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ममता बनर्जी की जनहित योजनाओं को बंद नहीं करेगी शुभेंदु अधिकारी सरकार, लाभार्थियों की होगी सघन जांच

WB Welfare Schemes: पश्चिम बंगाल की राजनीति और आम जनता के लिहाज से बेहद महत्वपूर्ण प्रशासनिक फैसला सामने आया है. राज्य की नवगठित भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) सरकार ने तृणमूल कांग्रेस (TMC) सरकार के कार्यकाल में शुरू की गयी प्रमुख सामाजिक कल्याणकारी योजनाओं (Social Welfare Schemes) को जारी रखने का निर्णय लिया है.

लाभार्थियों की सूची की होगी गहन जांच

हालांकि, इन योजनाओं में बड़े पैमाने पर चल रही अनियमितताओं और धांधली को रोकने के लिए लाभार्थियों की सूची का व्यापक पुनरीक्षण (Comprehensive Review) यानी गहन जांच करने जा रही है, ताकि सरकारी धन का लाभ केवल वास्तविक और जरूरतमंद लोगों तक ही पहुंचे.

फर्जीवाड़ा रोकने के लिए अंतिम वोटर लिस्ट से होगा मिलान

अधिकारियों के मुताबिक, ममता बनर्जी के शासनकाल में राजनीतिक प्रभाव के कारण लाखों अपात्र लोगों को इन योजनाओं से जोड़ दिया गया था. कई मामलों में एक ही परिवार के कई सदस्य एक ही योजना का लाभ उठा रहे थे. इस लीकेज को रोकने के लिए सरकार अब लाभार्थियों के डेटा का मिलान अंतिम मतदाता सूची से किया जायेगा.

वोटर लिस्ट में कट गये थे 80 लाख संदिग्ध के नाम

नवंबर 2025 में शुरू हुए विशेष मतदाता सूची पुनरीक्षण (SIR) से पहले बंगाल में 7.6 करोड़ वोटर थे. एसआईआर के बाद यह संख्या घटकर 6.8 करोड़ रह गयी. यानी लगभग 80 लाख संदिग्ध नाम वोटर लिस्ट से हटा दिये गये. जिन लोगों के नाम वोटर लिस्ट से कट चुके हैं, उन्हें कल्याणकारी योजनाओं की सूची से भी बाहर कर दिया जायेगा. जरूरत पड़ने पर घर-घर जाकर सत्यापन किया जायेगा, ताकि केवल वास्तविक भारतीय नागरिकों को ही लाभ मिले.

वित्त मंत्री ने बजट में दिये थे सुधार के संकेत

अपना पहला बजट पेश करते हुए वित्त मंत्री स्वपन दासगुप्ता ने बंगाल विधानसभा में कहा था कि सभी मौजूदा सामाजिक सुरक्षा योजनाएं जारी रहेंगी. उनको प्रभावी और पारदर्शी बनाने के लिए जरूरी सुधार किये जायेंगे. इसी कड़ी में सरकार ने हाल ही में आयोजित ‘जनकल्याण शिविरों’ के माध्यम से आये नये आवेदनों की स्क्रूटनी शुरू कर दी है. वृद्धावस्था व विधवा पेंशन जैसी कुछ योजनाओं के वितरण को सत्यापन पूरा होने तक अस्थायी रूप से रोक दिया है. कन्याश्री (96.3 लाख लाभार्थी) और रूपश्री (1.43 लाख लाभार्थी) जैसी बड़ी योजनाओं पर भी कड़ी निगरानी रखी जा रही है.

WB Welfare Schemes: ‘कृषक बंधु’ योजना हुई कबाड़

इस बड़े शुद्धिकरण अभियान के तहत राज्य सरकार ने तृणमूल कांग्रेस की महत्वाकांक्षी कृषक बंधु (Krishak Bandhu) योजना को पूरी तरह से बंद (Scrapped) कर दिया है. अधिकारियों का आरोप है कि इस योजना में बड़े पैमाने पर फर्जीवाड़ा हो रहा था. एक ही जमीन के टुकड़े पर कई-कई लाभार्थी पैसे उठा रहे थे. पुरानी योजना के तहत 1 एकड़ या उससे अधिक भूमि वाले किसानों को 10,000 और छोटे किसानों को 4,000 रुपए सालाना मिलते थे.

भाजपा सरकार देगी 3000 रुपए

भाजपा सरकार ने कृषक बंधु की जगह एक संशोधित ढांचा तैयार किया है, जिसके तहत प्रत्येक किसान को सालाना 3,000 रुपए की वित्तीय सहायता दी जायेगी. कृषि विभाग के अधिकारियों का अनुमान है कि सख्त वेरिफिकेशन के बाद मौजूदा किसान लाभार्थियों में से 40 प्रतिशत से अधिक अपात्र लोगों के नाम सूची से हटा दिये जायेंगे.

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