Ro no D15139/23

जनसंपर्क विभाग द्वारा प्रकाशित छत्तीसगढ़ जनमन पत्रिका और जी राम जी का ब्रोसर का डिजिटल लाईब्रेरी एवं शासकीय कमला कॉलेज में किया गया नि:शुल्क वितरण

जनमन पत्रिका पढ़कर विद्यार्थियों ने जाहिर की खुशी
– जनमन पत्रिका शासन की योजनाओं की अच्छा संकलन
राजनांदगांव 09 फरवरी 2026। जनसंपर्क विभाग द्वारा प्रकाशित छत्तीसगढ़ जनमन पत्रिका और जी राम जी का डिजिटल लाईब्रेरी राजनांदगांव और शासकीय कमला देवी राठी महिला महाविद्यालय राजनांदगांव में नि:शुल्क वितरण किया गया। प्राचार्य शासकीय कमला देवी राठी महिला महाविद्यालय राजनांदगांव डॉ. ओमकार लाल श्रीवास्तव ने जनमन पत्रिका नि:शुल्क मिलने पर प्रसन्नता जाहिर की। उन्होंने कहा कि पत्रिका शासन की योजनाओं का अच्छा संकलन है एवं युवाओं व जनमानस के लिए उपयोगी है। प्राध्यापक डॉ. जय सिंह साहू एवं डॉ. कृष्ण कुमार द्विवेदी ने जनमन पत्रिका एवं ब्रोसर की प्रशंसा की। जनमन पत्रिका पढ़कर प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी कर रहे युवाओं ने खुशी जाहिर की। श्री मुकेन्द्र कुमार ने बताया कि वे एसआई एवं छत्तीसगढ़ व्यावसायिक परीक्षा मंडल द्वारा आयोजित प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी कर रहे हैं। इसके लिए नियमित रूप से डिजिटल लाईब्रेरी में अध्ययन करने के लिए आते हैं। श्री मुकेन्द्र ने कहा कि जनमन पत्रिका प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए लाभदायक है। इसमें संकलित समाचार, संस्कृति, पर्यटन एवं करेंट अफेयर्स, शासन की लोककल्याणकारी योजनाओं की जानकारी उपयोगी है। राज्य शासन लोककल्याण और विकास के क्षेत्र में लिए गए निर्णयों के संबंध में अद्यतन जानकारी मिलती है। छत्तीसगढ़ शासन द्वारा यह पत्रिका नि:शुल्क वितरित की जा रही। इस किताब में प्रमाणिक तथ्यों का संकलन है।
डिजिटल लाईब्रेरी में अध्ययन करने आए श्री सौरभ सम्राट ने कहा कि जनमन पत्रिका में नई शिक्षा नीति, खनिज संपदा, औद्योगिक नीति सहित विकसित छत्तीसगढ़ परिकल्पना की जानकारी का समावेश किया गया है। प्रतियोगी परीक्षाओं के दृष्टिकोण से यह किताब महत्वपूर्ण है। इसमें शासन की योजनाओं की अच्छी जानकारी दी गई है। इसी तरह शासकीय कमला देवी राठी महिला महाविद्यालय राजनांदगांव में अध्ययनरत विद्यार्थियों ने भी जनमन पत्रिका पढ़कर खुशी जाहिर की। उल्लेखनीय है कि जनमन पत्रिका में महिलाओं को रोजगार मूलक कार्यों के जरिए स्वावलंबी और आत्मनिर्भर बनाने के लिए महतारी वंदन योजना के अंतर्गत महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण और आहार-पोषण के लिए 70 लाख महिलाओं को मिलने वाली प्रति माह 1 हजार रूपए की जानकारी दी गई है। इसी तरह जनमन पत्रिका में छत्तीसगढ़ की संस्कृति, पर्यटन, खेल, औद्योगिक विकास, डिजिटल प्रशासन, कुटीर उद्योग, छत्तीसगढ़ के खनिज और धार्मिक स्थलों की जानकारी तथा शासन के विभिन्न योजनाओं की एकत्रित जानकारी दी गई है। जी राम जी ब्रोसर में 125 दिनों के रोजगार की नई गारंटी की जानकारी दी गई।

  • Related Posts

    आजादी के बाद पहली बार रावघाट तक पहुँचेगी रेल, छत्तीसगढ़ के विकास में जुड़ेगा नया ऐतिहासिक अध्याय : मुख्यमंत्री विष्णु देव साय

    मुख्यमंत्री श्री साय की उपस्थिति में 20 अक्टूबर को ताड़ोकी – रावघाट एवं अभनपुर – कुरूद ब्रॉडगेज रेल लाइन का होगा उद्घाटन*   *रावघाट – रायपुर एवं रायपुर – कुरूद…

    Read more

    माता की भक्ति में रमे उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा, हाथों में मंजीरा लेकर ग्रामीणों के साथ गाए जसगीत

    कबीरधाम के कोडार गांव में देर रात दुर्गा पूजन एवं ज्योति कलश पूजन में हुए शामिल, माता के दर्शन कर लिया आशीर्वाद*   *ग्रामीणों के साथ भक्ति रस में झूमे…

    Read more

    NATIONAL

    बसपा में आकाश आनंद के प्रचार कार्यक्रम पर मायावती की मुहर, अब ईशान संभालेंगे चुनाव प्रबंधन की जिम्मेदारी

    बसपा में आकाश आनंद के प्रचार कार्यक्रम पर मायावती की मुहर, अब ईशान संभालेंगे चुनाव प्रबंधन की जिम्मेदारी

    संघ के 101वें वर्ष में प्रवेश पर कहलगांव में विजयादशमी उत्सव, स्वयंसेवकों ने किया पथ संचलन

    संघ के 101वें वर्ष में प्रवेश पर कहलगांव में विजयादशमी उत्सव, स्वयंसेवकों ने किया पथ संचलन

    भारत की इस नदी को क्यों कहा जाता है पुरुष नदी, जानिए क्या है इसकी कहानी

    भारत की इस नदी को क्यों कहा जाता है पुरुष नदी, जानिए क्या है इसकी कहानी

    ‘रिजीम चेंज’ की बहस: लोकतांत्रिक असहमति या सत्ता-विरोधी साजिश?

    ‘रिजीम चेंज’ की बहस: लोकतांत्रिक असहमति या सत्ता-विरोधी साजिश?

    रूस से तेल खरीदने पर भारत पर कोई टैरिफ नहीं, ट्रंप ने 100% टैरिफ लगाने वाले कानून पर लगाई रोक

    रूस से तेल खरीदने पर भारत पर कोई टैरिफ नहीं, ट्रंप ने 100% टैरिफ लगाने वाले कानून पर लगाई रोक

    भारत में मुख्य चुनाव आयुक्त के खिलाफ प्रदर्शन के दौरान हिरासत में लिया जाना क्या कानूनी था?

    भारत में मुख्य चुनाव आयुक्त के खिलाफ प्रदर्शन के दौरान हिरासत में लिया जाना क्या कानूनी था?