
US-Iran Conflict : अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने दावा किया है कि अमेरिका ने होर्मुज स्ट्रेट के रास्ते से इतिहास में सबसे ज्यादा तेल कंटेनरों को सुरक्षित निकाला है. उनका कहना है कि ईरान से जारी युद्ध के बीच पिछले कुछ दिनों में जितने कच्चे तेल के कंटेनर निकाले गए हैं वह इतिहास में सबसे अधिक हैं. व्हाइट हाउस में मंगलवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान जब ट्रंप से पूछा गया कि क्या ईरान हार मान लेगा, तो इसपर उन्होंने कहा कि ईरान की स्थिति काफी ज्यादा खराब है. न्यूज एजेंसी एएनआई की रिपोर्ट में बताया गया कि एक तरह से ट्रंप ने भविष्यवाणी करने के अंदाज में कहा कि अंत में ईरान को हार मानना होगा. उन्होंने दोनों देशों के बीच जारी संघर्ष को लेकर भी कहा कि ईरान का प्रदर्शन भी बहुत खराब है.
ट्रंप ने बताया ईरान से युद्ध का अमेरिकी उद्देश्य
अमेरिका ने इजरायल के साथ मिलकर 28 फरवरी को ईरान के खिलाफ संघर्ष की शुरुआत की थी. अमेरिका राष्ट्रपति ने इस युद्ध को शुरू करने के पीछे के गोल को दोहराते हुए कहा कि अमेरिका ईरान को परमाणु हथियार विकसित करने से रोकना चाहता था. अमेरिकी हमलों के बाद जब ईरान ने भी जवाबी हमले किए और होर्मुज के रास्ते को बंद कर दिया तो युद्ध का और अधिक विस्तार होता गया.
जून महीने से जारी हैं युद्ध समाप्ति के प्रयास
दोनों देश अपनी-अपनी शर्तों को लेकर अड़े हुए हैं जिस कारण जून से जारी युद्ध को समाप्त करने के प्रयास में निर्णायक मोड़ नहीं आ पा रहा. ईरान ने कतर के माध्यम से युद्ध रोकने के लिए रोडमैप भेजा है.
ईरान की क्या हैं शर्तें
ईरान चाहता है कि अमेरिका हर मोर्चे पर यानी मिडिल ईस्ट के प्रत्येक देशों को आश्वस्त करे कि वह किसी भी प्रकार से हमला नहीं करेगा. अमेरिका ने ईरान के कई बंदरगाहों पर अपनी नौसेना के जरिए नाकेबंदी कर रखी है, उसे हटाए. युद्ध शुरू होने के बाद अमेरिका ने विदेशों में जमा ईरान के करीब 12 से 24 अरब डॉलर के फंड फ्रीज कर दिए थे, उसे जारी किया जाए. साथ ही ईरानी तेल पर लगे प्रतिबंधों को कम किया जाए. ईरान की यह भी मांग है कि इस युद्ध में ईरान का जितना भी नुकसान हुआ है, अमेरिका उसकी भरपाई करे.
ईरान की मांगों पर सहमति इतर अमेरिका राष्ट्रपति ट्रंप का कहना है कि ईरान युद्ध में बुरी तरह हार रहा है. ऐसे में अमेरिका ईरान से कोई भी कमजोर समझौते के मूड में नहीं है.






