Ro no D15139/23

श्रीलंका के सिविल सेवकों के लिए 9वां क्षमता निर्माण कार्यक्रम राष्ट्रीय सुशासन केंद्र (एनसीजीजी) मसूरी में शुरू हुआ

यह कार्यक्रम श्रीलंका के सिविल सेवकों के लिए डिजिटल गवर्नेंस पर दूसरी क्षमता निर्माण पहल है

श्रीलंका के प्रमुख मंत्रालयों का प्रतिनिधित्व करने वाले 40 मध्य-स्तरीय लोक सेवक इस कार्यक्रम में भाग ले रहे हैं

नई दिल्ली । राष्ट्रीय सुशासन केंद्र (एनसीजीजी) ने श्रीलंका के मध्य-स्तरीय सिविल सेवकों के लिए 9वें क्षमता निर्माण कार्यक्रम की शुरुआत की है। 26 मई से 6 जून 2025 तक आयोजित, दो सप्ताह के इस कार्यक्रम में लोक प्रशासन, रक्षा, स्वास्थ्य और मास मीडिया और शिक्षा सहित मंत्रालयों के वरिष्ठ सहायकों, विभागीय सचिवों और उप निदेशकों जैसे प्रमुख पदों पर कार्यरत 40 अधिकारी भाग ले रहे हैं। यह कार्यक्रम डिजिटल शासन पर बल देता है, इसे प्रभावी, पारदर्शी और नागरिक-केंद्रित प्रशासन के लिए राष्ट्रीय प्राथमिकता के रूप में मान्यता देता है। केंद्रित सत्रों के माध्यम से, इस पहल का उद्देश्य सार्वजनिक सेवा वितरण में डिजिटल उपकरणों और ई-गवर्नेंस रणनीतियों की प्रतिभागियों की समझ और कार्यान्वयन को मजबूत करना है।

राष्ट्रीय सुशासन केंद्र (एनसीजीजी) के महानिदेशक आईएएस डॉ. सुरेन्द्र कुमार बागड़े ने सत्र का उद्घाटन किया। उन्होंने सभी प्रतिभागियों का गर्मजोशी से स्वागत किया और उनके विविधतापूर्ण और संतुलित प्रतिनिधित्व की सराहना की। उन्होंने इस बात पर बल दिया कि यह कार्यक्रम डिजिटल शासन और प्रशासन की व्यापक समझ प्रदान करने के लिए तैयार किया गया है, जिसमें विभिन्न क्षेत्रों में भारत की सर्वोत्तम नियमों को साझा करने पर ध्यान केंद्रित किया गया है। उन्होंने इस बात पर प्रकाश डाला कि यहां आयोजित होने वाले सत्र शासन को बदलने में प्रौद्योगिकी की भूमिका पर ध्यान केंद्रित करेंगे।

अपने समापन भाषण में डॉ. बागड़े ने अधिकारियों को कार्यक्रम के दौरान, विशेषकर मार्गदर्शकों के साथ बातचीत के दौरान, सक्रिय रूप से भाग लेने के लिए प्रोत्साहित किया।

कार्यक्रम के दौरान एसोसिएट प्रोफेसर और राष्ट्रीय सुशासन केंद्र के कोर्स कोऑर्डिनेटर डॉ. एपी सिंह ने कार्यक्रम का अवलोकन किया। दो सप्ताह के इस कार्यक्रम में शासन के बदलते प्रतिमान, डिजिटल पब्लिक गवर्नेंस, आधार, भारत में डिजिटल भुगतान, जीईएम, भारत में सार्वजनिक वित्त प्रबंधन प्रणाली, साइबर धोखाधड़ी, डीआईएलआरएमपी जैसे विषयों को शामिल करते हुए कई तरह के सत्र शामिल हैं। प्रतिभागी, एलबीएसएनएए, कम्प्यूटरीकृत भूमि रिकॉर्ड केंद्र, उत्तराखंड, एमडीडीए, यमुना नगर के डिजिटल गवर्नेंस जिले का दौरा करने का साथ ही, पीएम गति शक्ति अनुभूति केंद्र, चुनाव आयोग, राष्ट्रीय ई-गवर्नेंस डिवीजन और ताजमहल भी जाएंगे।

  • Related Posts

    युवाओं के लिए CM योगी की नसीहत, ड्रग्स और स्मार्टफोन के नशे से रहें दूर

    UP News : उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने युवाओं को ड्रग्स और स्मार्टफोन के बढ़ते इस्तेमाल को लेकर आगाह किया है. गोरखपुर में प्रदेश स्तरीय सीनियर प्राइजमनी पुरुष कुश्ती…

    Read more

    UP Election 2027: हैट्रिक के मिशन पर CM योगी का मास्टर प्लान तैयार, एक फैसले से बढ़ सकती है विपक्ष की मुश्किल

    UP Politics: उत्तर प्रदेश में 2027 के विधानसभा चुनाव की तैयारियां धीरे-धीरे तेज होती जा रही हैं. चुनाव में अभी समय है, लेकिन सत्तारूढ़ बीजेपी और विपक्षी दलों के बीच राजनीतिक…

    Read more

    NATIONAL

    युवाओं के लिए CM योगी की नसीहत, ड्रग्स और स्मार्टफोन के नशे से रहें दूर

    युवाओं के लिए CM योगी की नसीहत, ड्रग्स और स्मार्टफोन के नशे से रहें दूर

    UP Election 2027: हैट्रिक के मिशन पर CM योगी का मास्टर प्लान तैयार, एक फैसले से बढ़ सकती है विपक्ष की मुश्किल

    UP Election 2027: हैट्रिक के मिशन पर CM योगी का मास्टर प्लान तैयार, एक फैसले से बढ़ सकती है विपक्ष की मुश्किल

    डोनाल्ड ट्रंप को पसंद आया भारत का वोटर आईडी सिस्टम, ज्ञानेश कुमार का नाम लेकर की तारीफ

    डोनाल्ड ट्रंप को पसंद आया भारत का वोटर आईडी सिस्टम, ज्ञानेश कुमार का नाम लेकर की तारीफ

    रांची के पहाड़ी मंदिर समेत शिवालयों में उमड़ेगी भीड़, जानें सावन सोमवार और नाग पंचमी पूजा का विशेष महत्व

    रांची के पहाड़ी मंदिर समेत शिवालयों में उमड़ेगी भीड़, जानें सावन सोमवार और नाग पंचमी पूजा का विशेष महत्व

    15 अगस्त पर Instagram Post को बनाएं यादगार, तिरंगे वाली फोटो के लिए देखें 25+ कैप्शन

    15 अगस्त पर Instagram Post को बनाएं यादगार, तिरंगे वाली फोटो के लिए देखें 25+ कैप्शन

    पाकिस्तान में कैसे ‘जिहाद’ बना State Policy? General Zia ने 1979 में बदली रणनीति, तैयार हुआ ‘Proxy War’ का मॉडल

    पाकिस्तान में कैसे ‘जिहाद’ बना State Policy? General Zia ने 1979 में बदली रणनीति, तैयार हुआ ‘Proxy War’ का मॉडल