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सारंगगढ़ में खरीफ सीजन के लिए खाद-बीज का भरपूर स्टॉक

शासन की मुस्तैदी से किसानों की राह हुई आसान*

 

रायपुर, 13 जून 2026 (IMNB NEWS AGENCY) छत्तीसगढ़ शासन द्वारा प्रदेश के किसानों की समृद्धि और कृषि कार्यों को सुगम बनाने के निरंतर प्रयासों के तहत सारंगगढ़ जिले में खरीफ सीजन के लिए खाद और बीज की पुख्ता व्यवस्था कर ली गई है। जिला प्रशासन और कृषि विभाग की मुस्तैदी के चलते जिले में खाद-बीज का पर्याप्त भंडारण उपलब्ध है, जिससे आगामी सीजन में किसानों को किसी भी प्रकार की किल्लत या परेशानी का सामना नहीं करना पड़ेगा। शासन की इस त्वरित और सुव्यवस्थित नीति से स्थानीय किसानों में भारी उत्साह और संतोष का माहौल है।

 

*गुणवत्ता पर विशेष नजर: प्रयोगशाला भेजे गए नमूने*

 

किसानों को केवल पर्याप्त ही नहीं, बल्कि उच्च गुणवत्तायुक्त कृषि आदान उपलब्ध कराना शासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है। इसके लिए कृषि विभाग द्वारा लगातार निगरानी और सघन निरीक्षण अभियान चलाया जा रहा है। उर्वरकों और बीजों की शुद्धता सुनिश्चित करने के लिए विभाग ने सक्रियता दिखाते हुए रासायनिक खाद के 30 नमूने और विभिन्न बीजों के 66 नमूने कड़े परीक्षण के लिए प्रयोगशाला भेजे हैं। शासन की इस कड़ाई से नकली या अमानक कृषि सामग्रियों की बिक्री पर पूरी तरह लगाम लग गई है।

 

*खाद और बीज का मजबूत बैकअप*

 

जिले के सहकारी और निजी विक्रय केंद्रों में मांग के अनुरूप पर्याप्त मात्रा में कृषि सामग्रियों का अग्रिम भंडारण किया जा चुका है। वर्तमान में जिले में अब तक कुल 27 हज़ार 344 मीट्रिक टन रासायनिक खाद का भंडारण किया जा चुका है, जिसमें से 15 हजार 682 मीट्रिक टन का सुचारू वितरण किसानों को किया जा चुका है। वर्तमान में 16122.725 मीट्रिक टन खाद का सुरक्षित स्टॉक मौजूद है। इसी तरह किसानों को उन्नत फसल के लिए अब तक 11,366.60 क्विंटल उच्च गुणवत्ता वाले बीज बांटे जा चुके हैं, जबकि 26,154.60 क्विंटल बीज का बंपर स्टॉक वितरण के लिए केंद्रों में उपलब्ध है।

 

*सहकारी क्षेत्र में विभिन्न खादों की उपलब्धता*

 

किसानों की हर जरूरत को ध्यान में रखते हुए सहकारी समितियों के माध्यम से विभिन्न प्रकार के उर्वरकों की उपलब्धता सुनिश्चित की गई है। सहकारी क्षेत्र में सबसे अधिक यूरिया की उपलब्धता सुनिश्चित की गई है, जो 13 हज़ार 143 मीट्रिक टन है। इसके बाद खेतों में मिट्टी की उर्वरता बढ़ाने के लिए आवश्यक एसएसपी (SSP) का 1,917 मीट्रिक टन और मुख्य पोषक तत्व डीएपी (DAP) का 1,732 मीट्रिक टन भंडार मौजूद है। इसके अतिरिक्त, फसलों के समग्र विकास के लिए एनपीके (NPK) का 1,489 मीट्रिक टन तथा पोटाश की आपूर्ति के लिए एमओपी (MOP) का 1,133 मीट्रिक टन स्टॉक सहकारी समितियों में किसानों के वितरण के लिए पूरी तरह उपलब्ध है।

 

*स्मार्ट एग्रीकल्चर को बढ़ावा*

 

शासन के दिशा-निर्देशों के अनुरूप वर्ष 2025 की बिक्री को आधार मानकर यूरिया का 80 प्रतिशत और डीएपी का 60 प्रतिशत वितरण सुचारू रूप से किया जा रहा है। इसके साथ ही, कृषि विभाग किसानों को आधुनिक खेती और लागत कम करने के लिए डीएपी के स्थान पर एनपीके, टीएसपी, एसएसपी व नैनो डीएपी तथा यूरिया के विकल्प के रूप में नैनो यूरिया के उपयोग की सलाह दे रहा है।

 

*भ्रामक खबरों से दूर रहें किसान, प्रशासन हर कदम पर साथ*

 

जिला प्रशासन ने स्थिति पूरी तरह स्पष्ट करते हुए किसानों को आश्वस्त किया है कि जिले में कृषि आदानों की कोई कमी नहीं है। प्रशासन ने किसानों से अपील की है कि वे किसी भी प्रकार की अफवाह या भ्रामक खबरों पर बिल्कुल ध्यान न दें। किसान भाई अपनी आवश्यकता के अनुसार अपने निकटतम सहकारी या निजी विक्रय केंद्र पर जाकर निश्चिंत होकर खाद-बीज प्राप्त कर सकते हैं। शासन और जिला प्रशासन समय पर आपूर्ति सुनिश्चित करने तथा पूरी वितरण व्यवस्था को पारदर्शी बनाए रखने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है।

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