Ro no D15139/23

56वें ​​भारतीय अंतर्राष्ट्रीय फिल्म महोत्सव में दिखाई जाएंगी ‘तन्वी द ग्रेट’ समेत अनुपम खेर की तीन फिल्में

तन्वी द ग्रेट’ फिल्म वरिष्ठ अभिनेता अनुपम खेर के करियर की हिट फिल्म साबित हो रही है। इस फिल्म का निर्देशन खुद अनुपम खेर ने किया है और फिल्म बैक टू बैक अवॉर्ड हासिल कर रही है। अब उनकी फिल्म 56वें ​​भारतीय अंतर्राष्ट्रीय फिल्म महोत्सव में दिखाई जाएगी।

अनुपम खेर ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर अपनी फिल्म ‘तन्वी द ग्रेट’ और ‘द बंगाल फाइल्स’ को लेकर जानकारी शेयर की है। दोनों फिल्मों को आज से शुरू हो रहे 56वें ​​भारतीय अंतर्राष्ट्रीय फिल्म महोत्सव में प्रदर्शित करने का मौका मिला है। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा, “उत्साहित और सम्मानित महसूस कर रहा हूं। इस साल 56वें ​​भारतीय अंतर्राष्ट्रीय फिल्म महोत्सव में मुझे अपनी तीन फिल्मों के प्रदर्शन का सौभाग्य और सम्मान मिला है। इसमें हमारी होम प्रोडक्शन की फिल्म ‘तन्वी द ग्रेट’, विवेक अग्निहोत्री की ‘द बंगाल फाइल्स’, और फिल्म ‘कैलोरी’ शामिल हैं।

उन्होंने आगे लिखा, “मैं इस प्रतिष्ठित फिल्म महोत्सव में एक मास्टर क्लास भी आयोजित करूंगा, जिसका विषय होगा ‘हार मानना ​​कोई विकल्प नहीं है।’ बहुत कम लोग ऐसे होते हैं जिन्हें अपने काम को प्रदर्शित करने का मौका मिलता है और उनमें से एक मैं हूं। मेरे 41 साल के करियर और 549 फिल्मों के बाद, ये साल मेरे लिए बेमिसाल रहा है। चलिए सिनेमा की भव्य भावना का जश्न मनाते हैं गोवा में।”

गुरुवार से 56वें ​​भारतीय अंतर्राष्ट्रीय फिल्म महोत्सव का आगाज हो रहा है। महोत्सव में शामिल होने के लिए बी टाउन के निर्माता और निर्देशक गोवा रवाना हो रहे हैं। ये फिल्म फेस्टिवल 8 दिनों तक चलने वाला है, जिसमें दुनियाभर के फिल्म निर्माताओं और कलाकारों की श्रेष्ठ फिल्मों को स्क्रीनिंग का मौका दिया जाता है।

इसके अलावा फिल्मों को अच्छे टॉपिक और रचनात्मक तरीके से बनाने के लिए पैनल चर्चा और मास्टरक्लास भी आयोजित होती है। 56वें ​​भारतीय अंतर्राष्ट्रीय फिल्म महोत्सव का उद्देश्य अच्छी फिल्में बनाने के लिए प्रेरित करना है और साथ ही भारत की कला, संस्कृति और विरासत को भी आगे ले जाना है।

‘तन्वी द ग्रेट’ फिल्म अनुपम खेर के लिए बहुत खास फिल्म है। ये फिल्म उन्होंने अपनी भांजी से प्रेरित होकर बनाई है,जोकि ऑटिज्म से पीड़ित है। ऑटिज्म पीड़ित होने के बाद बच्चों को जिंदगी में किन-किन परेशानियों से गुजरना पड़ता है ये फिल्म उन्हीं परेशानियों को दिखाती है।

  • Related Posts

    रेप सीन के दौरान क्या जया प्रदा ने जड़ दिया था थप्पड़? फिर ड्रिंक एंड ड्राइव में पहुंचे जेल… विवादों में घिरे रहे ‘बाजीगर’ के विलेन दलीप ताहिल

    Dalip Tahil Birthday Special: बॉलीवुड में कुछ कलाकार ऐसे होते हैं, जो फिल्म में हीरो के सामने खड़े होकर भी अपनी अलग पहचान बना लेते हैं. दलीप ताहिल उन्हीं में से…

    Read more

    17 की उम्र में बनीं हीरोइन, 19 में बेटी संग छोड़ा घर, 2 शादियां टूटीं… जानें ‘उरी’ एक्ट्रेस रुखसार रहमान की कहानी

    Rukhsar Rehman Birthday Special: बॉलीवुड में कुछ कलाकार ऐसे होते हैं, जो अपनी जिंदगी में कई मुश्किल दौर देखने के बाद भी अपने सपनों का साथ नहीं छोड़ते. रुखसार रहमान की…

    Read more

    NATIONAL

    कांग्रेस का लक्ष्य सत्ता पाना नहीं, देश में अराजकता उत्पन्न करना है : डॉ. सुधांशु त्रिवेदी

    कांग्रेस का लक्ष्य सत्ता पाना नहीं, देश में अराजकता उत्पन्न करना है : डॉ. सुधांशु त्रिवेदी

    UP Election 2027: आज अमित शाह की मौजूदगी में भाजपा का चुनावी मंथन, योगी समेत दिग्गज जुटेंगे, बनेगी चुनावी रणनीति, जानें पूरा कार्यक्रम

    UP Election 2027: आज अमित शाह की मौजूदगी में भाजपा का चुनावी मंथन, योगी समेत दिग्गज जुटेंगे, बनेगी चुनावी रणनीति, जानें पूरा कार्यक्रम

    भूटान में फ्लैश फ्लड ने मचाई तबाही, सोलर सिंचाई प्रोजेक्ट क्षतिग्रस्त, हाईवे पर मलबे का ढेर

    भूटान में फ्लैश फ्लड ने मचाई तबाही, सोलर सिंचाई प्रोजेक्ट क्षतिग्रस्त, हाईवे पर मलबे का ढेर

    भूटान में ग्लेशियल झील फटी: असम-बंगाल में बाढ़ का खतरा, 5-6 घंटे में मैदानी इलाकों तक पहुंच सकता बाढ़ का पानी

    भूटान में ग्लेशियल झील फटी: असम-बंगाल में बाढ़ का खतरा, 5-6 घंटे में मैदानी इलाकों तक पहुंच सकता बाढ़ का पानी

    बंद करो रेल, खत्म हो खेल, जिद मां अड़ गे, अड़बड़ बोले खड़गे; वरिष्ठ पत्रकार जवाहर नागदेव की खरी… खरी…

    बंद करो रेल, खत्म हो खेल, जिद मां अड़ गे, अड़बड़ बोले खड़गे; वरिष्ठ पत्रकार जवाहर नागदेव की खरी… खरी…

    ​बैलेट पेपर से हुए एमएलसी चुनावों में कांग्रेस का ‘शून्य’ पर सिमटना राहुल गांधी के राजनीतिक पाखण्ड और झूठे नैरेटिव को करारा तमाचा : रूपकुमारी चौधरी

    ​बैलेट पेपर से हुए एमएलसी चुनावों में कांग्रेस का ‘शून्य’ पर सिमटना राहुल गांधी के राजनीतिक पाखण्ड और झूठे नैरेटिव को करारा तमाचा : रूपकुमारी चौधरी