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पीएम जनमन योजना से पीवीटीजी बस्तियों तक पहुंच रही स्वास्थ्य सेवाएं

 

मोबाइल मेडिकल यूनिट के माध्यम से घर के समीप जांच एवं उपचार सुविधा

रायपुर, 27 फरवरी 2026/ दूरस्थ वनांचल और दुर्गम पहाड़ी इलाकों में बसे विशेष पिछड़ी जनजाति समुदाय के लिए स्वास्थ्य सेवाओं तक पहुंच लंबे समय से एक बड़ी चुनौती रही है। ऐसे में प्रधानमंत्री जनजाति आदिवासी न्याय महाभियान (पीएम जनमन) के अंतर्गत संचालित मोबाइल मेडिकल यूनिट से बेहतर स्वास्थ्य सेवाओं की पहुंच सुनिश्चित की जा रही है।

बलरामपुर रामानुजगंज जिले में विशेष रूप से पिछड़ी जनजातियों को मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराने के उद्देश्य से चार मोबाइल मेडिकल यूनिट संचालित की जा रही हैं। इन यूनिटों के माध्यम से विकासखण्ड बलरामपुर, राजपुर, कुसमी और शंकरगढ़ के सुदूर पहाड़ी कोरवा बाहुल्य क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाएं सीधे गांव और बसाहटों तक पहुंचाई जा रही हैं। अब ग्रामीणों को प्राथमिक उपचार के लिए कई किलोमीटर दूर स्वास्थ्य केंद्रों की ओर नहीं जाना पड़ता, बल्कि स्वास्थ्य सेवाएं स्वयं उनके घर के समीप पहुंच रही हैं। मोबाइल मेडिकल यूनिट में चिकित्सक, नर्सिंग स्टाफ, लैब टेक्नीशियन तथा आवश्यक दवाओं की उपलब्धता सुनिश्चित की गई है। साथ ही सामान्य स्वास्थ्य जांच के साथ रक्तचाप, शुगर, हीमोग्लोबिन जैसे आवश्यक लैब टेस्ट किए जाते हैं। जरूरत पड़ने पर मरीजों को आगे के उपचार के लिए उच्च स्वास्थ्य केंद्रों में रेफर भी किया जा रहा है। गर्भवती महिलाओं की नियमित जांच, बच्चों का स्वास्थ्य परीक्षण तथा बुजुर्गों की देखभाल पर भी विशेष ध्यान दिया जा रहा है।

स्वास्थ्य विभाग से प्राप्त जानकारी के अनुसार अब तक 235 बसाहटों में 87 स्वास्थ्य शिविर आयोजित किए जा चुके हैं। इन शिविरों में कुल 3,678 हितग्राहियों को स्वास्थ्य सेवाओं से लाभान्वित किया गया है। मोबाइल मेडिकल यूनिट के माध्यम से विशेष पिछड़ी जनजाति समुदाय में स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता भी बढ़ रही है। पहले जहां ग्रामीण सामान्य बुखार या संक्रमण को नजरअंदाज कर देते थे या बैगा गुनिया का सहारा लेते थे, लेकिन अब वे नियमित जांच और परामर्श के महत्व को समझने लगे हैं। स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता बढ़ने से विशेष पिछड़ी जनजाति समुदाय में सकारात्मक बदलाव देखने को मिल रहा है।

गौरतलब है कि जिले में कलेक्टर श्री राजेन्द्र कटारा के निर्देशन तथा जिला पंचायत सीईओ श्रीमती नयनतारा सिंह तोमर के मार्गदर्शन में मोबाइल मेडिकल यूनिट का सुव्यवस्थित संचालन किया जा रहा है। नियमित मॉनिटरिंग, तय रूट चार्ट और सामुदायिक सहभागिता के माध्यम से बसाहटों में स्वास्थ्य सेवायें सुनिश्चित की जा रही है। पीएम जनमन के माध्यम से स्वास्थ्य सेवाओं का विस्तार निश्चित ही विशेष पिछड़ी जनजातियों के जीवन स्तर में दीर्घकालिक सकारात्मक परिवर्तन लाने की दिशा में सशक्त प्रयास सिद्ध हो रहा है।

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