Ro no D15139/23

मलाइका से काजल राघवानी तक तेजू भैया के फैन, परिवार-पार्टी से हुए बाहर, अब सहवाग के शो में छाए… रियलिटी शो से कैसे बने ‘कमबैक किंग’?

टूटी शादी से सोशल मीडिया तक, अपनी पार्टी बनाने से लेकर अध्यात्म की राह तक… तेज प्रताप यादव ने हर बड़े झटके के बाद खुद को नए अंदाज में पेश किया, अब रियलिटी शो में उसी ‘तेजू भईया’ अंदाज का जलवा देखने को मिल रहा है.

‘राइज ऐंड फॉल 2’ OTT पर आते ही चर्चा में है. सोशल मीडिया पर शो की क्लिप्स, मीम्स और कंटेस्टेंट्स की केमिस्ट्री खूब वायरल हो रही है. लेकिन इन सबके बीच तेज प्रताप यादव का अंदाज सबसे ज्यादा ध्यान खींच रहा है. कभी हंसी-मजाक, कभी बेबाक बातें, कभी अचानक पंचलाइन और कभी बेहद शांत रहकर पूरा माहौल पढ़ना—तेज प्रताप धीरे-धीरे शो के उन चेहरों में शामिल होते दिख रहे हैं, जिन पर कैमरे की नजर बार-बार जाती है.

मनीष कश्यप के साथ उनकी जुगलबंदी हो, शहजाद पूनावाला के साथ राजनीतिक बातचीत या काजल राघवानी और इरीना के साथ उनकी फ्लर्टिंग—तेज प्रताप इस बार सिर्फ राजनीति से आए कंटेस्टेंट नहीं लग रहे, बल्कि एक एंटरटेनर के तौर पर भी अपनी जगह बनाते दिख रहे हैं.

लेकिन तेज प्रताप का यह ‘तेजू भईया’ वाला अंदाज अचानक नहीं आया है. उनकी जिंदगी को थोड़ा पीछे जाकर देखें तो पिछले कुछ सालों में उन्होंने कई बड़े झटके देखे हैं. और दिलचस्प बात यह है कि हर बार झटका लगने के बाद उन्होंने खुद को किसी नए रूप में पेश किया.

पहला झटका: निजी जिंदगी में उथल-पुथल और फिर सोशल मीडिया का रास्ता

तेज प्रताप की शादी और निजी जिंदगी लंबे समय तक सुर्खियों में रही. शादीशुदा जिंदगी में विवाद और तलाक की खबरों ने उन्हें लगातार खबरों में बनाए रखा. इस पूरे दौर में सोशल मीडिया उनके लिए एक नया मंच बनकर सामने आया.

वह कभी छत पर रील बनाते दिखे, कभी गाना गाते और कभी अपने बिल्कुल अलग अंदाज में वीडियो शेयर करते. शुरुआत में खूब ट्रोलिंग हुई, memes बने और उनका मजाक भी उड़ाया गया. लेकिन तेज प्रताप ने इसी चीज को धीरे-धीरे अपनी ताकत में बदल लिया.

लोग उनकी निजी जिंदगी की चर्चा करने के बजाय उनकी रील्स और वीडियो की बात करने लगे. यहीं से एक नेता के साथ-साथ ‘सोशल मीडिया वाले तेजू भईया’ की पहचान भी बनने लगी.

फिर आया दूसरा मोड़: राजनीतिक झटका और अपनी राह

सोशल मीडिया पर अपनी अलग पहचान बनाने के बाद तेज प्रताप की जिंदगी में एक और बड़ा मोड़ आया. 2025 में RJD से निष्कासन के बाद उनके सामने राजनीतिक भविष्य को लेकर बड़ा सवाल खड़ा हुआ. लेकिन यहां भी तेज प्रताप ने पीछे हटने के बजाय अपनी अलग राह चुनी.

उन्होंने अपनी राजनीतिक पार्टी जन शक्ति जनता दल बनाई और अपने दम पर राजनीतिक जमीन तैयार करने की कोशिश की. चुनावी नतीजे उनके पक्ष में नहीं रहे, लेकिन इस पूरे घटनाक्रम ने एक बात जरूर दिखा दी—जिस मंच से उन्हें अलग किया गया, उसी के बाहर उन्होंने अपना नया मंच खड़ा करने की कोशिश की.

तीसरा मोड़: राजनीति से ज्यादा भारी पड़ा परिवार

लेकिन राजनीतिक लड़ाई के बीच एक और मोर्चा था, जो शायद ज्यादा निजी था—परिवार.

RJD से निष्कासन के साथ लालू प्रसाद यादव की ओर से तेज प्रताप से पारिवारिक संबंध खत्म करने की बात भी सामने आई. इसके बाद तेजस्वी यादव के साथ उनके रिश्ते भी चर्चा में रहे. दोनों भाइयों से जुड़े कई वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुए और लोगों ने उनके बीच की दूरी और भावनाओं को अपने-अपने तरीके से देखा.

हालांकि राजनीतिक मतभेद अपनी जगह रहे, लेकिन कई मौकों पर तेज प्रताप पारिवारिक रिश्तों और जिम्मेदारियों से जुड़े नजर आए. यही वह phase था, जहां सियासत और परिवार की लड़ाई अलग-अलग नहीं रही—दोनों एक-दूसरे में घुलती चली गईं.

और चौथा मोड़: जब जवाब देने के बजाय अध्यात्म चुना

निजी रिश्तों और वैवाहिक विवादों से जुड़े आरोपों ने भी तेज प्रताप को लंबे समय तक घेरा. उनके खिलाफ कई तरह के आरोप लगाए गए, लेकिन उन्होंने हर आरोप का जवाब सार्वजनिक बहस में देने के बजाय खुद को धीरे-धीरे पीछे खींच लिया.

