट मिटे तन का
मात-पिता तुम मेरे, शरण गहूं मैं किसकी तुम बिन और न दूजा, आस करूं मैं जिसकी
तुम पूर्ण परमात्मा, तुम अंतर्यामी पारब्रह्म परमेश्वर, तुम सबके स्वामी
तुम करुणा के सागर, तुम पालनकर्ता मैं मूरख खल कामी, कृपा करो भर्ता
तुम हो एक अगोचर, सबके प्राणपति किस विधि मिलूं दयामय, तुमको मैं कुमति
दीनबंधु दुखहर्ता, तुम रक्षक मेरे अपने हाथ उठाओ, द्वार पड़ा तेरे
विषय विकार मिटाओ, पाप हरो देवा श्रद्धा भक्ति बढ़ाओ, संतन की सेवा
ॐ जय जगदीश हरे, स्वामी जय जगदीश हरे
Rama Ekadashi 2026 Puja Vidhi: रमा एकादशी इस आसान विधि से करें पूजा
- एकादशी के दिन सुबह जल्दी उठकर स्नान करें और साफ कपड़े पहनें. इसके बाद भगवान विष्णु का ध्यान करके व्रत का संकल्प लें.
- घर के मंदिर में भगवान विष्णु और माता लक्ष्मी की प्रतिमा या तस्वीर स्थापित करें. पूजा स्थान को साफ करके दीपक जलाएं.
- भगवान विष्णु को चंदन और हल्दी का तिलक लगाएं. उन्हें पीले फूल और फूलों की माला अर्पित करें.
- भगवान विष्णु को तुलसी दल अर्पित करें. एकादशी पूजा में तुलसी का विशेष महत्व माना जाता है.
- भगवान विष्णु को फल, मिठाई, पंचामृत और अन्य सात्विक चीजों का भोग लगाएं.
- भगवान विष्णु के मंत्रों का जाप करें. इसके बाद रमा एकादशी व्रत कथा पढ़ें या सुनें.
- अंत में भगवान विष्णु और माता लक्ष्मी की आरती करें. परिवार के सदस्यों में प्रसाद बांटें.
- अगले दिन द्वादशी तिथि में शुभ समय पर व्रत का पारण करें. पारण से पहले जरूरतमंदों को दान देना शुभ माना जाता है.
रमा एकादशी पूजा के लिए सामग्री
- भगवान विष्णु और माता लक्ष्मी की तस्वीर
- पीले फूल और माला
- तुलसी के पत्ते
- चंदन और हल्दी
- धूप और दीपक
- अक्षत, फल और मिठाई
- पंचामृत, पान और सुपारी
- पूजा की थाली
Rama Ekadashi Falahar List: रमा एकादशी व्रत में क्या खाएं? फलाहार की पूरी लिस्ट
फल
- सेब
- केला
- अनार
- पपीता
- अमरूद
- संतरा
- अंगूर
- नारियल
- मौसमी
सूखे मेवे
- बादाम
- काजू
- किशमिश
- अखरोट
- मखाना
- खजूर
- छुहारा
- पिस्ता
फलाहार के लिए अनाज
- साबूदाना
- कुट्टू का आटा
- सिंघाड़े का आटा
- मखाने की खीर
- साबूदाने की खीर
अन्य फलाहारी चीजें
- नारियल पानी
- मूंगफली
- सेंधा नमक
- मिश्री
- शहद
- घी
Rama Ekadashi Mantra: आज रमा एकादशी पर करें इन मंत्रों का जाप
रमा एकादशी के दिन भगवान विष्णु की विधि-विधान से पूजा करने के साथ उनके मंत्रों का जाप करना शुभ माना जाता है. मान्यता है कि इस दिन श्रद्धा और भक्ति के साथ विष्णु मंत्रों का जाप करने से मन को शांति मिलती है और जीवन में सुख-समृद्धि की कामना पूरी होती है. यहां पढ़ें रमा एकादशी के खास मंत्र, जिनका जाप पूजा के दौरान किया जा सकता है. रमा एकादशी पर करें भगवान विष्णु के इन मंत्रों का जाप
- भगवान विष्णु का मूल मंत्र
- ॐ नमो भगवते वासुदेवाय नमः.
- श्रीकृष्ण और भगवान विष्णु का मंत्र
- कृष्णाय वासुदेवाय हरये परमात्मने प्रणत क्लेश नाशाय गोविन्दाय नमो नमः॥
- भगवान विष्णु का गायत्री मंत्र
- नारायणाय विद्महे वासुदेवाय धीमहि तन्नो विष्णुः प्रचोदयात्॥









