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निर्वाचक नामावलियों के पुनरीक्षण के लिए प्रशिक्षण जारी

मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी श्री यशवंत कुमार ने विगत दिवस जिला निर्वाचन अधिकारियों, एआरओ व ईआरओ की वर्चुअल बैठकर लेकर दिए आवश्यक दिशा-निर्देश

धमतरी । भारत निर्वाचन आयोग के निर्देशानुसार निर्वाचक नामावलियों के विशेष गहन पुनरीक्षण (Special Intensive Revision – SIR) का कार्य पूरे प्रदेश में सुव्यवस्थित एवं पारदर्शी ढंग से संपादित किया जा रहा है। इसी क्रम में प्रशिक्षण एवं तैयारी का कार्य निरंतर जारी है।

छत्तीसगढ़ राज्य के मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी श्री यशवंत कुमार ने विगत दिवस सभी जिलों के जिला निर्वाचन अधिकारी, एआरओ एवं ईआरओ की वर्चुअल बैठक लेकर विशेष गहन पुनरीक्षण अभियान के सुचारू संचालन हेतु विस्तृत दिशा-निर्देश प्रदान किए। उन्होंने कहा कि निर्वाचक नामावलियों की शुद्धता, समावेशिता एवं पारदर्शिता लोकतांत्रिक प्रक्रिया की मूल आत्मा है। अतः प्रत्येक स्तर पर सावधानीपूर्वक कार्य किया जाए ताकि प्रत्येक पात्र मतदाता का नाम मतदाता सूची में सम्मिलित हो सके और अपात्र नाम स्वतः विलोपित किए जा सकें।

वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के दौरान कलेक्ट्रेट स्थित एनआईसी कक्ष में कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी श्री अबिनाश मिश्रा, उप जिला निर्वाचन अधिकारी श्री पवन प्रेमी सहित निर्वाचन कार्य से जुड़े अधिकारी उपस्थित रहे।

प्रशिक्षण के दौरान बताया गया कि विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) कार्य हेतु आयोग द्वारा विस्तृत समय-सीमा निर्धारित की गई है —

• 28 अक्टूबर से 03 नवम्बर 2025 : तैयारी, प्रशिक्षण एवं मुद्रण कार्य

• 04 नवम्बर से 04 दिसम्बर 2025 : गणना अवधि

• 04 दिसम्बर 2025 : मतदान केन्द्रों का युक्तियुक्तकरण एवं पुनर्व्यवस्था

• 05 से 08 दिसम्बर 2025 : नियंत्रण तालिका का अद्यतन एवं प्रारूप निर्वाचक नामावली की तैयारी

• 09 दिसम्बर 2025 : प्रारूप निर्वाचक नामावली का प्रकाशन

• 09 दिसम्बर 2025 से 08 जनवरी 2026 : दावा-आपत्ति अवधि

• 09 दिसम्बर 2025 से 31 जनवरी 2026 : सूचना चरण, सुनवाई, सत्यापन एवं निर्णय

• 03 फरवरी 2026 तक : नामावली की परिशुद्धता की जांच एवं अंतिम प्रकाशन हेतु आयोग से अनुमति

• 07 फरवरी 2026 : निर्वाचक नामावली का अंतिम प्रकाशन

बैठक के उपरांत कलेक्टर श्री अबिनाश मिश्रा ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि प्रत्येक बीएलओ, ईआरओ एवं एआरओ अपने क्षेत्र में सक्रिय रहकर गृह-गृह संपर्क के माध्यम से पात्र मतदाताओं का नाम जोड़ने एवं डुप्लीकेट अथवा अपात्र प्रविष्टियों को हटाने की प्रक्रिया सतर्कता से करें। उन्होंने कहा कि इस कार्य में किसी प्रकार की शिथिलता अथवा लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

कलेक्टर ने यह भी निर्देश दिए कि प्रशिक्षण कार्यक्रमों में प्राप्त दिशा-निर्देशों का शत-प्रतिशत पालन सुनिश्चित किया जाए तथा जिला स्तर पर गठित निगरानी समितियाँ प्रत्येक चरण की प्रगति की नियमित समीक्षा करें। उन्होंने कहा कि निर्वाचन कार्य केवल प्रशासनिक दायित्व नहीं, बल्कि लोकतंत्र की जड़ें मजबूत करने का माध्यम है।

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