इसके बाद उनका झुकाव अध्यात्म की तरफ बढ़ा. वृंदावन जाना, धार्मिक गतिविधियों से जुड़ना और आध्यात्मिक जीवन की तरफ बढ़ना उनके public persona का नया हिस्सा बन गया.

यानी एक दौर में जब हर तरफ उनके बारे में बातें हो रही थीं, तेज प्रताप ने इस बार शोर का जवाब शोर से नहीं दिया. उन्होंने रास्ता ही बदल लिया.

और अब पांचवां पड़ाव—Rising & Fall का कैमरा

यही वजह है कि आज ‘राइज ऐंड फॉल 2’ में तेज प्रताप को देखना सिर्फ एक रियलिटी शो देखने जैसा नहीं है. यह उस शख्स का एक और नया version है, जिसने जिंदगी में हर बड़े मोड़ के बाद खुद को नए मंच पर खड़ा किया.

निजी जिंदगी में मुश्किल आई तो सोशल मीडिया का सहारा लिया. राजनीतिक झटका लगा तो अपनी पार्टी बना ली. परिवार से दूरी हुई तो भी अपने तरीके से रिश्तों को संभालते दिखे. आरोपों और विवादों के बीच अध्यात्म की तरफ चले गए.

और अब जब सामने रियलिटी शो का मंच आया है, तो यहां भी तेज प्रताप ने वही अपना अंदाज पकड़ लिया है—थोड़ा शांत, थोड़ा मजेदार और जरूरत पड़ने पर एकदम punchy.

शायद यही वजह है कि फैंस उन्हें ‘तेजू पगलू’ कहकर बुला रहे हैं. काजल राघवानी और इरीना के साथ उनकी chemistry हो या मनीष कश्यप के साथ दोस्ताना अंदाज, तेज प्रताप ने शो में अपने लिए एक अलग space बना लिया है.

अब देखना दिलचस्प होगा कि जिंदगी के इन चार बड़े पड़ावों के बाद ‘तेजू भईया’ का यह पांचवां chapter उन्हें कहां ले जाता है.

क्योंकि तेज प्रताप की कहानी में एक चीज बार-बार दोहराती है—झटका आया, मंच बदला और तेज प्रताप फिर एक नए अंदाज में सामने आ गए.

  • Related Posts

    गीता प्रेस की पत्रिका ‘कल्याण’ के शताब्दी समारोह में शामिल होंगे मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ , प्रो. राकेश सिन्हा, प्रो. संजय द्विवेदी सहित अनेक विद्वान करेंगे संबोधित

        गोरखपुर। भारतीय संस्कृति, सनातन धर्म और नैतिक मूल्यों के प्रचार-प्रसार के लिए समर्पित गीता प्रेस की प्रतिष्ठित पत्रिका ‘कल्याण’ के शताब्दी समारोह का आयोजन 7 अक्टूबर को गोरखपुर…

    Read more

    दिल्ली पुलिस ने मीडिया गाइडलाइन जारी की, बोले अभिजीत दीपके- ‘पहले अपना नेम टैग लगाओ’

    ‘पहले अपना नेम टैग लगाओ’, अभिजीत दीपके ने दिल्ली पुलिस के पोस्ट को शेयर करते हुए यह बात एक्स पर लिखी. अब बात करते हैं कि आखिर दिल्ली पुलिस ने…

    Read more

    NATIONAL

    गीता प्रेस की पत्रिका ‘कल्याण’ के शताब्दी समारोह में शामिल होंगे मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ , प्रो. राकेश सिन्हा, प्रो. संजय द्विवेदी सहित अनेक विद्वान करेंगे संबोधित

    गीता प्रेस की पत्रिका ‘कल्याण’ के शताब्दी समारोह में शामिल होंगे मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ , प्रो. राकेश सिन्हा, प्रो. संजय द्विवेदी सहित अनेक विद्वान करेंगे संबोधित

    दिल्ली पुलिस ने मीडिया गाइडलाइन जारी की, बोले अभिजीत दीपके- ‘पहले अपना नेम टैग लगाओ’

    दिल्ली पुलिस ने मीडिया गाइडलाइन जारी की, बोले अभिजीत दीपके- ‘पहले अपना नेम टैग लगाओ’

    मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने आज लखनऊ के बक्शी का तालाब ग्राम हरदा में बाढ़ प्रभावित परिवारों से मुलाकात कर राहत सामग्री वितरित किया

    मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ  ने आज लखनऊ के बक्शी का तालाब ग्राम हरदा में बाढ़ प्रभावित परिवारों से मुलाकात कर राहत सामग्री वितरित किया

    सभी थानों में 30 दिनों के भीतर वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग सुविधा होगी सक्रिय

    सभी थानों में 30 दिनों के भीतर वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग सुविधा होगी सक्रिय

    बी ए पी एस ने भेजा स्पष्टीकरण महिला कर्मियों का नहीं है विरोधी

    बी ए पी एस ने भेजा स्पष्टीकरण महिला कर्मियों का नहीं है विरोधी

    Maruti के गढ़ में उतरी थी Santro, आज भारत से दुनिया भर में बिकती हैं कारें, जानिए Hyundai के 30 साल की पूरी कहानी

    Maruti के गढ़ में उतरी थी Santro, आज भारत से दुनिया भर में बिकती हैं कारें, जानिए Hyundai के 30 साल की पूरी कहानी