Ro no D15139/23

नक्सल ऑपरेशन में शामिल तीन जवानों की प्रमोशन याचिका पर हाई कोर्ट ने DGP को दिया ये निर्देश

बिलासपुर। हाई कोर्ट ने नक्सल प्रभावित क्षेत्र में हुए बड़े एंटी नक्सल ऑपरेशन में साहसिक भूमिका निभाने वाले पुलिस जवानों के आउट ऑफ टर्न प्रमोशन के मामले में महत्वपूर्ण आदेश जारी किया है। मामले की सुनवाई करते हुए जस्टिस पीपी साहू ने याचिकाकर्ता जवानों के लंबित मामले पर कानून के अनुसार कार्रवाई करने डीजीपी को निर्देश जारी किया है। इसके लिए डीजीपी को दो महीने का समय कोर्ट ने दिया है।

याचिकाकर्ता दीपक नायक, अग्नु राम कोर्राम और संगीत भास्कर ने याचिका दायर कर आउट ऑफ़ टर्न प्रमोशन की मांग की है। याचिका के अनुसार तीनों पुलिस जवान कांकेर जिले में पदस्थ हैं। याचिकाकर्ताओं का कहना था कि वे 15 एवं 16 अप्रैल 2024 को BSF के साथ संयुक्त रूप से चलाए गए एंटी नक्सल ऑपरेशन का वे भी हिस्सा थे। यह ऑपरेशन कांकेर जिले के कालपर-हापाटोला-छेटेबेठिया क्षेत्र में हुआ था, जहां 40-50 सशस्त्र माओवादियों के साथ मुठभेड़ हुई। इस कार्रवाई में 29 सशस्त्र नक्सली मारे गए थे, जिनमें 15 पुरुष एवं 14 महिला नक्सली शामिल थीं। बड़ी मात्रा में हथियार व गोला-बारूद भी जब्त किया गया।

केवल 54 पुलिस कर्मियों को मिला आउट ऑफ़ टर्न प्रमोशन

याचिकाकर्ता जवानों ने कोर्ट को बताया कि सफल नक्सल ऑपरेशन में कुल 187 पुलिसकर्मी शामिल थे। राज्य सरकार ने मात्र 54 पुलिसकर्मियों को ही पुलिस विनियम 70 (क) के तहत आउट ऑफ टर्न प्रमोशन का लाभ दिया है, शेष जवानों के साथ भेदभाव किया गया है।

याचिकाकर्ता जवानों का कहना है, वे लोगों ने भी समान परिस्थितियों में ऑपरेशन का हिस्सा बने थे। राज्य सरकार ने उनके साथ भेदभाव किया है। याचिका के अनुसार 25 जून 2025 को पुलिस महानिरीक्षक, बस्तर रेंज के समक्ष अभ्यावेदन प्रस्तुत किया, जो अब तक लंबित है।

हाई कोर्ट ने डीजीपी को दिया निर्देश, दो महीने में करना होगा अभ्यावेदन का निराकरण

मामले की सुनवाई के दौरान कोर्ट ने माना कि याचिकाकर्ताओं का अभ्यावेदन अभी सक्षम प्राधिकारी के समक्ष विचाराधीन है। लिहाजा कोर्ट ने अभ्यावेदन के शीघ्र निस्तारण का निर्देश दिया है।

कोर्ट ने स्पष्ट कहा कि, पुलिस महानिदेशक याचिकाकर्ताओं के अभ्यावेदन पर पुलिस विनियम 70 (क) के अनुसार कानून सम्मत एवं निष्पक्ष निर्णय लें। कोर्ट ने इसके लिए डीजीपी को दो महीने का समय दिया है।

  • Related Posts

    आजादी के बाद पहली बार रावघाट तक पहुँचेगी रेल, छत्तीसगढ़ के विकास में जुड़ेगा नया ऐतिहासिक अध्याय : मुख्यमंत्री विष्णु देव साय

    मुख्यमंत्री श्री साय की उपस्थिति में 20 अक्टूबर को ताड़ोकी – रावघाट एवं अभनपुर – कुरूद ब्रॉडगेज रेल लाइन का होगा उद्घाटन*   *रावघाट – रायपुर एवं रायपुर – कुरूद…

    Read more

    माता की भक्ति में रमे उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा, हाथों में मंजीरा लेकर ग्रामीणों के साथ गाए जसगीत

    कबीरधाम के कोडार गांव में देर रात दुर्गा पूजन एवं ज्योति कलश पूजन में हुए शामिल, माता के दर्शन कर लिया आशीर्वाद*   *ग्रामीणों के साथ भक्ति रस में झूमे…

    Read more

    NATIONAL

    बसपा में आकाश आनंद के प्रचार कार्यक्रम पर मायावती की मुहर, अब ईशान संभालेंगे चुनाव प्रबंधन की जिम्मेदारी

    बसपा में आकाश आनंद के प्रचार कार्यक्रम पर मायावती की मुहर, अब ईशान संभालेंगे चुनाव प्रबंधन की जिम्मेदारी

    संघ के 101वें वर्ष में प्रवेश पर कहलगांव में विजयादशमी उत्सव, स्वयंसेवकों ने किया पथ संचलन

    संघ के 101वें वर्ष में प्रवेश पर कहलगांव में विजयादशमी उत्सव, स्वयंसेवकों ने किया पथ संचलन

    भारत की इस नदी को क्यों कहा जाता है पुरुष नदी, जानिए क्या है इसकी कहानी

    भारत की इस नदी को क्यों कहा जाता है पुरुष नदी, जानिए क्या है इसकी कहानी

    ‘रिजीम चेंज’ की बहस: लोकतांत्रिक असहमति या सत्ता-विरोधी साजिश?

    ‘रिजीम चेंज’ की बहस: लोकतांत्रिक असहमति या सत्ता-विरोधी साजिश?

    रूस से तेल खरीदने पर भारत पर कोई टैरिफ नहीं, ट्रंप ने 100% टैरिफ लगाने वाले कानून पर लगाई रोक

    रूस से तेल खरीदने पर भारत पर कोई टैरिफ नहीं, ट्रंप ने 100% टैरिफ लगाने वाले कानून पर लगाई रोक

    भारत में मुख्य चुनाव आयुक्त के खिलाफ प्रदर्शन के दौरान हिरासत में लिया जाना क्या कानूनी था?

    भारत में मुख्य चुनाव आयुक्त के खिलाफ प्रदर्शन के दौरान हिरासत में लिया जाना क्या कानूनी था?