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राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम से दूरस्थ अंचलों के बच्चों को मिल रहा नया जीवन

*पहाड़ी कोरवा बालिका रेंगची की सफल हृदय सर्जरी, निःशुल्क उपचार से बची जान*

 

रायपुर, 16 जुलाई 2026/ छत्तीसगढ़ शासन की जनकल्याणकारी स्वास्थ्य योजनाएं अब प्रदेश के दूरस्थ और विशेष पिछड़ी जनजाति बहुल क्षेत्रों तक प्रभावी रूप से पहुंच रही हैं। राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम (आरबीएसके) के माध्यम से गंभीर बीमारियों से पीड़ित बच्चों की समय पर पहचान कर उन्हें निःशुल्क उपचार उपलब्ध कराया जा रहा है। इसी कड़ी में बलरामपुर जिले के शंकरगढ़ विकासखंड के ग्राम रजवाढोढ़ी निवासी विशेष पिछड़ी जनजाति पहाड़ी कोरवा समुदाय की चार वर्षीय बालिका रेंगची को सफल हृदय सर्जरी के बाद नया जीवन मिला है।

 

रेंगची जन्मजात हृदय रोग से पीड़ित थी। स्वास्थ्य विभाग की आरबीएसके टीम ने नियमित स्वास्थ्य परीक्षण के दौरान उसकी बीमारी की पहचान की। आवश्यक जांच और विशेषज्ञ चिकित्सकों के परामर्श के बाद उसे रायपुर स्थित श्री सत्य साईं संजीवनी अस्पताल रेफर किया गया, जहां 15 जुलाई को उसकी सफल हृदय सर्जरी की गई। वर्तमान में बालिका स्वस्थ है और चिकित्सकीय निगरानी में तेजी से स्वस्थ हो रही है।

 

रेंगची के परिजनों ने बताया कि उनकी आर्थिक स्थिति ऐसी नहीं थी कि वे इतने बड़े उपचार का खर्च उठा सकें। राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम के तहत पूरी सर्जरी और उपचार निःशुल्क होने से उनकी बेटी को नया जीवन मिला। उन्होंने राज्य शासन, जिला प्रशासन, स्वास्थ्य विभाग और चिकित्सकों के प्रति आभार व्यक्त किया।

 

कलेक्टर श्रीमती चंदन संजय त्रिपाठी के मार्गदर्शन में बलरामपुर जिले में राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम के अंतर्गत बच्चों का नियमित स्वास्थ्य परीक्षण किया जा रहा है। गंभीर बीमारियों से पीड़ित बच्चों की समय पर पहचान कर उन्हें उच्च चिकित्सा संस्थानों में निःशुल्क उपचार के लिए भेजा जा रहा है। इससे विशेष पिछड़ी जनजातियों और दूरस्थ ग्रामीण क्षेत्रों के बच्चों को भी बेहतर स्वास्थ्य सुविधाओं का लाभ मिल रहा है।

 

जिले में राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम के तहत अब तक 88,268 बच्चों की स्वास्थ्य जांच की जा चुकी है। इनमें से 30 बच्चों को गंभीर बीमारियों के उपचार के लिए उच्च चिकित्सा संस्थानों में रेफर किया गया, जबकि 26 बच्चों की विभिन्न प्रकार की निःशुल्क सर्जरी एवं विशेष उपचार सफलतापूर्वक कराए जा चुके हैं। इन प्रयासों से अनेक बच्चों को नया जीवन मिला है और उनके परिवारों को आर्थिक राहत भी मिली है।

 

राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम प्रदेश के बच्चों के लिए जीवनदायिनी पहल बनकर उभरा है, जो समय पर पहचान, निःशुल्क उपचार और गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाओं के माध्यम से स्वस्थ एवं सुरक्षित बचपन सुनिश्चित करने की दिशा में प्रभावी भूमिका निभा रहा है।

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