Ro no D15139/23

बस्तर की सांस्कृतिक विरासत से अभिभूत हुई संयुक्त राष्ट्र की मेंटर, छह दिवसीय प्रवास के बाद भावुक होकर विदा हुई किर्सी ह्यवैरिनेन

परंपरा, प्रकृति और आत्मीय आतिथ्य ने जीता दिल, पर्यटन संवर्धन को मिला वैश्विक दृष्टिकोण

रायपुर, 28 फरवरी 2026 (IMNB NEWS AGENCY) छत्तीसगढ़ के बस्तर की समृद्ध सांस्कृतिक धरोहर और अनुपम प्राकृतिक सौंदर्य एक बार फिर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सुर्खियों में है। संयुक्त राष्ट्र की मेंटर एवं हिवा कोचिंग एंड कंसल्टिंग की संस्थापक सुश्री किर्सी ह्यवैरिनेन ने अपने छह दिवसीय प्रवास के दौरान बस्तर की जीवंत परंपराओं, लोक कला और जनजातीय संस्कृति को करीब से अनुभव किया। प्रवास की समाप्ति पर शनिवार को उन्होंने बस्तर कलेक्टर श्री आकाश छिकारा से औपचारिक मुलाकात कर अपने अनुभव साझा किए। इस अवसर पर जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री प्रतीक जैन भी उपस्थित रहे। बैठक में बस्तर में सतत पर्यटन, सामुदायिक सहभागिता और वैश्विक स्तर पर ब्रांडिंग की संभावनाओं पर सार्थक चर्चा हुई।

सुश्री किर्सी ने विशेष रूप से धुड़मारास के भ्रमण का उल्लेख करते हुए कहा कि वहां की प्राकृतिक छटा, जनजातीय जीवन शैली और पारंपरिक लोकाचार ने उन्हें गहराई से प्रभावित किया। उन्होंने स्थानीय समुदायों के आत्मीय आतिथ्य, लोकनृत्यों, हस्तशिल्प और सांस्कृतिक आयोजनों की सराहना करते हुए कहा कि बस्तर की सांस्कृतिक जड़ें अत्यंत मजबूत और जीवंत हैं। यहां की परंपराएं केवल विरासत नहीं, बल्कि आज भी लोगों के जीवन का अभिन्न हिस्सा हैं, जो इसे विश्व के पर्यटकों के लिए एक विशिष्ट और अविस्मरणीय गंतव्य बनाती हैं।

छह दिनों तक बस्तर के विभिन्न अंचलों का भ्रमण करने के दौरान उन्होंने ग्रामीण पर्यटन, स्थानीय उत्पादों, महिला स्व-सहायता समूहों की गतिविधियों और प्रकृति आधारित पर्यटन स्थलों का अवलोकन किया। उन्होंने कहा कि बस्तर में सामुदायिक सहभागिता के साथ पर्यटन विकास की अपार संभावनाएं हैं और यदि इसे अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप संरचित किया जाए, तो यह वैश्विक पर्यटन मानचित्र पर एक सशक्त पहचान बना सकता है।

कलेक्टर श्री आकाश छिकारा ने सुश्री किर्सी के अनुभवों को बस्तर के पर्यटन संवर्धन के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण बताया। उन्होंने कहा कि अंतरराष्ट्रीय विशेषज्ञों की सकारात्मक प्रतिक्रिया से न केवल स्थानीय पर्यटन को नई दिशा मिलेगी, बल्कि बस्तर की लोक कला, परंपराएं और प्राकृतिक धरोहर को वैश्विक मंच पर और सशक्त पहचान मिलेगी। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि इस तरह के अंतरराष्ट्रीय संवाद से बस्तर में सतत और समावेशी विकास की अवधारणा को और बल मिलेगा।

प्रवास के समापन पर सुश्री किर्सी ह्यवैरिनेन भावुक नजर आईं। उन्होंने कहा कि बस्तर केवल एक पर्यटन स्थल नहीं, बल्कि अनुभवों की ऐसी भूमि है जहां प्रकृति, संस्कृति और मानवीय संवेदनाएं एक साथ जीवंत हो उठती हैं। उनकी यह यात्रा बस्तर के लिए केवल एक औपचारिक दौरा नहीं, बल्कि वैश्विक स्तर पर पहचान और संभावनाओं के नए द्वार खोलने वाला प्रेरक अध्याय बनकर उभरी है।

  • Related Posts

    नव संकल्प शिक्षण संस्थान में नए बैच के लिए प्रवेश परीक्षा एक नवंबर को

    सीजीपीएससी, सीजी एसएसबी और एसएससी जीडी की निःशुल्क प्रतियोगी परीक्षा तैयारी का मिलेगा अवसर मेरिट के आधार पर 50 विद्यार्थियों को मिलेगी निःशुल्क हॉस्टल सुविधा, 16 नवंबर से शुरू होंगी…

    Read more

    मुख्यमंत्री उच्च शिक्षा प्रोत्साहन छात्रवृत्ति के लिए 30 अक्टूबर तक आवेदन

    जशपुरनगर 18 अक्टूबर 2026 / आदिम जाति कल्याण विभाग, जिला जशपुर द्वारा मुख्यमंत्री उच्च शिक्षा प्रोत्साहन छात्रवृत्ति योजना शिक्षण सत्र 2026-27 के लिए आवेदन आमंत्रित किए गए हैं। सहायक आयुक्त…

    Read more

    NATIONAL

    भारत की इस नदी को क्यों कहा जाता है पुरुष नदी, जानिए क्या है इसकी कहानी

    भारत की इस नदी को क्यों कहा जाता है पुरुष नदी, जानिए क्या है इसकी कहानी

    ‘रिजीम चेंज’ की बहस: लोकतांत्रिक असहमति या सत्ता-विरोधी साजिश?

    ‘रिजीम चेंज’ की बहस: लोकतांत्रिक असहमति या सत्ता-विरोधी साजिश?

    रूस से तेल खरीदने पर भारत पर कोई टैरिफ नहीं, ट्रंप ने 100% टैरिफ लगाने वाले कानून पर लगाई रोक

    रूस से तेल खरीदने पर भारत पर कोई टैरिफ नहीं, ट्रंप ने 100% टैरिफ लगाने वाले कानून पर लगाई रोक

    भारत में मुख्य चुनाव आयुक्त के खिलाफ प्रदर्शन के दौरान हिरासत में लिया जाना क्या कानूनी था?

    भारत में मुख्य चुनाव आयुक्त के खिलाफ प्रदर्शन के दौरान हिरासत में लिया जाना क्या कानूनी था?

    प्रोटेस्ट के सबसे अचूक हथियार अनशन से क्यों बच रहे हैं राहुल गांधी और अभिजीत दीपके? बदलते दौर में इसका कितना रहा महत्व

    प्रोटेस्ट के सबसे अचूक हथियार अनशन से क्यों बच रहे हैं राहुल गांधी और अभिजीत दीपके? बदलते दौर में इसका कितना रहा महत्व

    अंकिता भंडारी के माता-पिता को पुलिस ने सुबह 5 बजे छोड़ा, दुष्यंत गौतम की नियुक्ति रद्द करने के लिए 24 घंटे का अल्टीमेटम

    अंकिता भंडारी के माता-पिता को पुलिस ने सुबह 5 बजे छोड़ा, दुष्यंत गौतम की नियुक्ति रद्द करने के लिए 24 घंटे का अल्टीमेटम