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भारत पर 100% टैरिफ लगाने की तैयारी में अमेरिका, लिंडसे ग्राहम ने दिया था 500 प्रतिशत का प्रस्ताव

US Russia Sanctions Bill : अमेरिका में एक नया प्रतिबंध बिल पेश किया गया है, जिसमें भारत समेत पांच देशों पर 100 प्रतिशत तक टैरिफ लगाने का प्रस्ताव है. साल 2025 में अमेरिकी संसद में ‘सैंक्शनिंग रशिया एक्ट’ पेश किया गया था, जिसमें 500 प्रतिशत तक टैरिफ लगाने का प्रस्ताव रखा गया था. भारत और चीन सहित अन्य 5 देशों पर यह कार्रवाई इसलिए की जा सकती है क्योंकि ये रूस से तेल खरीद रहे हैं. इस बिल को व्हाइट हाउस का समर्थन भी मिला है और इसे अगस्त से पहले अमेरिकी संसद से पारित कराने की कोशिश की जा रही है.

किन देशों पर लागू होगा प्रतिबंध?

हिन्दुस्तान टाइम्स की रिपोर्ट के अनुसार अमेरिकी सीनेटर रिचर्ड ब्लूमेंथल ने बताया कि यह प्रस्ताव भारत, चीन, स्लोवाकिया, हंगरी और अज़रबैजान पर लागू हो सकता है. उनका कहना है कि इन देशों द्वारा रूस से तेल खरीदने से रूस को आर्थिक मदद मिल रही है, जिसे रोककर यूक्रेन युद्ध खत्म करने का दबाव बनाया जाएगा.

500 प्रतिशत टैरिफ का था प्रावधान

हालांकि, इस बार लाया गया बिल पहले के मुकाबले थोड़ा नरम है. पिछले प्रस्ताव में रूस से ऊर्जा खरीदने वाले देशों पर 500% तक टैरिफ लगाने की बात कही गई थी, लेकिन उसे ज्यादा समर्थन नहीं मिला था. अब नए बिल में अधिकतम 100% टैरिफ का प्रावधान रखा गया है.

अंतिम फैसला अमेरिकी ट्रेड रिप्रेजेंटेटिव के हाथ

सीनेटर ब्लूमेंथल ने कहा कि किस देश पर कितना टैरिफ लगाया जाएगा, इसका अंतिम फैसला अमेरिकी ट्रेड रिप्रेजेंटेटिव (USTR) करेगा. जरूरत पड़ने पर टैरिफ की दर कम भी की जा सकती है, लेकिन इसके लिए अमेरिकी संसद को जानकारी देनी होगी.

अगस्त से पहले हो सकता है पारित

इस बिल में रूस के ऊर्जा, रक्षा, वित्त और औद्योगिक क्षेत्रों पर भी कड़े प्रतिबंध लगाने का प्रस्ताव शामिल है. अमेरिकी सांसदों को उम्मीद है कि यह बिल अगस्त से पहले पारित हो सकता है. अगर यह कानून बन जाता है, तो भारत और अमेरिका के व्यापारिक रिश्तों पर इसका असर पड़ सकता है. हालांकि, फिलहाल यह सिर्फ एक प्रस्तावित बिल है और इसके कानून बनने की प्रक्रिया अभी बाकी है.

भारत पर क्या पड़ेगा असर

अगर 100 प्रतिशत के टैरिफ वाले इस बिल को अमेरिकी संसद की मंजूरी मिल जाती है तो अमेरिका में बिकने वाले भारतीय प्रोडक्ट पर बुरा असर पड़ेगा. प्रमुख भारतीय उत्पाद जैसे ज्वेलरी, टेक्सटाइल और इंजीनियरिंग के सामान रातों-रात दोगुने महंगे हो जाएंगे.

रूसी तेल पर निर्भरता का संकट

भारत वर्तमान में रूस से भारी मात्रा में डिस्काउंटेड तेल खरीद रहा है. 100% टैरिफ का यह डर भारत को रूस से व्यापार कम करने और मिडिल ईस्ट या खुद अमेरिका से अधिक महंगा तेल खरीदने के लिए मजबूर करने की अमेरिकी रणनीति का हिस्सा है.

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