Ro no D15139/23

सर्वोच्च न्यायालय के निर्देशों के तहत जिले में आवारा कुत्ता प्रबंधन पर प्रशिक्षण आयोजित

जिला प्रशासन ने प्रबंधन हेतु सभी विभागों को संयुक्त रूप से किया तैयार
ग्राम पंचायत सचिवों से लेकर स्वास्थ्य अमले तक सभी विभागीय कर्मचारियों को दिया गया व्यापक प्रशिक्षण

 माननीय सर्वोच्च न्यायालय द्वारा  पारित निर्देशों के पालन में जशपुर जिले में पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग द्वारा जिला स्तरीय प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया। प्रशिक्षण का उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों में आवारा कुत्तों से आमजन की सुरक्षा सुनिश्चित करना तथा सभी विभागों की भूमिका स्पष्ट करना था। जिला स्तरीय अधिकारी अधिकारियों के समन्वित प्रशिक्षण में ग्राम पंचायत सचिव, जनपद सीईओ, विकास विस्तार अधिकारी, पशुधन विकास एवं स्वास्थ्य विभाग के अमले को न्यायालय के आदेश, शासकीय परिसरों के चिन्हांकन, नोडल अधिकारियों की जिम्मेदारियों, नोटिस बोर्ड लगाने, फेंसिंग एवं सुरक्षा व्यवस्था तथा हेल्पलाइन 1100 पर कार्यवाही की प्रक्रिया समझाई गई। प्रशिक्षण में विभागीय अमले को सर्वोच्च न्यायालय के आदेश एवं उसके क्रियान्वयन से अवगत कराया गया। साथ ही यह भी बताया गया कि शासकीय परिसरों का चिन्हांकन कैसे किया जाए, नोडल अधिकारी की भूमिका क्या होगी, शासकीय परिसरों में नोटिस बोर्ड लगाने की अनिवार्यता क्या है, निरीक्षणकर्ता अधिकारियों के कर्तव्य क्या हैं तथा चिन्हांकित परिसरों को फेंसिंग, बाउंड्रीवाल एवं गेट से सुरक्षित कैसे किया जाए। हेल्पलाइन नंबर 1100 पर प्राप्त शिकायतों पर तत्काल कार्रवाई की प्रक्रिया भी विस्तार से बताई गई।
परिसरों का चिन्हांकन और नोडल अधिकारियों की नियुक्ति –
आवारा कुत्तों के रोकथाम हेतु ग्रामीण क्षेत्रों के मिनी स्टेडियम, बस स्टैंड, खेल परिसर आदि का चिन्हांकन कर प्रत्येक स्थल के लिए नोडल अधिकारी नियुक्त किए गए है। सभी परिसरों पर नोडल अधिकारी का नाम, पदनाम और संपर्क नंबर सहित नोटिस बोर्ड लगाए गए हैं।
जिला प्रशासन ने निर्देशित किया है कि प्रत्येक चिन्हांकित परिसर का निरीक्षणकर्ता अधिकारी तीन माह में एक बार निरीक्षण करेंगे। पंचायत, राजस्व, स्वास्थ्य, शिक्षा, पशुधन एवं नगरीय प्रशासन विभाग की संयुक्त टीमें प्रत्येक ग्राम पंचायत में गठित कर दी गई हैं। प्रत्येक पंचायत में त्वरित सूचना आदान-प्रदान हेतु व्हॉट्सऐप समूह भी बनाए गए हैं। न्यायालय के निर्देशानुसार आवारा कुत्तों के प्रबंधन पर जनजागरूकता बढ़ाई जा रही है। हाट-बाजार, होटलों और बस स्टैंडों में भोजन अवशेष प्रबंधन की व्यवस्था सुनिश्चित की जा रही है।
टीकाकरण नसबंदी एवं रजिस्टर संधारण के निर्देश –
पशु जन्म नियंत्रण नियम 2023 के अनुसार आवारा कुत्तों के टीकाकरण, नसबंदी एवं पुनर्वास प्रक्रिया पर सभी अधिकारियों को प्रशिक्षण दिया गया। हटाए गए एवं टीकाकृत कुत्तों का तिथिवार रजिस्टर पंचायत स्तर पर संधारित किया जाएगा।
नोडल अधिकारियों को आवारा कुत्ता नियंत्रण अभियान पूर्ण तत्परता और संवेदनशीलता के साथ चलाने के निर्देश दिए गए है।

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