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वन्यजीवों की सुरक्षा में किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं:वन मंत्री केदार कश्यप

*बारनावापारा अभयारण्य में मृत मिले तीन चीतलों की वैज्ञानिक जांच शुरू*

 

*पोस्टमार्टम कराया गया, ट्रैप कैमरे से हो रही निगरानी*

 

रायपुर, 09 जुलाई 2026/

बारनावापारा अभयारण्य में मृत मिले तीन चीतलों के मामले में वन विभाग ने त्वरित कार्रवाई करते हुए सभी चीतलों का पोस्टमार्टम कराया है। वन विभाग ने स्पष्ट किया है कि मृत्यु के वास्तविक कारणों की पुष्टि वैज्ञानिक एवं विधिसम्मत जांच और पोस्टमार्टम रिपोर्ट मिलने के बाद ही की जाएगी।

 

*दो चीतल आपसी संघर्ष में मृत होने की आशंका*

 

वनमंडलाधिकारी से प्राप्त जानकारी के अनुसार विगत 7 जुलाई को बारनावापारा वन परिक्षेत्र के पकरीद बीट स्थित कक्ष क्रमांक 127 के रामपुर चारागाह में नियमित गश्त के दौरान दो नर चीतल मृत अवस्था में मिले। शासकीय पशु चिकित्सकों द्वारा किए गए पोस्टमार्टम में प्रथम दृष्टया दोनों चीतलों के गले पर आपसी संघर्ष (लड़ाई) के कारण चोट के निशान पाए गए। शरीर पर किसी मांसाहारी वन्यजीव के हमले के संकेत नहीं मिले। हालांकि, मृत्यु के वास्तविक कारणों की पुष्टि विस्तृत पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद ही होगी।

 

*तीसरे चीतल पर हिंसक वन्यप्राणी के हमले के मिले संकेत*

 

कल 8 जुलाई को उसी क्षेत्र में एक अन्य चीतल मृत मिला। प्रारंभिक जांच में उसके गले पर किसी हिंसक वन्यप्राणी के हमले के स्पष्ट निशान पाए गए। घटनास्थल पर चीतल के सभी अंग, सींग और खाल सुरक्षित मिले, जिससे शिकार की आशंका नहीं है।

 

*निगरानी के लिए लगाए गए ट्रैप कैमरे*

 

घटना के बाद वन विभाग ने क्षेत्र की निगरानी बढ़ा दी है। वन्यजीवों की गतिविधियों पर नजर रखने के लिए घटनास्थल पर ट्रैप कैमरा स्थापित किया गया है। साथ ही वन्यजीवों के प्राकृतिक आवास में अनावश्यक हस्तक्षेप किए बिना लगातार निगरानी की जा रही है।

 

*वन मंत्री श्री केदार कश्यप के सख्त निर्देश*

 

वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री श्री केदार कश्यप ने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि वन्यजीवों की सुरक्षा और संरक्षण में किसी भी प्रकार की लापरवाही नहीं होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि घटना की निष्पक्ष, वैज्ञानिक और विधिसम्मत जांच कराई जाए तथा तथ्य सामने आने पर आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। उन्होंने अभयारण्यों में नियमित गश्त और निगरानी को और प्रभावी बनाने के निर्देश भी दिए हैं।

 

*वन्यजीव संरक्षण के लिए विभाग सतर्क*

 

वन विभाग ने बताया कि बारनावापारा अभयारण्य में अधिकारी और कर्मचारी नियमित रूप से गश्त कर रहे हैं। वन्यजीवों की सुरक्षा और संरक्षण सर्वोच्च प्राथमिकता है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट और वैज्ञानिक जांच के आधार पर मृत्यु के वास्तविक कारणों की पुष्टि की जाएगी तथा आवश्यकता अनुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी।

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